यह दंतुरित मुस्कान / फसल
Class 10 Hindi | Important Question Bank
📚 पद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान
मृतक में भी डाल देगी जान
धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात...
छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात"
मृतक में भी डाल देगी जान
धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात...
छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात"
(क) 'दंतुरित मुस्कान' का क्या अर्थ है?
Imp.
उत्तर: 'दंतुरित मुस्कान' का अर्थ है - छोटे बच्चे की वह मुस्कान जिसमें उसके नए-नए उगते हुए दाँत दिखाई देते हैं।
(ख) 'मृतक में भी डाल देगी जान' का भाव स्पष्ट करें।
उत्तर: इसका भाव यह है कि बच्चे की मुस्कान इतनी मनमोहक है कि उसे देखकर एक निराश, हताश और उदास व्यक्ति (मृतक समान) के मन में भी जीने की इच्छा (जान) जाग उठती है।
(ग) 'जलजात' किसे कहा गया है और वह कहाँ खिल रहा है?
उत्तर: 'जलजात' का अर्थ है - कमल। कवि बच्चे को कमल कह रहे हैं। उन्हें लगता है कि कमल तालाब छोड़कर उनकी गरीब झोपड़ी में खिल गया है।
"छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल
बाँस था कि बबूल
तुम मुझे पाए नहीं पहचान?
देखते ही रहोगे अनिमेश!"
बाँस था कि बबूल
तुम मुझे पाए नहीं पहचान?
देखते ही रहोगे अनिमेश!"
(क) 'बाँस' और 'बबूल' किसके प्रतीक हैं?
Imp.
उत्तर: 'बाँस' और 'बबूल' कठोर और नीरस हृदय वाले व्यक्ति के प्रतीक हैं। कवि खुद को बाँस और बबूल जैसा कठोर मानते हैं, जो बच्चे के स्पर्श से कोमल हो गया।
(ख) 'शेफालिका के फूल झरने' का क्या आशय है?
उत्तर: इसका आशय है कि बच्चे के कोमल स्पर्श से कवि का कठोर मन पिघल गया और उसमें प्रेम और वात्सल्य की धारा बहने लगी (फूल झरने लगे)।
(ग) बच्चा कवि को 'अनिमेश' क्यों देख रहा है?
उत्तर: 'अनिमेश' का अर्थ है - बिना पलक झपकाए (लगातार)। बच्चा कवि (अपने पिता) को पहली बार देख रहा है और उन्हें पहचान नहीं पा रहा, इसलिए वह उन्हें हैरानी से लगातार देख रहा है।
"एक के नहीं, दो के नहीं,
ढेर सारी नदियों के पानी का जादू:
एक के नहीं, दो के नहीं,
लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा"
ढेर सारी नदियों के पानी का जादू:
एक के नहीं, दो के नहीं,
लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा"
(क) 'नदियों के पानी का जादू' से क्या तात्पर्य है?
Imp.
उत्तर: इसका तात्पर्य सिंचाई से है। अलग-अलग नदियों का जल जब खेतों में पहुँचता है, तो वह फसल को जीवन देता है, जैसे कोई जादू असर कर रहा हो।
(ख) 'कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा' किसकी ओर संकेत है?
उत्तर: यह करोड़ों किसानों और मजदूरों की मेहनत की ओर संकेत है। फसल केवल प्रकृति से नहीं, बल्कि इंसान की दिन-रात की मेहनत से उगती है।
(ग) यहाँ किस बात पर जोर दिया गया है?
उत्तर: यहाँ सामूहिकता (Unity) पर जोर दिया गया है। फसल किसी एक व्यक्ति या एक नदी का परिणाम नहीं, बल्कि सबके सहयोग का फल है।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. बच्चे की मुस्कान का कवि पर क्या असर होता है?
उत्तर: कवि का निराश मन प्रसन्न हो जाता है और उन्हें लगता है कि उनकी झोपड़ी में कमल खिल उठे हैं।
Q2. 'मधुपर्क' का क्या अर्थ है?
Imp.
उत्तर: 'मधुपर्क' पाँच चीजों (दूध, दही, घी, शहद, जल) का मिश्रण है, जिसे माँ बच्चे को प्यार से चटाती है।
Q3. फसल किसका रूपांतरण है?
