उत्साह / अट नहीं रही है
Class 10 Hindi | Important Question Bank
📚 पद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"बादल, गरजो!
घेर घेर घोर गगन, धाराधर ओ!
ललित ललित, काले घुँघराले,
बाल कल्पना के-से पाले,
विद्युत्-छवि उर में, कवि नवजीवन वाले!"
घेर घेर घोर गगन, धाराधर ओ!
ललित ललित, काले घुँघराले,
बाल कल्पना के-से पाले,
विद्युत्-छवि उर में, कवि नवजीवन वाले!"
(क) कवि बादल से क्या करने को कह रहा है?
Imp.
उत्तर: कवि बादल से रिमझिम बरसने के लिए नहीं, बल्कि जोर से गरजने (आवाज करने) के लिए कह रहा है ताकि लोगों में जोश आ सके।
(ख) बादलों की तुलना किससे की गई है?
उत्तर: बादलों की तुलना छोटे बच्चे की 'काली घुंघराली कल्पना' से की गई है। जैसे बच्चे की कल्पना बदलती रहती है, वैसे ही बादलों का रूप भी बदलता रहता है।
(ग) 'विद्युत्-छवि उर में' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि बादल के हृदय (उर) में बिजली (वज्र) छिपी हुई है, जो शक्ति और क्रांति का प्रतीक है।
"विकल विकल, उन्मन थे उन्मन,
विश्व के निदाघ के सकल जन,
आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!
तप्त धरा, जल से फिर
शीतल कर दो—
बादल, गरजो!"
विश्व के निदाघ के सकल जन,
आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!
तप्त धरा, जल से फिर
शीतल कर दो—
बादल, गरजो!"
(क) 'निदाघ' का क्या अर्थ है? लोग क्यों परेशान थे?
Imp.
उत्तर: 'निदाघ' का अर्थ है - भीषण गर्मी। संसार के सभी लोग तेज गर्मी और तपिश के कारण बेचैन (विकल) और उदास (उन्मन) थे।
(ख) 'अज्ञात दिशा से' कौन आए?
उत्तर: 'अज्ञात दिशा' (अनजान तरफ) से आकाश में ढेरों बादल (घन) घिर आए।
(ग) 'तप्त धरा' का सांकेतिक अर्थ क्या है?
उत्तर: इसका सीधा अर्थ है 'तपती हुई धरती'। सांकेतिक रूप में इसका अर्थ है - दुखों और कष्टों से पीड़ित जनता, जिसे बादल (क्रांति) ही सुख दे सकते हैं।
"आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।
कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम, पर-पर कर देते हो।"
कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम, पर-पर कर देते हो।"
(क) 'आभा फागुन की' से कवि का क्या तात्पर्य है?
Imp.
उत्तर: इसका तात्पर्य फागुन महीने (वसंत ऋतु) की सुंदरता और चमक से है। इस समय प्रकृति सबसे सुंदर रूप में होती है।
(ख) 'सट नहीं रही है' का भाव स्पष्ट करें।
उत्तर: इसका भाव यह है कि फागुन की सुंदरता इतनी ज्यादा है कि वह प्रकृति (तन) में समा नहीं पा रही है, वह बाहर छलक रही है।
(ग) 'साँस लेने' का क्या परिणाम होता है?
उत्तर: जब फागुन साँस लेता है, तो फूलों की खुशबू हवा में उड़ती है और हर घर महक उठता है।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. कवि बादल से गरजने के लिए क्यों कहता है?
2025
a) लोगों को डराने के लिए
b) परिवर्तन लाने के लिए
c) राहत देने के लिए
d) हरियाली लाने के लिए
उत्तर: b) परिवर्तन लाने के लिए
b) परिवर्तन लाने के लिए
c) राहत देने के लिए
d) हरियाली लाने के लिए
उत्तर: b) परिवर्तन लाने के लिए
Q2. 'उत्साह' किस प्रकार का गीत है?
उत्तर: यह एक 'आह्वान गीत' (बुलाने वाला गीत) है, जो क्रांति और जोश का संदेश देता है।
Q3. 'अट नहीं रही है' कविता में किस महीने का वर्णन है?
Imp.
उत्तर: इसमें 'फागुन' (मार्च) महीने की सुंदरता और वसंत ऋतु का वर्णन है।
Q4. बादल के हृदय में क्या छिपा है?
उत्तर: बादल के हृदय में 'वज्र' (बिजली/शक्ति) छिपी है जो नवनिर्माण कर सकती है।
Q5. 'पर-पर कर देते हो' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है - पक्षियों को उड़ने के लिए पंख देना या मन को कल्पनाओं की उड़ान भरने के लिए प्रेरित करना।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. कवि ने बादलों को 'नवजीवन वाले' क्यों कहा है?
