Class 10 Math Complete Formulas & Graphs

कक्षा 10 गणित: संपूर्ण सूत्र, ग्राफ एवं महत्वपूर्ण तथ्य (New Pattern)

अध्याय 1: वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers)

अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है।
HCF और LCM के सभी सूत्र
किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों \(a\) और \(b\) के लिए:
1. मुख्य संबंध सूत्र:
\( \text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b \)
2. पहली संख्या (\(a\)) ज्ञात करने का सूत्र:
\( a = \frac{\text{HCF} \times \text{LCM}}{b} \)
3. HCF या LCM ज्ञात करने का सूत्र:
\( \text{HCF} = \frac{a \times b}{\text{LCM}} \quad \text{तथा} \quad \text{LCM} = \frac{a \times b}{\text{HCF}} \)
महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी बिंदु
सबसे छोटी अभाज्य संख्या (Prime Number): \( 2 \) होती है (यह एकमात्र सम अभाज्य संख्या है)।
सबसे छोटी भाज्य संख्या (Composite Number): \( 4 \) होती है।
सह-अभाज्य संख्याएँ (Co-prime): ऐसी दो संख्याएँ जिनका HCF \( 1 \) हो। (जैसे: 5 और 7)
\(\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}, \pi\) आदि अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers) हैं।
एक परिमेय और एक अपरिमेय संख्या का जोड़ या घटाव हमेशा अपरिमेय होता है।
नोट: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका और सांत/असांत दशमलव प्रसार नए सिलेबस से हटा दिए गए हैं।

अध्याय 2: बहुपद (Polynomials)

बहुपद के प्रकार और घात (Degree)
रैखिक बहुपद (Linear): \( ax + b \)
[इसकी घात = 1 होती है, अधिकतम शून्यक = 1]
द्विघात बहुपद (Quadratic): \( ax^2 + bx + c \)
[इसकी घात = 2 होती है, अधिकतम शून्यक = 2]
त्रिघात बहुपद (Cubic): \( ax^3 + bx^2 + cx + d \)
[इसकी घात = 3 होती है, अधिकतम शून्यक = 3]
बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ (ग्राफ)
बहुपद \(y = P(x)\) का ग्राफ X-अक्ष (X-axis) को जितनी बार काटता या स्पर्श करता है, उतने ही उसके शून्यक होते हैं:
X Y
X-अक्ष पर 1 कटान बिंदु
(शून्यकों की संख्या = 1)
X Y
X-अक्ष पर 2 कटान बिंदु
(शून्यकों की संख्या = 2)
X Y
X-अक्ष पर कोई कटान नहीं
(शून्यकों की संख्या = 0)
शून्यकों तथा गुणांकों में संबंध
यदि द्विघात बहुपद \( ax^2 + bx + c \) के शून्यक \(\alpha\) और \(\beta\) हों:
1. शून्यकों का योगफल (\(\alpha + \beta\)):
\( \alpha + \beta = -\frac{b}{a} = \) − (x का गुणांक) x2 का गुणांक
2. शून्यकों का गुणनफल (\(\alpha \cdot \beta\)):
\( \alpha \beta = \frac{c}{a} = \) अचर पद x2 का गुणांक
3. द्विघात बहुपद बनाने का सूत्र (जब शून्यक दिए हों):
\( x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha\beta \)

अध्याय 3: दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म

अनुपातों की तुलना एवं ग्राफीय निरूपण (ऊपर-नीचे व्यवस्थित)
मानक समीकरण युग्म: \(a_1x + b_1y + c_1 = 0\) तथा \(a_2x + b_2y + c_2 = 0\)
1. प्रतिच्छेदी रेखाएँ (Intersecting Lines):
शर्त: \( \frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2} \)
बीजगणितीय हल: केवल एक हल (अद्वितीय हल / Unique Solution)
युग्म की प्रकृति: संगत (Consistent)
2. संपाती रेखाएँ (Coincident Lines - एक के ऊपर एक):
शर्त: \( \frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2} \)
बीजगणितीय हल: अपरिमित रूप से अनेक हल (Infinite Solutions)
युग्म की प्रकृति: संगत और आश्रित (Consistent & Dependent)
3. समांतर रेखाएँ (Parallel Lines):
शर्त: \( \frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2} \)
बीजगणितीय हल: कोई हल नहीं (No Solution)
युग्म की प्रकृति: असंगत (Inconsistent)
1. प्रतिच्छेदी रेखाएँ
(केवल 1 बिंदु पर कटान)
2. संपाती रेखाएँ
(दोनों रेखाएँ एक ही पर)
3. समांतर रेखाएँ
(कहीं नहीं काटतीं)
समीकरण हल करने की विधियाँ
1. ग्राफीय विधि (Graphical Method)
2. प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method)
3. विलोपन विधि (Elimination Method)
नोट: वज्र-गुणन विधि (Cross-Multiplication Method) नए पैटर्न से हटा दी गई है।

