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अध्याय-5: लोकतंत्र के परिणाम
इस अध्याय में हम इस बात का मूल्यांकन करेंगे कि लोकतंत्र (Democracy) ने असल में हमें क्या दिया है। तानाशाही (Dictatorship) और लोकतंत्र की तुलना करते हुए हम समझेंगे कि क्यों लोकतंत्र को आज दुनिया की सबसे अच्छी शासन व्यवस्था माना जाता है। हम यह भी जानेंगे कि क्या लोकतंत्र आर्थिक विकास, असमानता और गरीबी दूर करने में सफल रहा है, और कैसे यह समाज की विविधताओं के बीच तालमेल बैठाकर नागरिकों की गरिमा और आज़ादी की रक्षा करता है।
- लोकतंत्र का अर्थ और प्रकार: जनता का शासन, प्रत्यक्ष (Direct) और प्रतिनिधि (Representative) लोकतंत्र।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: एक वैध और जवाबदेह सरकार का निर्माण।
- आर्थिक विकास बनाम लोकतंत्र: तानाशाही और लोकतंत्र में आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) की तुलना।
- सामाजिक परिणाम: सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य बैठाना और महिलाओं तथा कमजोर वर्गों की गरिमा बढ़ाना।
- अब्राहम लिंकन की लोकतंत्र की प्रसिद्ध परिभाषा।
- पारदर्शिता (Transparency) क्या है और यह लोकतंत्र में क्यों ज़रूरी है।
- लोकतांत्रिक व्यवस्था तानाशाही से बेहतर क्यों है (लोकतंत्र की 5 प्रमुख विशेषताएँ)।
- लोकतंत्र असमानता (Inequality) और गरीबी (Poverty) को कम करने में कैसे सक्षम है।
- नागरिकों की गरिमा (Dignity), आज़ादी और महिलाओं की समानता के मामले में लोकतंत्र की भूमिका।
लोकतन्त्र
लोकतन्त्र (संस्कृत: प्रजातन्त्रम् ) (शाब्दिक अर्थ "लोगों का शासन", संस्कृत में लोक, "जनता" तथा तन्त्र, "शासन",) या प्रजातन्त्र एक ऐसी शासन व्यवस्था और लोकतान्त्रिक राज्य दोनों के लिये प्रयुक्त होता है। यद्यपि लोकतन्त्र शब्द का प्रयोग राजनीतिक सन्दर्भ में किया जाता है, किन्तु लोकतन्त्र का सिद्धान्त दूसरे समूहों और संगठनों के लिये भी संगत है। मूलतः लोकतन्त्र भिन्न- भिन्न सिद्धान्तों के मिश्रण बनाती है।
लोकतन्त्र एक ऐसी शासन प्रणाली है, जिसके अन्तर्गत जनता अपनी स्वेच्छा से निर्वाचन में आए हुए किसी भी दल को मत देकर अपना प्रतिनिधि चुन सकती है, तथा उसकी सत्ता बना सकती है।
लोकतन्त्र दो शब्दों से मिलकर बना है, "लोक + तन्त्र"। लोक का अर्थ है जनता तथा तन्त् का अर्थ है शासन।
लोकतंत्र की परिभाषा बहुत से महान व्यक्तियों ने अपने शब्दो में अलग-अलग शब्दो में दिए हैं। उनमें से महान राजनीतिज्ञ है - अब्राहम लिंकन, जो अमेरिका के 16वे राष्ट्रपति थे। उनके अनुसार लोकतंत्र की परिभाषा इस प्रकार हैं। अब्राहम लिंकन के अनुसार "लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है"। लोकतंत्र में ऐसी व्यवस्था रहती है की जनता अपनी मर्जी से सरकार चुन सकती है। लोकतंत्र एक प्रकार का शासन व्यवस्था है, जिसमे सभी व्यक्ति को समान अधिकार होता हैं। एक अच्छा लोकतंत्र वह है जिसमे राजनीतिक और सामाजिक न्याय के साथ- साथ आर्थिक न्याय की व्यवस्था भी है। देश में यह शासन प्रणाली लोगो को सामाजिक, राजनीतिक तथा धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करती हैं।
लोकतन्त्र के प्रकार
लोकतन्त्र की परिभाषा के अनुसार यह "जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन है"। लेकिन अलग-अलग देशकाल और परिस्थितियों में अलग-अलग धारणाओं के प्रयोग से इसकी अवधारणा कुछ जटिल हो गयी है। प्राचीनकाल से ही लोकतन्त्र के सन्दर्भ में कई प्रस्ताव रखे गये हैं, पर इनमें से कई कभी क्रियान्वित नहीं हुए।