Imp.
उत्तर: बादल दो काम करते हैं:
1. बारिश करके गर्मी से तपती धरती को ठंडक देते हैं।
2. सूखी धरती पर फिर से हरियाली लाकर 'नया जीवन' देते हैं।
इसलिए उन्हें नवजीवन वाला कहा गया है।
1. बारिश करके गर्मी से तपती धरती को ठंडक देते हैं।
2. सूखी धरती पर फिर से हरियाली लाकर 'नया जीवन' देते हैं।
इसलिए उन्हें नवजीवन वाला कहा गया है।
Q2. 'कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो' - पंक्ति का अर्थ लिखें।
Imp.
उत्तर: कवि कहते हैं कि फागुन महीने में जब हवा चलती है (प्रकृति साँस लेती है), तो वह अपने साथ फूलों की महक (सुगंध) लेकर आती है। इस खुशबू से हर घर और कोना भर जाता है।
Q3. कवि बादल से 'रिमझिम' बरसने के बजाय 'गरजने' के लिए क्यों कहता है?
2014
उत्तर: 'रिमझिम' बरसना कोमलता का प्रतीक है, जबकि 'गरजना' विद्रोह और क्रांति का प्रतीक है। कवि समाज में बदलाव और जोश लाना चाहते हैं, इसलिए वे बादलों को गरजने (शोर मचाने) के लिए कहते हैं।
Q4. फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से अलग है?
उत्तर: फागुन (वसंत) में न ज्यादा सर्दी होती है, न ज्यादा गर्मी। पेड़-पौधे नए पत्तों और रंग-बिरंगे फूलों से लद जाते हैं। वातावरण खुशबूदार और मादक (नशीला) हो जाता है, जो बाकी मौसमों में नहीं होता।
Q5. 'पाश' और 'वज्र' किसके प्रतीक हैं?
उत्तर: कविता में ये शब्द कठोरता और शक्ति के प्रतीक हैं। कवि चाहते हैं कि समाज से बुराई को मिटाने के लिए बादल (कवि) अपनी कविता में बिजली जैसी शक्ति भर दें।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. कविता का शीर्षक 'उत्साह' क्यों रखा गया है?
2014, 2025
उत्तर: इस कविता का शीर्षक 'उत्साह' इसलिए रखा गया है क्योंकि:
1. यह एक आह्वान गीत है जो सोए हुए लोगों को जगाने के लिए है।
2. कवि बादलों के 'गरजने' के माध्यम से लोगों के मन में क्रांति, जोश और नया उत्साह भरना चाहते हैं।
3. यह उदासी को दूर कर जीवन में नई उमंग लाने का संदेश देता है।
1. यह एक आह्वान गीत है जो सोए हुए लोगों को जगाने के लिए है।
2. कवि बादलों के 'गरजने' के माध्यम से लोगों के मन में क्रांति, जोश और नया उत्साह भरना चाहते हैं।
3. यह उदासी को दूर कर जीवन में नई उमंग लाने का संदेश देता है।
Q2. कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?
2009, 2012, 2015, 2017
उत्तर: कवि की आँख फागुन की सुंदरता से इसलिए नहीं हट रही क्योंकि:
1. चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा हुआ है।
2. पेड़ लाल-हरे पत्तों से लदे हैं और फूल खिल रहे हैं।
3. यह दृश्य इतना मनमोहक और आकर्षक है कि कवि चाहकर भी अपनी नजरें हटा नहीं पा रहे हैं, वे इस सुंदरता में खो गए हैं।
1. चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा हुआ है।
2. पेड़ लाल-हरे पत्तों से लदे हैं और फूल खिल रहे हैं।
3. यह दृश्य इतना मनमोहक और आकर्षक है कि कवि चाहकर भी अपनी नजरें हटा नहीं पा रहे हैं, वे इस सुंदरता में खो गए हैं।
Q3. 'उत्साह' कविता में बादल किन-किन अर्थों की ओर संकेत करता है?
Imp.
उत्तर: 'उत्साह' कविता में बादल तीन प्रमुख अर्थों की ओर संकेत करता है:
1. पीड़ितों की प्यास बुझाने वाला: जल बरसाकर गर्मी से राहत देने वाला।
2. क्रांति का दूत: अपनी गर्जना से समाज में बदलाव लाने वाला।
3. नवजीवन का प्रतीक: नई फसल और नया जीवन देने वाला।
1. पीड़ितों की प्यास बुझाने वाला: जल बरसाकर गर्मी से राहत देने वाला।
2. क्रांति का दूत: अपनी गर्जना से समाज में बदलाव लाने वाला।
3. नवजीवन का प्रतीक: नई फसल और नया जीवन देने वाला।
Q4. 'पाटना' और 'अटना' शब्दों में क्या अंतर है?
