एक कहानी यह भी

Class 10 Hindi | Important Question Bank
📚 गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"जन्मी तो मध्यप्रदेश के भानपुरा गाँव में थी, लेकिन मेरी यादों का सिलसिला शुरू होता है अजमेर के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के उस दुमंजिला मकान से... पिता जी के व्यक्तित्व में भी बहुत बड़ा बदलाव आ गया था।"
(क) लेखिका का बचपन कहाँ बीता? 2025
उत्तर: लेखिका का जन्म तो भानपुरा में हुआ था, लेकिन उनका बचपन और यादें अजमेर (राजस्थान) के ब्रह्मपुरी मोहल्ले से जुड़ी हैं।
(ख) पिता जी के व्यक्तित्व में बदलाव क्यों आया?
उत्तर: इंदौर में पिता जी बहुत खुशहाल और प्रतिष्ठित थे। लेकिन आर्थिक घाटा होने के कारण जब वे अजमेर आए, तो वे बहुत तनाव में रहने लगे। इससे उनका स्वभाव चिड़चिड़ा और शक्की हो गया।
"वे रसोई को 'भटियारखाना' कहते थे और उनका मानना था कि वहाँ रहना अपनी क्षमता और प्रतिभा को भट्टी में झोंकना है।"
(क) 'भटियारखाना' का क्या अर्थ है? Imp.
उत्तर: 'भटियारखाना' का शाब्दिक अर्थ है जहाँ भट्ठी जलती हो (बड़ी रसोई)। पिता जी का मानना था कि रसोई में केवल समय बर्बाद होता है।
(ख) पिता जी लड़कियों को रसोई से दूर क्यों रखना चाहते थे?
उत्तर: वे मानते थे कि लड़कियों को सिर्फ खाना पकाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। रसोई में रहकर उनकी प्रतिभा और योग्यता नष्ट (भट्टी में झोंकना) हो जाती है। वे उन्हें जागरूक नागरिक बनाना चाहते थे।
"शीला अग्रवाल ने साहित्य का दायरा ही नहीं बढ़ाया था, बल्कि घर की चारदीवारी के बीच बैठकर देश की स्थितियों को जानने-समझने का जो सिलसिला पिता जी ने शुरू किया था, उन्होंने वहाँ से खींचकर उसे स्थितियों में सक्रिय भागीदारी में बदल दिया।"
(क) शीला अग्रवाल कौन थीं? Imp.
उत्तर: शीला अग्रवाल लेखिका के कॉलेज की हिंदी प्राध्यापिका (Teacher) थीं।
(ख) शीला अग्रवाल का लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: उन्होंने लेखिका को अच्छे साहित्य (Literature) से जोड़ा और उन्हें घर की चारदीवारी से निकालकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया (सड़कों पर नारे लगाना, हड़तालें करवाना)।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. मन्नू भंडारी का बचपन किस शहर में बीता? 2025
a) इंदौर
b) अजमेर
c) मानपुर
d) जयपुर

उत्तर: b) अजमेर
Q2. लेखिका और उनके पिता के बीच टकराव का क्या कारण था? 2024
a) राजनीतिक कारण
b) आर्थिक कारण
c) विचारों की भिन्नता
d) उम्र की भिन्नता