अध्याय 4: द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)

मानक रूप, विविक्तकर और द्विघाती सूत्र
1. मानक रूप (Standard Form):
\( ax^2 + bx + c = 0 \quad (\text{जहाँ } a \neq 0) \)
2. विविक्तकर (Discriminant - D):
\( D = b^2 - 4ac \)
3. द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र):
\( x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a} \quad \text{या} \quad x = \frac{-b \pm \sqrt{D}}{2a} \)
मूलों की प्रकृति (Nature of Roots)
यदि \( D > 0 \) (धनात्मक हो): दो भिन्न वास्तविक मूल होते हैं।
यदि \( D = 0 \) (शून्य हो): दो बराबर (समान) वास्तविक मूल होते हैं। प्रत्येक मूल = \( -\frac{b}{2a} \)
यदि \( D < 0 \) (ऋणात्मक हो): कोई वास्तविक मूल नहीं होता (काल्पनिक मूल)।

अध्याय 5: समांतर श्रेढ़ियाँ (Arithmetic Progression - AP)

AP के सभी सूत्र (ऊपर-नीचे व्यवस्थित)
1. AP का व्यापक रूप व सार्व अंतर (d):
व्यापक रूप: \( a, \; a+d, \; a+2d, \; a+3d, \dots \)
सार्व अंतर: \( d = a_2 - a_1 = a_3 - a_2 \)
2. प्रथम से \(n\)वाँ पद (\(a_n\) या अंतिम पद \(l\)):
\( a_n = a + (n - 1)d \)
3. अंत (आखिर) से \(n\)वाँ पद:
\( l - (n - 1)d \)
4. प्रथम \(n\) पदों का योगफल (\(S_n\)):
\( S_n = \frac{n}{2}[2a + (n - 1)d] \)
5. जब प्रथम पद (\(a\)) और अंतिम पद (\(l\)) दिया हो:
\( S_n = \frac{n}{2}[a + l] \)
6. समांतर माध्य और \(a_n\) का विशेष सूत्र:
• \( a_n = S_n - S_{n-1} \)
• यदि \(a, b, c\) AP में हैं, तो मध्य पद: \( b = \frac{a + c}{2} \)

अध्याय 6: त्रिभुज (Triangles)

थेल्स प्रमेय (आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय - BPT)
यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने के लिए एक रेखा खींची जाए, तो ये अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।
थेल्स प्रमेय का चित्र (\(\triangle ABC\) में \(DE \parallel BC\))
A B C D E
थेल्स प्रमेय का सूत्र (यदि \( DE \parallel BC \) हो):
\( \frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC} \quad \text{तथा} \quad \frac{AD}{AB} = \frac{AE}{AC} \)
समरूपता की कसौटियाँ एवं महत्वपूर्ण तथ्य
सभी वृत्त, सभी वर्ग तथा सभी समबाहु त्रिभुज सदैव समरूप (Similar) होते हैं।
समरूपता के 3 मुख्य नियम: AAA (कोण-कोण-कोण), SSS (भुजा-भुजा-भुजा), और SAS (भुजा-कोण-भुजा)।
नोट: समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात और पाइथागोरस प्रमेय (सिद्ध करना) नए सिलेबस से हटा दिए गए हैं।

अध्याय 7: निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry)

