संगतकार (Sangatkar)
Class 10 Hindi | Important Question Bank
📚 पद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"मुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वर का साथ देती
वह आवाज सुंदर कमजोर कांपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य"
वह आवाज सुंदर कमजोर कांपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य"
(क) 'चट्टान जैसा भारी स्वर' किसका है?
Imp.
उत्तर: 'चट्टान जैसा भारी स्वर' मुख्य गायक (Lead Singer) का है। इसका अर्थ है कि उसकी आवाज़ बहुत गंभीर और दमदार है।
(ख) संगतकार की आवाज़ कैसी बताई गई है?
उत्तर: संगतकार की आवाज़ सुंदर, कमजोर और कांपती हुई बताई गई है। वह जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से नीचा रखता है।
(ग) संगतकार मुख्य गायक का कौन हो सकता है?
उत्तर: कवि अनुमान लगाते हैं कि वह मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या कोई दूर का रिश्तेदार हो सकता है जो सीखने आया हो।
"तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ"
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ"
(क) 'तारसप्तक' का क्या अर्थ है?
Imp.
उत्तर: 'तारसप्तक' का अर्थ है - संगीत का ऊँचा स्वर (High Pitch)। जब गायक बहुत ऊँची आवाज में गाता है।
(ख) 'राख जैसा कुछ गिरता हुआ' का क्या आशय है?
उत्तर: इसका आशय है - आवाज़ का बुझना या डूबना। जब गाते-गाते मुख्य गायक का गला थक जाता है और उसकी आवाज़ बेसुरी होने लगती है, जैसे जलती हुई आग बुझकर राख हो रही हो।
(ग) उस समय मुख्य गायक की मदद कौन करता है?
उत्तर: उस कठिन समय में संगतकार अपनी आवाज़ देकर मुख्य गायक को संभालता है और उसे बिखरने से बचाता है।
"और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।"
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।"
(क) संगतकार की आवाज़ में 'हिचक' क्यों है?
Imp.
उत्तर: यह हिचक डर के कारण नहीं, बल्कि 'संकोच' और 'आदर' के कारण है। वह जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से आगे नहीं निकलने देता।
(ख) कवि ने संगतकार के कार्य को 'मनुष्यता' क्यों कहा है?
उत्तर: क्योंकि वह खुद योग्य होते हुए भी अपने गुरु या मुख्य गायक का मान रखने के लिए पीछे रहता है। अपना त्याग करके दूसरों को आगे बढ़ाना ही सच्ची मनुष्यता (Humanity) है।
(ग) लोग संगतकार की इस कोशिश को क्या समझते हैं?
उत्तर: लोग गलती से इसे उसकी कमजोरी या विफलता समझते हैं, जबकि यह उसकी महानता है।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. मुख्य गायक को धीरज बँधाने का काम प्रायः कौन करता है?
2025
a) श्रोता
b) वक्ता
c) संगतकार
d) आयोजक
उत्तर: c) संगतकार
b) वक्ता
c) संगतकार
d) आयोजक
उत्तर: c) संगतकार
Q2. मुख्य गायक की आवाज कैसी थी?
2024
a) मधुर
b) कर्कश
c) चट्टान जैसी भारी
d) कमजोर
उत्तर: c) चट्टान जैसी भारी
b) कर्कश
c) चट्टान जैसी भारी
d) कमजोर
उत्तर: c) चट्टान जैसी भारी
Q3. 'अनहद' शब्द का कविता में क्या अर्थ है?
Imp.
उत्तर: 'अनहद' का अर्थ है - असीम मस्ती या नाद। जब गायक गाते-गाते किसी दूसरी ही दुनिया (डिवाइन) में खो जाता है।
Q4. संगतकार मुख्य गायक को क्या याद दिलाता है?
उत्तर: वह उसे उसका बचपन (नौसिखिया रूप) याद दिलाता है जब वह सीख रहा था, ताकि गायक घबराए नहीं।
Q5. 'जटिल तानों के जंगल' में खोने का क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है - सुर और ताल के मुश्किल उतार-चढ़ाव में भटक जाना।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. संगतकार का स्वर मुख्य गायक के स्वर से धीमा क्यों रहता है?
Imp.