उत्तर: c) विचारों की भिन्नता (वैचारिक मतभेद)।
Q3. 'एक कहानी यह भी' किस विधा की रचना है?
उत्तर: यह एक आत्मकथा (Autobiography) है।
Q4. लेखिका के पिता रसोईघर को क्या कहते थे?
उत्तर: वे रसोईघर को 'भटियारखाना' कहते थे।
Q5. बचपन में लेखिका का रंग कैसा था?
उत्तर: बचपन में लेखिका मरियल और काली (सांवली) थीं, जिससे उनके पिता को शिकायत थी।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. लेखिका के मन में हीन भावना (Inferiority Complex) कैसे पैदा हुई? Imp.
उत्तर: लेखिका बचपन में काली और दुबली थी। उनके पिता गोरे रंग को बहुत महत्व देते थे और हमेशा बड़ी बहन (सुशीला) की तारीफ करते थे। इस तुलना के कारण लेखिका के मन में हीन भावना बैठ गई थी कि वे कमतर हैं।
Q2. पिता जी लेखिका को घर में होने वाली बहसों में क्यों बैठाते थे? Imp.
उत्तर: पिता जी चाहते थे कि मन्नू घर में आए राजनीतिक नेताओं की बातें सुने। वे चाहते थे कि मन्नू जाने कि देश में क्या हो रहा है और उसकी सामान्य ज्ञान (Awareness) बढ़े।
Q3. डॉ. अंबालाल ने लेखिका की तारीफ क्यों की?
उत्तर: जब पिता जी को कॉलेज से शिकायत मिली, तो वे बहुत गुस्से में थे। लेकिन डॉ. अंबालाल ने बताया कि "चौराहे पर मन्नू का भाषण बहुत जबरदस्त था, लड़कियाँ उसकी एक आवाज पर कॉलेज खाली कर देती हैं।" यह सुनकर पिता का गुस्सा गर्व में बदल गया।
Q4. 'पड़ोस कल्चर' (Neighborhood Culture) अब क्यों खत्म हो रहा है?
उत्तर: पहले पूरा मोहल्ला एक परिवार जैसा होता था। बच्चे किसी भी घर में खेल सकते थे। लेकिन अब लोग अपने-अपने फ्लैटों (महानगरों) में सिमट गए हैं। असुरक्षा और अलगाव के कारण यह प्यारा 'पड़ोस कल्चर' खत्म हो गया है।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. लेखिका के पिता के स्वभाव में 'अंतर्विरोध' (Contradiction) क्या था? Imp.
उत्तर: लेखिका के पिता के विचारों में दोहरापन था:
1. आधुनिकता: वे चाहते थे कि बेटी पढ़े-लिखे, जागरूक बने और रसोई तक सीमित न रहे।
2. रूढ़िवादी: लेकिन वे यह भी चाहते थे कि बेटी घर की चारदीवारी के अंदर ही रहे। जब मन्नू ने सड़कों पर निकलकर नारे लगाए (आजादी की लड़ाई में), तो उन्हें अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने का डर सताने लगा। वे बेटी को 'विद्रोही' बनते नहीं देख सके।
Q2. कॉलेज प्रिंसिपल ने लेखिका के पिता को क्यों बुलाया था? 2014
उत्तर: प्रिंसिपल ने शिकायत करने के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा कि "आपकी बेटी मन्नू का कॉलेज में बहुत दबदबा है। उसके एक इशारे पर लड़कियाँ क्लास छोड़कर हड़ताल कर देती हैं और नारे लगाती हैं। इससे कॉलेज चलाना मुश्किल हो रहा है, क्यों न उसे कॉलेज से निकाल दिया जाए?"
Q3. मन्नू भंडारी की माँ का व्यक्तित्व उनके पिता से कैसे अलग था?
उत्तर:
पिता: क्रोधी, शक्की और हावी होने वाले स्वभाव के थे।
माँ: बेहद सहनशील और त्याग की मूर्ति थीं। वे अनपढ़ थीं। उन्होंने जीवन भर पति की ज्यादतियों और बच्चों की फरमाइशों को अपना कर्तव्य समझकर पूरा किया। उनका अपना कोई व्यक्तित्व नहीं था, वे हमेशा दबी रहती थीं।
Q4. पिता जी के 'शक्की' स्वभाव का कारण क्या था?
उत्तर: पिता जी को अपनों ने ही बहुत धोखा दिया था। साथ ही, आर्थिक तंगी और गिरती प्रतिष्ठा ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। इन सब कारणों से वे बहुत शक्की हो गए थे और कभी-कभी अपने बच्चों पर भी शक करते थे।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा? 2013
उत्तर: मन्नू भंडारी के व्यक्तित्व को बनाने में मुख्य रूप से दो लोगों का हाथ रहा:

1. पिता का प्रभाव:
  • सकारात्मक: पिता जी ने उन्हें 'भटियारखाने' (रसोई) से दूर रखा और देश-दुनिया की बहस में शामिल किया। इससे मन्नू में राजनैतिक सूझ-बूझ और आत्मविश्वास पैदा हुआ।
  • नकारात्मक: पिता की तुलना करने की आदत (रंग-रूप को लेकर) ने मन्नू में हीन भावना (Inferiority Complex) भर दी, जिसे वे सफलता पाने के बाद भी पूरी तरह नहीं निकाल पाईं।
2. शिक्षिका शीला अग्रवाल का प्रभाव:
  • शीला अग्रवाल ने मन्नू को बेहतरीन साहित्य (Literature) पढ़ना सिखाया।
  • उन्होंने मन्नू के अंदर दबी हुई आग को हवा दी और उन्हें 1947 के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी (Active Participation) के लिए प्रेरित किया।
Q2. 'एक कहानी यह भी' पाठ के आधार पर स्वाधीनता आंदोलन के परिदृश्य का चित्रण कीजिए। Imp.
उत्तर: यह पाठ 1945-47 के समय का सजीव चित्र प्रस्तुत करता है।

  • जोश और जुनून: उस समय पूरा देश आजादी के नशे में था। क्या बच्चे, क्या बूढ़े, सभी में अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा था।
  • प्रभात फेरियां और हड़तालें: शहरों में रोज हड़तालें होती थीं, प्रभात फेरियां निकाली जाती थीं और जुलूसों में "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे गूंजते थे।
  • छात्रों की भूमिका: स्कूल-कॉलेज के छात्र पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर थे। मन्नू भंडारी जैसी लड़कियाँ चौराहों पर भाषण देती थीं और हड़ताल करवाती थीं।
  • इस आंदोलन ने घर की चारदीवारी में रहने वाली महिलाओं को भी सड़क पर ला खड़ा किया था।
Q3. लेखिका और उनके पिता के वैचारिक मतभेद (Ideological Differences) को अपने शब्दों में लिखिए। 2024
उत्तर: लेखिका और उनके पिता के बीच 'पीढ़ी के अंतर' (Generation Gap) और विचारों का गहरा टकराव था।

  • पिता की सोच: वे चाहते थे कि बेटी जागरूक हो, लेकिन वह घर की सीमा में रहकर ही काम करे। वे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा (इज्जत) को लेकर बहुत डरते थे। लड़कियों का सड़कों पर नारे लगाना उन्हें पसंद नहीं था।
  • लेखिका की सोच: लेखिका (मन्नू) युवा थीं और आजादी के जोश से भरी थीं। उनके लिए घर की चारदीवारी में बैठकर आजादी की लड़ाई लड़ना असंभव था। वे मानती थीं कि जब पूरा देश उबल रहा है, तो घर में कैसे बैठा जा सकता है?
यही कारण था कि पिता को मन्नू का बाहर घूमना और भाषण देना 'मर्यादा का उल्लंघन' लगता था, जबकि मन्नू इसे 'देशभक्ति' मानती थीं।