महत्वपूर्ण बुनियादी बिंदु एवं चतुर्थांश (Quadrants) ग्राफ
भुज और कोटि: X-निर्देशांक को भुज (Abscissa) और Y-निर्देशांक को कोटि (Ordinate) कहते हैं।
मूल बिंदु (Origin): जहाँ दोनों अक्ष मिलते हैं, उसके निर्देशांक \( (0, 0) \) होते हैं।
X-अक्ष पर स्थित किसी बिंदु का निर्देशांक: \( (x, 0) \) होता है (यहाँ \(y = 0\))।
Y-अक्ष पर स्थित किसी बिंदु का निर्देशांक: \( (0, y) \) होता है (यहाँ \(x = 0\))।
चतुर्थांश के चिह्न (Quadrant Signs Graph)
X X' Y Y' (0,0) प्रथम (+, +) द्वितीय (−, +) तृतीय (−, −) चतुर्थ (+, −)
निर्देशांक ज्यामिति के सभी सूत्र (ऊपर-नीचे)
1. दो बिंदुओं के बीच की दूरी (Distance Formula):
\( d = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2} \)
2. मूल बिंदु \((0,0)\) से बिंदु \((x,y)\) की दूरी:
\( d = \sqrt{x^2 + y^2} \)
3. अंतः विभाजन सूत्र (Section Formula - अनुपात \(m_1 : m_2\)):
\( x = \frac{m_1x_2 + m_2x_1}{m_1 + m_2} \quad , \quad y = \frac{m_1y_2 + m_2y_1}{m_1 + m_2} \)
4. मध्य-बिंदु (Mid-Point) का सूत्र:
\( x = \frac{x_1 + x_2}{2} \quad , \quad y = \frac{y_1 + y_2}{2} \)
5. त्रिभुज के केंद्रक (Centroid) का निर्देशांक:
\( x = \frac{x_1 + x_2 + x_3}{3} \quad , \quad y = \frac{y_1 + y_2 + y_3}{3} \)
नोट: त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र नए सिलेबस से हटा दिया गया है।

अध्याय 8 व 9: त्रिकोणमिति का परिचय एवं अनुप्रयोग

समकोण त्रिभुज एवं त्रिकोणमितीय अनुपात (LAL / KKA)
समकोण त्रिभुज में लंब, आधार और कर्ण
θ A B C लंब (P) आधार (B) कर्ण (H)
पाइथागोरस प्रमेय सूत्र:
कर्ण2 = लंब2 + आधार2    \(\Rightarrow H^2 = P^2 + B^2\)
6 त्रिकोणमितीय अनुपात:
1. \( \sin\theta = \) लंब (P)कर्ण (H)    |    2. \( \csc\theta = \) कर्ण (H)लंब (P)
3. \( \cos\theta = \) आधार (B)कर्ण (H)    |    4. \( \sec\theta = \) कर्ण (H)आधार (B)
5. \( \tan\theta = \) लंब (P)आधार (B)    |    6. \( \cot\theta = \) आधार (B)लंब (P)
व्युत्क्रम संबंध और त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ
1. व्युत्क्रम एवं भागफल सूत्र:
• \( \sin\theta \cdot \csc\theta = 1 \)   |   • \( \cos\theta \cdot \sec\theta = 1 \)   |   • \( \tan\theta \cdot \cot\theta = 1 \)
• \( \tan\theta = \frac{\sin\theta}{\cos\theta} \)     |     • \( \cot\theta = \frac{\cos\theta}{\sin\theta} \)
2. प्रथम सर्वसमिका के 3 रूप:
• \( \sin^2\theta + \cos^2\theta = 1 \)
• \( \sin^2\theta = 1 - \cos^2\theta \)   |   • \( \cos^2\theta = 1 - \sin^2\theta \)
3. द्वितीय सर्वसमिका के 3 रूप:
• \( \sec^2\theta - \tan^2\theta = 1 \)
• \( \sec^2\theta = 1 + \tan^2\theta \)   |   • \( \tan^2\theta = \sec^2\theta - 1 \)
4. तृतीय सर्वसमिका के 3 रूप:
• \( \csc^2\theta - \cot^2\theta = 1 \)
• \( \csc^2\theta = 1 + \cot^2\theta \)   |   • \( \cot^2\theta = \csc^2\theta - 1 \)
त्रिकोणमितीय मान सारणी (0° से 90°)
अनुपात \(0^\circ\) \(30^\circ\) \(45^\circ\) \(60^\circ\) \(90^\circ\)
\(\sin\theta\)\(0\)\(\frac{1}{2}\)\(\frac{1}{\sqrt{2}}\)\(\frac{\sqrt{3}}{2}\)\(1\)
\(\cos\theta\)\(1\)\(\frac{\sqrt{3}}{2}\)\(\frac{1}{\sqrt{2}}\)\(\frac{1}{2}\)\(0\)
\(\tan\theta\)\(0\)\(\frac{1}{\sqrt{3}}\)\(1\)\(\sqrt{3}\)अपरिभाषित (\(\infty\))
\(\cot\theta\)अपरिभाषित (\(\infty\))\(\sqrt{3}\)\(1\)\(\frac{1}{\sqrt{3}}\)\(0\)
\(\sec\theta\)\(1\)\(\frac{2}{\sqrt{3}}\)\(\sqrt{2}\)\(2\)अपरिभाषित (\(\infty\))
\(\csc\theta\)अपरिभाषित (\(\infty\))\(2\)\(\sqrt{2}\)\(\frac{2}{\sqrt{3}}\)\(1\)
ऊँचाई और दूरी: उन्नयन एवं अवनमन कोण (अध्याय 9)
उन्नयन कोण (Angle of Elevation): नीचे से ऊपर की वस्तु को देखने पर क्षैतिज रेखा के साथ बना कोण।
अवनमन कोण (Angle of Depression): ऊपर से नीचे की वस्तु को देखने पर क्षैतिज रेखा के साथ बना कोण।
नियम: उन्नयन कोण और अवनमन कोण सदैव आपस में बराबर होते हैं।