2025
उत्तर: फसल सूरज की किरणों का रूपांतरण (बदला हुआ रूप) है (प्रकाश संश्लेषण के द्वारा)।
Q4. 'सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का' - इसका क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है कि हवा फसल को बढ़ने में मदद करती है और जब फसल लहलहाती है, तो उसमें हवा का रूप दिखाई देता है।
Q5. बच्चे की माँ का क्या योगदान है?
उत्तर: माँ ही वह माध्यम है जिसने बच्चे को कवि से मिलवाया। माँ के बिना कवि इस मुस्कान को नहीं देख पाते।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. 'धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात' का क्या अर्थ है?
Imp.
उत्तर: इसका अर्थ है - धूल से सने हुए शरीर। बच्चा जब जमीन पर खेलता है तो उसका शरीर धूल से भर जाता है। कवि को धूल से सना बच्चा बहुत सुंदर और प्यारा लगता है।
Q2. 'पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण' - यह पंक्ति क्यों कही गई है?
उत्तर: यह पंक्ति बच्चे की मुस्कान की शक्ति बताने के लिए कही गई है। उसका स्पर्श और हँसी इतनी जादुई है कि पत्थर (पाषाण) जैसा कठोर दिल वाला इंसान भी पिघलकर पानी (भावुक) बन जाता है।
Q3. फसल में 'मिट्टी का गुण-धर्म' कैसे शामिल है?
2016
उत्तर: हर मिट्टी (काली, भूरी, संदली) की अपनी खुशबू और उपजाऊ शक्ति होती है। फसल उसी मिट्टी के पोषक तत्वों को सोखकर बड़ी होती है, इसलिए उसमें मिट्टी का गुण-धर्म मिला होता है।
Q4. कवि बच्चे से अपनी पहचान क्यों नहीं बना पाया?
उत्तर: क्योंकि कवि घुमक्कड़ स्वभाव के हैं और अक्सर घर से बाहर (प्रवास पर) रहते हैं। वे बच्चे से बहुत दिनों बाद मिले हैं, इसलिए बच्चा उन्हें पहचान नहीं पा रहा है।
Q5. 'फसल' कविता हमें क्या संदेश देती है?
उत्तर: यह कविता हमें सहयोग का संदेश देती है। कोई भी बड़ा काम (जैसे फसल उगाना) अकेले नहीं होता। इसमें प्रकृति (हवा, पानी, धूप) और इंसान की मेहनत दोनों की जरूरत होती है।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. कवि के अनुसार फसल क्या है?
2009, 2012, 2018, 2025
उत्तर: कवि नागार्जुन के अनुसार, फसल किसी एक चीज का परिणाम नहीं है, बल्कि यह कई तत्वों का सामूहिक रूप (Combination) है। यह:
1. नदियों के पानी का जादू है।
2. करोड़ों किसानों की मेहनत (हाथों के स्पर्श की गरिमा) है।
3. मिट्टी का गुण-धर्म, सूर्य की किरणों का रूपांतरण और हवा की थिरकन का मिला-जुला नतीजा है।
1. नदियों के पानी का जादू है।
2. करोड़ों किसानों की मेहनत (हाथों के स्पर्श की गरिमा) है।
3. मिट्टी का गुण-धर्म, सूर्य की किरणों का रूपांतरण और हवा की थिरकन का मिला-जुला नतीजा है।
Q2. बच्चे की दंतुरित मुस्कान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
2016
उत्तर: बच्चे की दंतुरित मुस्कान कवि के मन पर जादुई असर करती है:
1. कवि की सारी उदासी और थकान गायब हो जाती है।
2. उन्हें लगता है कि 'मृतक' (निराश व्यक्ति) में भी जान आ गई है।
3. उनका पत्थर जैसा कठोर दिल पिघल जाता है और मन प्यार (वात्सल्य) से भर जाता है।
1. कवि की सारी उदासी और थकान गायब हो जाती है।
2. उन्हें लगता है कि 'मृतक' (निराश व्यक्ति) में भी जान आ गई है।
3. उनका पत्थर जैसा कठोर दिल पिघल जाता है और मन प्यार (वात्सल्य) से भर जाता है।
Q3. कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्त्व कौन-कौन से बताए गए हैं?