प्रतिनिधि लोकतन्त्र
प्रतिनिधि लोकतन्त्र में जनता सरकारी अधिकारियों को सीधे चुनती है। प्रतिनिधि किसी जिले या संसदीय क्षेत्र से चुने जाते हैं या कई समानुपातिक व्यवस्थाओं में सभी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। कुछ देशों में मिश्रित व्यवस्था प्रयुक्त होती है। यद्यपि इस तरह के लोकतन्त्र में प्रतिनिधि जनता द्वारा निर्वाचित होते हैं, लेकिन जनता के हित में कार्य करने की नीतियाँ प्रतिनिधि स्वयं तय करते हैं। यद्यपि दलगत नीतियाँ, मतदाताओं में छवि, पुनः चुनाव जैसे कुछ कारक प्रतिनिधियों पर असर डालते हैं, किन्तु सामान्यतः इनमें से कुछ ही बाध्यकारी अनुदेश होते हैं।
इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जनादेश का दबाव नीतिगत विचलनों पर रोक का काम करता है, क्योंकि नियमित अन्तरालों पर सत्ता की वैधता हेतु चुनाव अनिवार्य हैं एक तरह का प्रतिनिधि लोकतन्त्र है, जिसमें स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव होते हैं। उदार लोकतन्त्र के चरित्रगत लक्षणों में, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, शक्तियों के वितरण आदि के अलावा अभिव्यक्ति, भाषा, सभा, पन्थ और संपत्ति की स्वतन्त्रता प्रमुख है।
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में सभी नागरिक सारे महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर मतदान करते हैं। इसे प्रत्यक्ष कहा जाता है क्योंकि सैद्धान्तिक रूप से इसमें कोई प्रतिनिधि या मध्यस्थ नहीं होता। सभी प्रत्यक्ष लोकतन्त्र छोटे समुदाय या नगर-राष्ट्रों में हैं। उदाहरण स्विट्जरलैंड
उदार लोकतान्त्रिक देशों में वंचित वर्ग का सशक्तिकरण किया जाता है, जिससे देश की उन्नति हो। उदार लोकतन्त्र में लोगों का अर्थात नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का लाभ देना सरकार या राज्य का कर्तव्य है।
लोकतंत्र की विशेषताएँ
- नागरिकों के बीच समानता को बढ़ावा देता है।
- व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।
- निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार करता है।
- संघर्षो को हल करने के लिए एक विधि प्रदान करता है।
- गलतियों को सुधारने की अनुमति देता है।
भारत में लोकतंत्र
- भारत दुनिया का दूसरा (जनसंख्या में) और सातवाँ (क्षेत्र में) सबसे बड़ा देश है। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, फिर भी यह एक युवा राष्ट्र है। 1947 की आजादी के बाद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इसके राष्ट्रवादी के आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के तहत बनाया गया था।
- संसद का चुनाव हर 05 साल में एक बार आयोजित किया जाता है। वर्तमान में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के मुखिया हैं, जबकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द रास्ट्र के मुखिया हैं।
- देश में दो मुख्य गठबंधनः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन & सत्ताधारी पार्टियाँ 16 ; छह मुख्य राष्ट्रीय पार्टियाँ हैं: भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी. राज्य स्तर पर, कई क्षेत्रीय दल विधानसभाओं के लिय हर पांच साल पर खड़े होते हैं। राज्य सभा चुनाव हर 6 साल में आयोजित की जाती है।
- लोकतंत्र सरकार की एक प्रणाली है जो नागरिकों को वोट देने और मतदाताओं को अपनी पसंद की सरकार का चुनाव करने की अनुमति देती है। इसके तीन मुख्य अंग हैं: कार्यपालिका, व्यवस्थापिका, दलीय।
क्या लोकतांत्रिक सरकारें प्रभावी होती है?