अध्याय 10 व 11: वृत्त एवं वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल

वृत्त की स्पर्श रेखा एवं प्रमेय (चित्र सहित)
प्रमेय 10.1: वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब (\(90^\circ\)) होती है।
प्रमेय 10.2: बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर (\(PA = PB\)) होती हैं।
एक वृत्त पर अधिकतम 2 समांतर स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
O A B P
स्पर्श रेखा की लंबाई: PA = PB
तथा ∠OAP = ∠OBP = 90°
O θ
वृत्त का त्रिज्यखंड (Sector)
क्षेत्रफल = (θ/360°) × πr²
वृत्त, अर्धवृत्त, चतुर्थांश व त्रिज्यखंड के सभी सूत्र (ऊपर-नीचे)
1. वृत्त का व्यास, क्षेत्रफल और परिधि (परिमाप):
• वृत्त का व्यास (\(d\)) = \( 2r \)   |   त्रिज्या (\(r\)) = \( \frac{d}{2} \)
• वृत्त का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 \)
• वृत्त की परिधि (परिमाप) = \( 2\pi r \)
2. अर्धवृत्त का क्षेत्रफल और परिमाप:
• अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2}\pi r^2 \)
• अर्धवृत्त का परिमाप = \( \pi r + 2r = r(\pi + 2) = \frac{36}{7}r \)
3. वृत्त के चतुर्थांश (Quadrant) और वलय (Ring) का सूत्र:
• चतुर्थांश का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{4}\pi r^2 \)   |   परिमाप = \( \frac{1}{2}\pi r + 2r \)
• वलय (Ring) का क्षेत्रफल = \( \pi(R^2 - r^2) = \pi(R+r)(R-r) \)
4. त्रिज्यखंड (Sector) और चाप की लंबाई:
• लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = \( \frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2 \)
• दीर्घ त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 - \text{लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल} \)
• संगत चाप की लंबाई (\(l\)) = \( \frac{\theta}{360^\circ} \times 2\pi r \)
• त्रिज्यखंड का परिमाप = \( l + 2r \)
5. वृत्तखंड (Segment) का क्षेत्रफल:
• लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल = \( \frac{\theta}{360^\circ}\pi r^2 - \frac{1}{2}r^2\sin\theta \)  (त्रिज्यखंड \(-\) त्रिभुज का क्षेत्रफल)
• दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 - \text{लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल} \)

अध्याय 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (3D Mensuration)