2016
उत्तर: कविता के अनुसार फसल के लिए 5 मुख्य तत्व जरुरी हैं:
- पानी: (नदियों का जल)।
- मिट्टी: (मिट्टी का गुण-धर्म)।
- धूप: (सूरज की किरणों का रूपांतरण)।
- हवा: (हवा की थिरकन)।
- मनुष्य का श्रम: (किसानों के हाथों का स्पर्श)।
Q4. बच्चे की माँ के प्रति कवि ने क्या भाव व्यक्त किए हैं?
उत्तर: कवि बच्चे की माँ के प्रति कृतज्ञता (Thankfulness) का भाव व्यक्त करते हैं। वे कहते हैं, "धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य"। क्योंकि माँ ही वह माध्यम है जिसने बच्चे को जन्म दिया और कवि को उस सुंदर मुस्कान को देखने का मौका दिया। अगर माँ न होती, तो कवि इस सुख से वंचित रह जाते।
Q5. 'हवा की थिरकन का सिमटा हुआ संकोच' - इसे स्पष्ट करें।
उत्तर: हवा पौधों को हिलने-डुलने और बढ़ने में मदद करती है। जब फसल तैयार होकर खेत में लहराती है, तो ऐसा लगता है मानो हवा खुद उस फसल के अंदर समा गई है (सिमट गई है)। फसल का हिलना हवा की मौजूदगी का सबूत है।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. बच्चे की मुस्कान और एक बड़े व्यक्ति की मुस्कान में क्या अंतर है?
2009, 2017, 2019, 2023
उत्तर: बच्चे की मुस्कान और बड़े व्यक्ति की मुस्कान में जमीन-आसमान का अंतर होता है:
बच्चे की मुस्कान:
बच्चे की मुस्कान:
- निश्छल और भोली: इसमें कोई स्वार्थ या बनावटीपन नहीं होता।
- सहज: यह दिल की खुशी को सीधे प्रकट करती है।
- संक्रामक: इसे देखकर कोई भी खुश हो जाता है, यह पराये को भी अपना बना लेती है।
- बनावटी: इसमें अक्सर शिष्टाचार या दिखावा होता है।
- स्वार्थ: बड़ों की मुस्कान के पीछे कोई मतलब या उद्देश्य छिपा हो सकता है।
- यह परिस्थिति के अनुसार बदलती रहती है, जबकि बच्चे की मुस्कान हमेशा पवित्र होती है।
Q2. 'फसल' कविता का मूल भाव (Central Idea) क्या है?
Imp.
उत्तर: 'फसल' कविता हमें यह बताती है कि इस दुनिया में कोई भी सृजन (Creation) अकेले नहीं होता।
मुख्य बिंदु:
मुख्य बिंदु:
- प्रकृति और मनुष्य का सहयोग: फसल उगाने में प्रकृति (हवा, पानी, धूप, मिट्टी) का जितना योगदान है, उतना ही योगदान मनुष्य की मेहनत (किसान के हाथ) का भी है।
- सामूहिकता: यह कविता 'मैं' की जगह 'हम' की भावना पर जोर देती है। लाखों नदियों का पानी और करोड़ों हाथों की मेहनत मिलकर ही फसल तैयार करती है।
- उपभोक्ता संस्कृति पर चोट: आज हम खाने की चीजों को बस एक 'प्रोडक्ट' समझते हैं, लेकिन यह कविता हमें याद दिलाती है कि उसके पीछे कितना बड़ा कुदरती और मानवीय प्रयास छिपा है।
Q3. नागार्जुन ने बच्चे की मुस्कान के सौंदर्य को किन-किन बिम्बों (Images) के माध्यम से व्यक्त किया है?
2014, 2018
उत्तर: कवि नागार्जुन ने बच्चे की सुंदरता को दिखाने के लिए बहुत ही प्यारे उदाहरण (बिम्ब) दिए हैं:
- कमल का खिलना: बच्चे का धूल से भरा शरीर ऐसा लगता है जैसे तालाब छोड़कर कमल का फूल उनकी झोपड़ी में खिल गया हो।
- पत्थर का पिघलना: उसकी मुस्कान इतनी कोमल है कि कठोर पत्थर भी पिघलकर पानी बन जाए।
- शेफालिका के फूल: बच्चे को छूते ही नीरस बाँस या बबूल के पेड़ से भी सुंदर शेफालिका के फूल झरने लगते हैं (मतलब रूखा इंसान भी भावुक हो जाता है)।
- मृतक में जान: उसकी हँसी मरे हुए (निराश) इंसान में भी जीवन भर देती है।