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अध्याय-1: विकास
इस अध्याय में हम समझेंगे कि विकास (Development) का असली मतलब क्या होता है। विकास केवल पैसे या आय (Income) बढ़ने तक सीमित नहीं है। हम जानेंगे कि कैसे अलग-अलग लोगों के लिए विकास के लक्ष्य अलग होते हैं। एक देश या राज्य के विकास को मापने के लिए विश्व बैंक और UNDP जैसी संस्थाएँ किन पैमानों (जैसे साक्षरता, स्वास्थ्य और प्रति व्यक्ति आय) का उपयोग करती हैं, और भविष्य के लिए धारणीय विकास (Sustainable Development) क्यों आवश्यक है।
- विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य: हर व्यक्ति के लिए विकास का अर्थ और लक्ष्य अलग होता है।
- आय और अन्य लक्ष्य: मनुष्य केवल आय (पैसे) नहीं चाहता, बल्कि उसे बराबरी, स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान भी चाहिए।
- देशों और राज्यों की तुलना: प्रति व्यक्ति आय, शिशु मृत्यु दर और साक्षरता दर के आधार पर विभिन्न राज्यों और देशों को मापना।
- विकास की धारणीयता: पर्यावरण को बिना नुकसान पहुँचाए वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों का उचित उपयोग।
- क्या एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाश हो सकता है?
- प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) क्या होती है और इसे कैसे निकाला जाता है?
- विश्व बैंक (World Bank) और यूएनडीपी (UNDP) द्वारा विकास को मापने के तरीकों में क्या अंतर है?
- मानव विकास सूचकांक (HDI) और शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) क्या हैं?
- सार्वजनिक सुविधाएँ (Public Facilities) क्यों महत्वपूर्ण हैं?
विकास क्या वादा करता है: विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य
- हर व्यक्ति या समूह के विकास के लक्ष्य अलग-अलग होते हैं। लोग वे चीजें चाहते हैं जो उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण हों या उनकी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।
- एक भूमिहीन ग्रामीण मजदूर के लिए विकास का अर्थ है: काम के अधिक दिन और बेहतर मज़दूरी।
- एक अमीर किसान के लिए विकास का अर्थ है: उसकी उपज का उच्च समर्थन मूल्य और सस्ते मजदूर।
निष्कर्ष: एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विकास नहीं भी हो सकता है। यहाँ तक कि यह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है। (जैसे: उद्योगपतियों के लिए बाँध बनाना विकास है, लेकिन विस्थापित होने वाले आदिवासियों के लिए यह विनाश है)।
आय और अन्य लक्ष्य
- लोग चाहते हैं कि उन्हें नियमित काम, बेहतर मजदूरी और अपनी उपज की अच्छी कीमत मिले। दूसरे शब्दों में, वे अधिक आय (Income) चाहते हैं।
- लेकिन लोग केवल आय ही नहीं चाहते। वे बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से सम्मान मिलने की भी इच्छा रखते हैं।
- कई बार सुरक्षा और सम्मान, अधिक आय से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं, क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होतीं।
राष्ट्रीय विकास (National Development)
जैसे व्यक्तियों के विकास के लक्ष्य अलग होते हैं, वैसे ही राष्ट्रीय विकास के बारे में लोगों की धारणाएँ भी अलग और कई बार परस्पर विरोधी हो सकती हैं। एक देश के लिए सही विकास नीतियाँ क्या होनी चाहिए, इस पर सभी नागरिकों की राय अलग-अलग हो सकती है।
विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना कैसे की जाए?
देशों की तुलना करने के लिए उनकी कुल आय (Total Income) को सबसे महत्वपूर्ण विशिष्टता माना जाता है। लेकिन चूँकि हर देश की जनसंख्या अलग होती है, इसलिए कुल आय से हमें यह नहीं पता चलता कि एक औसत व्यक्ति क्या कमाता है। इसलिए हम औसत आय (Average Income) की तुलना करते हैं।
प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)
देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो आय प्राप्त होती है, उसे औसत आय या प्रति व्यक्ति आय कहा जाता है।
विश्व बैंक का मापदंड (World Bank Criterion)
- विश्व बैंक (World Bank) अपनी 'विश्व विकास रिपोर्ट' में देशों का वर्गीकरण करने के लिए केवल प्रति व्यक्ति आय का प्रयोग करता है।
- 2017 के आँकड़ों के अनुसार: वे देश जिनकी प्रति व्यक्ति आय US$ 12,056 प्रति वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें समृद्ध देश (Rich Countries) कहा जाता है।
- जिन देशों की प्रति व्यक्ति आय US$ 995 प्रति वर्ष या उससे कम है, उन्हें निम्न-आय वाले देश (Low-Income Countries) कहा जाता है। भारत एक निम्न-मध्यम आय वाला देश है।
आय और अन्य मापदंड (Income and other Criteria)
जब हम विकास की बात करते हैं, तो केवल आय ही सब कुछ नहीं होती। इसे समझने के लिए हम महाराष्ट्र, केरल और बिहार की तुलना करते हैं। महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है, लेकिन जब हम शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) और साक्षरता दर (Literacy Rate) देखते हैं, तो केरल सबसे आगे है और बिहार सबसे पीछे। इससे साबित होता है कि केवल पैसा ही विकास का पैमाना नहीं है।
कुछ महत्वपूर्ण पारिभाषिक शब्द:
- शिशु मृत्यु दर (IMR): किसी वर्ष में पैदा हुए 1000 जीवित बच्चों में से 1 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात।
- साक्षरता दर (Literacy Rate): 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात।
- निवल उपस्थिति अनुपात (Net Attendance Ratio): 14 तथा 15 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले कुल बच्चों का उस आयु वर्ग के कुल बच्चों के साथ प्रतिशत।
सार्वजनिक सुविधाएँ (Public Facilities)
- यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा पैसा वे सभी वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके जिनकी एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता होती है।
- पैसा आपको प्रदूषण मुक्त वातावरण नहीं दिला सकता और न ही बिना मिलावट वाली दवाएँ दिला सकता है।
- पैसा आपको संक्रामक बीमारियों से नहीं बचा सकता, जब तक कि पूरा समुदाय बचाव के लिए कदम न उठाए।
- इसीलिए सामूहिक स्तर पर सार्वजनिक सुविधाएँ (जैसे स्कूल, अस्पताल, सुरक्षा) प्रदान करना सबसे सस्ता और अच्छा तरीका है। जहाँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) ठीक से काम करती है, वहाँ लोगों का स्वास्थ्य और पोषण स्तर बेहतर होता है।
शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI - Body Mass Index)
पोषण के स्तर को मापने के लिए बी.एम.आई. (BMI) का प्रयोग किया जाता है। व्यक्ति के वज़न (किलोग्राम में) को उसकी लंबाई (मीटर के स्क्वायर) से भाग देने पर BMI निकलता है। यदि BMI 18.5 से कम है, तो व्यक्ति कुपोषित है, और यदि 25 से अधिक है, तो वह मोटापे का शिकार है।
मानव विकास रिपोर्ट (Human Development Report)
- यह रिपोर्ट यूएनडीपी (UNDP - United Nations Development Programme) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
- यह विश्व बैंक की तरह केवल आय पर निर्भर नहीं रहती। यह देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर (Education), स्वास्थ्य स्थिति (Health) और प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के आधार पर करती है।
- इसी आधार पर देशों का मानव विकास सूचकांक (HDI - Human Development Index) तैयार किया जाता है। भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका का आकार और जनसंख्या भारत से छोटी है, फिर भी उसका HDI रैंक भारत से काफी बेहतर है।
विकास की धारणीयता (Sustainability of Development)
- हम विकास का जो भी स्तर आज प्राप्त कर चुके हैं, हम चाहते हैं कि वह भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।
- वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि हम प्राकृतिक संसाधनों का बहुत तेज़ी से दोहन कर रहे हैं। भूजल (Groundwater) का अति-दोहन इसका एक बड़ा उदाहरण है।
- पर्यावरण में गिरावट के परिणाम किसी राज्य या देश की सीमाओं का सम्मान नहीं करते। यह एक वैश्विक मुद्दा है।
- इसलिए, धारणीय विकास (Sustainable Development) का अर्थ है—पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना विकास करना और वर्तमान संसाधनों का इस तरह से उपयोग करना कि भविष्य की पीढ़ियों की ज़रूरतें भी पूरी हो सकें।
- प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income): देश की कुल आय को देश की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो औसत आय निकलती है।
- शिशु मृत्यु दर (IMR): 1000 जीवित जन्म लेने वाले बच्चों में 1 वर्ष की उम्र से पहले मरने वाले बच्चों की संख्या। यह बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रतीक है।
- विश्व बैंक बनाम UNDP: विश्व बैंक केवल 'पैसे' (आय) के आधार पर देशों को मापता है, जबकि UNDP 'आय, शिक्षा और स्वास्थ्य' तीनों को मिलाकर HDI बनाता है।
- BMI (Body Mass Index): किसी व्यक्ति के कुपोषित या अधिक वज़न वाले होने की जाँच करने का वैज्ञानिक तरीका (वज़न kg / लम्बाई m²)।
- धारणीय विकास (Sustainability): संसाधनों (जैसे पानी, कोयला) का इस तरह इस्तेमाल करना कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचे रहें और पर्यावरण सुरक्षित रहे।
विकास की अवधारणा केवल अधिक पैसे कमाने तक सीमित नहीं है। एक सच्चा और संपूर्ण विकास वह है जहाँ आय के साथ-साथ समाज में समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा भी हो। हमें आर्थिक प्रगति की दौड़ में यह नहीं भूलना चाहिए कि प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। अगर हमने 'धारणीय विकास' (Sustainable Development) को नहीं अपनाया, तो आज का विकास कल के विनाश का कारण बन सकता है।
- विकास के लक्ष्य: हर व्यक्ति के लिए विकास का मतलब अलग होता है (एक के लिए विकास, दूसरे के लिए विनाश हो सकता है)।
- विश्व बैंक (World Bank) की रिपोर्ट: यह केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर अमीर और गरीब देशों को बांटती है।
- UNDP की रिपोर्ट: यह HDI (मानव विकास सूचकांक) जारी करती है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और आय तीनों को देखा जाता है।
- केरल की स्थिति: केरल की प्रति व्यक्ति आय भले ही कुछ राज्यों से कम हो, लेकिन स्वास्थ्य और साक्षरता में यह सबसे आगे है।
- धारणीय विकास: संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, जैसे भूजल (Groundwater) को रिचार्ज होने का मौका देना।
लघु उत्तरीय प्रश्न:
- प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) क्या है? इसे कैसे मापा जाता है?
- शिशु मृत्यु दर (IMR) और साक्षरता दर से आप क्या समझते हैं?
- बी.एम.आई. (BMI) क्या होता है और यह क्यों निकाला जाता है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
- "एक व्यक्ति के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाश हो सकता है।" इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
- विश्व बैंक (World Bank) और यूएनडीपी (UNDP) द्वारा विकास को मापने के मापदंडों में क्या मुख्य अंतर है?
- क्या केवल आय (Income) ही विकास का संपूर्ण पैमाना है? सार्वजनिक सुविधाओं के महत्व की चर्चा करें।
- विकास की धारणीयता (Sustainability of Development) का क्या अर्थ है और यह हमारे भविष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?