सभी 6 ठोस आकृतियों के संपूर्ण सूत्र (ऊपर-नीचे व्यवस्थित)
1. घनाभ (Cuboid) [लंबाई = \(l\), चौड़ाई = \(b\), ऊँचाई = \(h\)]:
वक्र पृष्ठ / चारों दीवारों का क्षेत्रफल (CSA): \( 2(l + b) \times h \)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \( 2(lb + bh + hl) \)
आयतन (Volume): \( l \times b \times h \)
विकर्ण (Diagonal): \( \sqrt{l^2 + b^2 + h^2} \)
2. घन (Cube) [भुजा / किनारा = \(a\)]:
वक्र / पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA): \( 4a^2 \)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \( 6a^2 \)
आयतन (Volume): \( a^3 \)  (भुजा3)
विकर्ण (Diagonal): \( \sqrt{3}a \)
3. लंबवृत्तीय बेलन (Cylinder) [त्रिज्या = \(r\), ऊँचाई = \(h\)]:
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA): \( 2\pi rh \)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \( 2\pi r(r + h) \)
आयतन (Volume): \( \pi r^2h \)
4. लंबवृत्तीय शंकु (Cone) [त्रिज्या = \(r\), ऊँचाई = \(h\), तिर्यक ऊँचाई = \(l\)]:
तिर्यक ऊँचाई (\(l\)): \( l = \sqrt{r^2 + h^2} \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA): \( \pi rl \)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \( \pi r(l + r) \)
आयतन (Volume): \( \frac{1}{3}\pi r^2h \)
5. गोला (Sphere) [त्रिज्या = \(r\)]:
वक्र / संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल: \( 4\pi r^2 \)
आयतन (Volume): \( \frac{4}{3}\pi r^3 \)
6. अर्धगोला (Hemisphere) [त्रिज्या = \(r\)]:
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA): \( 2\pi r^2 \)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \( 3\pi r^2 \)
आयतन (Volume): \( \frac{2}{3}\pi r^3 \)
नोट: शंकु का छिन्नक (Frustum of a Cone) नए सिलेबस से हटा दिया गया है।

अध्याय 13: सांख्यिकी (Statistics)

वर्ग चिह्न और परिसर
1. वर्ग चिह्न (\(x_i\)) का सूत्र:
वर्ग चिह्न (\(x_i\)) = ऊपरी वर्ग सीमा + निचली वर्ग सीमा 2
2. परिसर (Range) का सूत्र:
परिसर = अधिकतम मान \(-\) न्यूनतम मान
माध्य (Mean - \(\bar{x}\)) की तीनों विधियाँ
(i) प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):
\( \bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i} \)
(ii) कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method):
\( \bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i} \quad [\text{जहाँ } d_i = x_i - a] \)
(iii) पग-विचलन विधि (Step-Deviation Method):
\( \bar{x} = a + \left( \frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i} \right) \times h \quad \left[\text{जहाँ } u_i = \frac{x_i - a}{h}\right] \)
बहुलक (Mode) और माध्यक (Median)
1. बहुलक (Mode - Z) का सूत्र:
\( Z = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h \)
\(l\) : बहुलक वर्ग (सर्वाधिक बारंबारता वाले वर्ग) की निम्न सीमा
\(f_1\) : बहुलक वर्ग की बारंबारता
\(f_0\) : बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता
\(f_2\) : बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता
2. माध्यक (Median - M) का सूत्र:
\( M = l + \left( \frac{\frac{n}{2} - cf}{f} \right) \times h \)
\(cf\) : माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता
\(f\) : माध्यक वर्ग की बारंबारता  |  \(h\) : वर्ग अंतराल की माप
3. अनुभवजन्य संबंध (Empirical Formula):
3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य

अध्याय 14: प्रायिकता (Probability)

प्रायिकता का मुख्य सूत्र एवं नियम
प्रायिकता \(P(E)\) का सूत्र:
\( P(E) = \) घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्या प्रयोग के सभी संभव (कुल) परिणामों की संख्या
पूरक घटना का सूत्र: \( P(E) + P(\bar{E}) = 1 \)  अर्थात्  P(नहीं) = 1 − P(हाँ)
प्रायिकता की सीमा: \( 0 \le P(E) \le 1 \) (प्रायिकता कभी ऋणात्मक या 1 से बड़ी नहीं हो सकती)।
निश्चित घटना की प्रायिकता: \( 1 \) होती है तथा असंभव घटना की प्रायिकता: \( 0 \) होती है।
सिक्का, पासा और ताश (Playing Cards) चार्ट
सिक्के (Coins): 1 सिक्का = \(2\) परिणाम (H, T)  |  2 सिक्के = \(4\) परिणाम  |  3 सिक्के = \(8\) परिणाम
पासा (Dice): 1 पासा = \(6\) परिणाम (1,2,3,4,5,6)  |  2 पासे = \(36\) परिणाम
ताश के कुल पत्ते (52): 26 लाल पत्ते (13 पान + 13 ईंट) और 26 काले पत्ते (13 हुकुम + 13 चिड़ी)
तस्वीर वाले पत्ते (Face Cards): कुल 12 होते हैं (4 बादशाह K, 4 बेगम Q, 4 गुलाम J)
इक्के (Ace - A): कुल 4 होते हैं (इक्का फेस कार्ड में नहीं गिना जाता)।