उत्तर:
• अटना: इसका अर्थ है 'समाना' (To fit inside)। जैसे फागुन की सुंदरता प्रकृति में समा नहीं पा रही है।
• पाटना: इसका अर्थ है 'भर देना' (To fill completely)। जैसे फूलों ने डालियों को पूरी तरह पाट (भर) दिया है।
कवि ने इन शब्दों का प्रयोग प्रकृति की प्रचुरता (abundance) दिखाने के लिए किया है।
• अटना: इसका अर्थ है 'समाना' (To fit inside)। जैसे फागुन की सुंदरता प्रकृति में समा नहीं पा रही है।
• पाटना: इसका अर्थ है 'भर देना' (To fill completely)। जैसे फूलों ने डालियों को पूरी तरह पाट (भर) दिया है।
कवि ने इन शब्दों का प्रयोग प्रकृति की प्रचुरता (abundance) दिखाने के लिए किया है।
Q5. कवि ने बादलों को 'अनंत के घन' क्यों कहा है?
उत्तर: 'अनंत' का अर्थ है आकाश (जिसका कोई अंत न हो) या ईश्वर। कवि ने बादलों को 'अनंत के घन' इसलिए कहा है क्योंकि वे अज्ञात दिशा से आते हैं और पूरे आकाश में फैल जाते हैं। वे बंधन मुक्त हैं और व्यापक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. 'उत्साह' कविता का मूल भाव (Central Idea) स्पष्ट कीजिए।
Imp.
उत्तर: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी द्वारा रचित 'उत्साह' एक क्रांतिकारी गीत है।
इसका मूल भाव यह है:
इसका मूल भाव यह है:
- कवि चाहते हैं कि समाज में जो लोग दुख, शोषण और निराशा में जी रहे हैं, उनमें बदलाव आए।
- वे 'बादल' को क्रांति का प्रतीक मानते हैं। जैसे बादल गर्मी (कष्ट) को दूर करके ठंडक (सुख) देता है, वैसे ही क्रांति समाज के दुखों को दूर करती है।
- कवि बादलों से 'गरजने' का आग्रह करते हैं ताकि लोगों के सोए हुए स्वाभिमान और उत्साह को जगाया जा सके। यह कविता पौरुष और कर्मठता का संदेश देती है।
Q2. 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर वसंत ऋतु (फागुन) की शोभा का वर्णन अपने शब्दों में करें।
Imp.
उत्तर: 'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन (वसंत) की सुंदरता का बहुत ही सजीव चित्रण किया है:
- सर्वव्यापक सुंदरता: फागुन की सुंदरता इतनी ज्यादा है कि वह प्रकृति में समा नहीं पा रही है, वह हर जगह छलक रही है।
- पेड़-पौधे: पेड़ों की डालियाँ नए-नए कोमल पत्तों से लद गई हैं। कहीं पत्ते हरे हैं तो कहीं लाल।
- पुष्प-माला: ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने अपने गले में भीनी-भीनी खुशबू वाली फूलों की माला पहन ली हो।
- सुगंधित वातावरण: हवा सुगंधित हो गई है। यह खुशबू हर घर और हर व्यक्ति के मन को प्रसन्नता से भर देती है।
- कवि इस दृश्य से इतना मंत्रमुग्ध है कि वह अपनी आँखें हटा नहीं पा रहा है।
Q3. सामाजिक क्रांति में साहित्य (कवि) की क्या भूमिका होती है? 'उत्साह' कविता के संदर्भ में बताइए।
Value Based
उत्तर: साहित्य और कवि समाज में बदलाव लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
'उत्साह' कविता के अनुसार:
'उत्साह' कविता के अनुसार:
- जिस प्रकार बादल में 'वज्र' (बिजली) की शक्ति छिपी होती है, उसी प्रकार कवि की कलम में शब्दों की शक्ति होती है।
- कवि अपनी रचनाओं से निराश लोगों के मन में नई आशा और 'उत्साह' भर सकता है।
- 'बादल' यहाँ कवि का ही प्रतीक है। निराला जी कहते हैं कि हे कवि! तुम भी बादलों की तरह गरजो और अपनी ओजस्वी (जोशीली) कविताओं से समाज में फैली बुराइयों और शोषण के खिलाफ क्रांति पैदा करो।
- साहित्य ही सोए हुए समाज को जगाकर उसे 'नवजीवन' दे सकता है।