उत्तर: संगतकार जानबूझकर अपना स्वर धीमा रखता है ताकि मुख्य गायक की आवाज़ प्रमुख और प्रभावशाली बनी रहे। यह उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि मुख्य गायक के प्रति सम्मान है।
Q2. 'ढाँढस बँधाना' का क्या अर्थ है? संगतकार यह कैसे करता है?
उत्तर: 'ढाँढस बँधाना' का अर्थ है - हिम्मत देना। जब मुख्य गायक का गला बैठने लगता है, तो संगतकार अपनी आवाज़ मिलाकर उसे एहसास दिलाता है कि वह अकेला नहीं है।
Q3. 'नौसिखिया' किसे कहा गया है और क्यों?
उत्तर: 'नौसिखिया' (नया सीखने वाला) मुख्य गायक के बचपन के रूप को कहा गया है। संगतकार उसे याद दिलाता है कि कभी वह भी नौसिखिया था, इसलिए गलती होने पर घबराना नहीं चाहिए।
Q4. संगतकार की भूमिका को 'त्याग' क्यों माना जाता है?
2014
उत्तर: संगतकार में प्रतिभा होती है, वह चाहे तो मुख्य गायक से अच्छा गा सकता है। लेकिन वह अपनी प्रसिद्धि का त्याग करके मुख्य गायक को सफल बनाने के लिए पीछे रहता है।
Q5. 'सरगम को लाँघना' क्या होता है?
उत्तर: जब गायक अपनी लय और सुर की सीमा से भटक जाता है, तो उसे 'सरगम को लाँघना' कहते हैं। ऐसे समय में संगतकार ही मूल सुर (टेर) को पकड़कर रखता है।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?
2009, 2010, 2013
उत्तर: संगतकार के माध्यम से कवि उन सहायक कलाकारों और सहयोगियों की ओर संकेत कर रहे हैं जो:
1. हमेशा पर्दे के पीछे रहते हैं।
2. मुख्य कलाकार (नायक) की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
3. अपनी प्रतिभा और महत्वाकांक्षा को छोड़कर, निःस्वार्थ भाव से दूसरों को सफल बनाने के लिए काम करते हैं (जैसे फिल्म में साइड एक्टर, वाद्य यंत्र बजाने वाले आदि)।
1. हमेशा पर्दे के पीछे रहते हैं।
2. मुख्य कलाकार (नायक) की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
3. अपनी प्रतिभा और महत्वाकांक्षा को छोड़कर, निःस्वार्थ भाव से दूसरों को सफल बनाने के लिए काम करते हैं (जैसे फिल्म में साइड एक्टर, वाद्य यंत्र बजाने वाले आदि)।
Q2. 'संगतकार' कविता का उद्देश्य या संदेश क्या है?
Imp.
उत्तर: इस कविता का उद्देश्य उन 'अनजान' लोगों के महत्त्व को बताना है जो किसी और की सफलता की नींव बनते हैं।
कवि कहना चाहते हैं कि दुनिया में सिर्फ मुख्य (Lead) व्यक्ति ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसका साथ देने वाले (Support System) भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उनकी 'मनुष्यता' और त्याग का सम्मान होना चाहिए।
कवि कहना चाहते हैं कि दुनिया में सिर्फ मुख्य (Lead) व्यक्ति ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसका साथ देने वाले (Support System) भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उनकी 'मनुष्यता' और त्याग का सम्मान होना चाहिए।
Q3. संगतकार जैसे व्यक्ति हमारे जीवन में किन-किन रूपों में मिलते हैं?
Value Based
उत्तर: संगतकार सिर्फ संगीत में नहीं होते, वे हर जगह हैं:
• खेल में: टीम के वो खिलाड़ी जो कप्तान को जिताने के लिए खेलते हैं।
• राजनीति में: कार्यकर्ता जो नेता को चुनाव जिताते हैं।
• सिनेमा में: स्टंटमैन या मेकअप आर्टिस्ट।
• परिवार में: माता-पिता जो बच्चों की सफलता के लिए अपनी खुशियाँ त्याग देते हैं।
• खेल में: टीम के वो खिलाड़ी जो कप्तान को जिताने के लिए खेलते हैं।
• राजनीति में: कार्यकर्ता जो नेता को चुनाव जिताते हैं।
• सिनेमा में: स्टंटमैन या मेकअप आर्टिस्ट।
• परिवार में: माता-पिता जो बच्चों की सफलता के लिए अपनी खुशियाँ त्याग देते हैं।
Q4. संगतकार की हिचक को उसकी 'मनुष्यता' क्यों कहा गया है?