- निश्चित रूप से यह सही है कि अलोकतांत्रिक सरकारों को विधायिका का सामना नहीं करना होता। उन्हें बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक नज़रिए का ख्याल नहीं रखना पड़ता। यही कारण है कि ये सरकारें कोई भी फैसले जल्दी लेते है।
- लोकतंत्र में बातचीत और मोलतोल के आधार पर काम चलता है। लोकतांत्रिक सरकार सारी प्रक्रिया को पूरा करने में ज़्यादा समय ले सकती है। लेकिन इसने पूरी प्रक्रिया को माना है इसलिए इस बात की ज़्यादा संभावना है कि लोग उसके फ़ैसलों को मानेंगे और वे ज़्यादा प्रभावी होंगे।
पारदर्शिता
एक नागरिक जो यह जानना चाहता है कि क्या सही प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्णय लिया गया था, यह पता लगा सकता है। उसके पास निर्णय लेने की प्रक्रिया की जांच करने का अधिकार और साधन है। इसे पारदर्शिता के रूप में जाना जाता है।
जवाबदेही
एक जवाबदेह सरकार अपने नागरिकों के लिए जवाबदेह है। यह अपने नागरिकों की ओर से किए गए सभी निर्णयों के लिए जिम्मेदार है।
वैध सरकार :-
वैध सरकार ऐसी सरकार है जिसके तहत सरकार के कानून और कार्रवाई लोगों और सरकार के कामकाज को पारदर्शी तरीके से प्रकट करते हैं।
लोकतंत्र किस प्रकार एक वैध सरकार को जन्म देता है?
- लोकतान्त्रिक सरकार एक जवाबदेह सरकार है।
- नागरिकों को, निर्णय निर्माण प्रक्रिया की जाँच करने के अधिकार और साधन प्राप्त होते हैं।
- लोकतंत्र एक जिम्मेदार सरकार है। यह नागरिकों के विचारों और उम्मीदों का ध्यान रखती है।
- लोकतांत्रिक सरकार एक वैध सरकार है क्योंकि यह जनता द्वारा चुनी जाती है।
आर्थिक संवृद्धि और विकास
- यदि आर्थिक समृद्धि की बात की जाये तो इसमें तानाशाही शासन लोकतंत्र के मामले में आगे दिखता है। 1950 से 2000 तक के पचास वर्षों के आँकड़ों का अध्ययन करने से पता चलता है कि तानाशाही शासन व्यवस्था में आर्थिक समृद्धि बेहतर हुई है। लेकिन कई लोकतांत्रिक देश हैं जो दुनिया की आर्थिक शक्तियों में गिने जाते हैं। इसलिये यह कहा जा सकता है कि सरकार का प्रारूप किसी देश की आर्थिक समृद्धि को निर्धारित करने वाला अकेला कारक नहीं है।
- इसके अन्य कारक भी होते हैं, जैसे: जनसंख्या, वैश्विक स्थिति, अन्य देशों से सहयोग, आर्थिक प्राथमिकताएँ, आदि।
- इसलिए हमें आर्थिक संवृद्धि के साथ अन्य सकारात्मक पहलुओं को भी देखना पड़ेगा। इस दृष्टिकोण से लोकतंत्र हमेशा तानाशाही से बेहतर होता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था तानाशाही से बेहतर क्यों
- लोकतंत्र में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव होते हैं।
- लोकतंत्र में नीति तथा निर्णयों पर खुली बहस होती है।
- लोकतंत्र में वैध सरकार होती है।
- लोकतंत्र में नागरिकों की स्थिति बेहतर होती है।
तानाशाही सरकार की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार की कमियाँ
- तानाशाही की तुलना में लोकतंत्र में निर्णय लेने में कुछ अधिक समय लगता है क्योंकि तानाशाही में औपचारिकता नहीं होती।
- तानाशाही सरकार की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार ज्यादा खर्चीली है क्योंकि यहाँ निश्चित अवधि के बाद चुनाव होते है।
- तानाशाही में उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार हो सकता है परंतु लोकतंत्र में हर स्तर पर भ्रष्टाचार हो सकता है।
- लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जबकि तानाशाही में ऐसा नहीं होता है।
असमानता और गरीबी में कमी