उत्तर: आमतौर पर लोग आगे बढ़ने की होड़ में दूसरों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन संगतकार ऐसा नहीं करता। वह अपने स्वर को ऊँचा न उठाकर अपने साथी (मुख्य गायक) का मान रखता है। दूसरों के लिए अपने अहंकार को छोड़ना ही सच्ची मनुष्यता है, न कि कमजोरी।
Q5. 'तपते हुए गरज में वह अपना गूँज मिलाता आया है' - इसका भाव क्या है?
उत्तर: मुख्य गायक की आवाज़ बहुत गंभीर और भारी (गरज) होती है। संगतकार हमेशा से (प्राचीन काल से) अपनी कोमल गूँज उसमें मिलाता आया है ताकि गाना सुनने में मधुर लगे और गायक को अकेलापन महसूस न हो। यह उसका समर्पण दर्शाता है।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?
2009, 2016
उत्तर: संगतकार एक सच्चे मित्र और सहयोगी की तरह मुख्य गायक की कई रूपों में मदद करते हैं:
- स्वर में स्वर मिलाना: वे मुख्य गायक की भारी आवाज़ में अपनी सुंदर और कोमल आवाज़ मिलाकर गाने को मधुर बनाते हैं।
- अकेलापन दूर करना: जब गायक गाते-गाते थक जाता है या उसका गला बैठने लगता है, तो संगतकार गाकर उसे ढाँढस बँधाते हैं कि "तुम अकेले नहीं हो"।
- सुर संभालना: जब मुख्य गायक मुश्किल तानों के जंगल में भटक जाता है (सुर भूल जाता है), तो संगतकार ही मुख्य पंक्ति (टेर) को पकड़कर रखता है और उसे वापस लाता है।
- सम्मान बचाना: वे जानबूझकर अपनी आवाज़ नीची रखते हैं ताकि मुख्य गायक का प्रभाव कम न हो।
Q2. 'संगतकार' कविता के आधार पर बताइए कि किसी कार्य की सफलता में सहयोगियों की क्या भूमिका होती है?
Imp.
उत्तर: किसी भी बड़े कार्य की सफलता में 'सहयोगियों' (Support System) की भूमिका रीढ़ की हड्डी (Backbone) जैसी होती है।
- नींव के पत्थर: जिस तरह इमारत की सुंदरता सबको दिखती है लेकिन नींव के पत्थर नहीं दिखते, वैसे ही सहयोगी अपनी पहचान छुपाकर मुख्य व्यक्ति को सफल बनाते हैं।
- कठिन समय का सहारा: जब लीडर (मुख्य व्यक्ति) थक जाता है या मुसीबत में होता है, तो सहयोगी ही उसे संभालते हैं।
- निःस्वार्थ सेवा: वे श्रेय (Credit) की चिंता किए बिना पूरी ईमानदारी से काम करते हैं।
- उदाहरण: जैसे राम की जीत में हनुमान और वानर सेना का, या आज़ादी की लड़ाई में लाखों गुमनाम क्रांतिकारियों का योगदान था। बिना संगतकार के मुख्य गायक अधूरा है।
Q3. संगतकार की 'कमज़ोर' आवाज़ में भी 'शक्ति' छिपी है। कैसे? स्पष्ट करें।
Value Based
उत्तर: कविता में कहा गया है कि संगतकार की आवाज़ 'कमज़ोर और कांपती हुई' है, लेकिन वास्तव में यह उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
कारण:
कारण:
- यह आवाज़ कमज़ोर इसलिए नहीं है कि उसे गाना नहीं आता, बल्कि इसलिए है क्योंकि वह अपने गुरु या मुख्य गायक का सम्मान करता है।
- अपनी क्षमता और हुनर को जानते हुए भी, उसे दबाकर रखना और दूसरे को आगे बढ़ाना बहुत बड़ी आत्म-शक्ति (Will Power) मांगता है।
- त्याग करने वाला व्यक्ति कभी कमज़ोर नहीं होता। उसकी यह 'हिचक' उसकी महानता और संस्कार का प्रमाण है। इसलिए उसकी आवाज़ में एक नैतिक शक्ति छिपी है।