आर्थिक असमानता पूरी दुनिया में बढ़ रही है। भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा गरीब है। गरीबों और अमीरों की आय के बीच एक बहुत बड़ी खाई है। लोकतंत्र अधिकांश देशों में आर्थिक असमानता मिटाने में असफल ही रहा है।
सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य :-
दुनिया के लगभग हर देश में सामाजिक विविधता देखने को मिलती है। ऐसे में विभिन्न वर्गों के बीच टकराव होना स्वाभाविक है। लोकतंत्र से ऐसे तरीकों का विकास होता है जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच टकराव को कम किया जा सकता है। लोकतंत्र से हमें विविधताओं का सम्मान करने और मतभेदों के समाधान निकालने की सीख मिलती है।
नागरिकों की गरिमा और आजादी
लोकतंत्र से नागरिकों को गरिमा और आजादी मिलती है। भारत के समाज के कई वर्गों को वर्षों तक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है। लेकिन लोकतंत्र के कारण इन वर्गों के लोग आज सामाजिक व्यवस्था में ऊपर उठ पाये हैं और उन्हें उनका हक मिला है।
महिलाओं की समानता
दुनिया के अधिकतर लोकतांत्रिक देशों में आज महिलाओं को समान अधिकार मिले हुए हैं। लेकिन तानाशाही देशों में आज महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त नहीं है। लोकतंत्र के कारण ही महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर पाईं।
जातिगत असमानता
भारत में जातिगत असमानता की जड़ें बहुत गहरी हैं। लेकिन लोकतंत्र ने काफी हद तक इसे कमजोर किया है। आज आपको हर पेशे में पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के लोग मिल जायेंगे।
लोकतंत्र असमानता और गरीबी को कम करने में सक्षम कैसे
- यह प्रत्येक नागरिक को समान मतदान अधिकार देकर राजनीतिक समानता सुसनिश्चित करता है।
- यह समूह सक्रियता के लिए एक उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है जो गरीब लोगों की चिंताओं को उठाने के लिए समान अवसर की ओर जाता है।
- यह समाज के किसी भी वर्ग की आवश्यकता के आधार पर आर्थिक लाभ के हस्तांतरण के लिए पुनर्वितरण तंत्र का समर्थन करता है।
- यह सामाजिक समानता सुनिश्चित करने वाली आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव के बिना हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है।
राजनीतिक समानता
जाति, पंथ, धर्म, आर्थिक स्थिति में अंतर के बावजूद मतदान और चुनाव में लड़ने का समान अधिकार।
सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य
- हर देश सामाजिक विविधताओं से भरा हुआ है। इसलिए विभिन्न वर्गों के बीच टकराव होना स्वाभाविक है। लोकतंत्र ऐसे तरीकों का विकास करने में मदद करता है जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो सके।
- लोकतंत्र में लोग विविधता का सम्मान करना और मतभेदों के समाधान निकालना सीख जाते हैं। अधिकतर लोकतांत्रिक देशों में सामाजिक विविधता में तालमेल बना रहता है। इसके कुछ अपवाद हो सकते हैं, जैसे : श्रीलंका।
नागरिकों की गरिमा और आजादी
लोकतंत्र ने नागरिकों को गरिमा और आजादी प्रदान की है। भारत में कई सामाजिक वर्ग हैं जिन्होंने वर्षों तक उत्पीड़न झेला है। लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के फलस्वरूप इन वर्गों के लोग भी आज सामाजिक व्यवस्था में ऊपर उठ पाये हैं और अपने हक को प्राप्त किया है।
महिलाओं की समानता
लोकतंत्र के कारण ही यह संभव हो पाया है कि महिलाएँ समान अधिकारों के लिये संघर्ष कर पाईं। आज अधिकांश लोकतांत्रिक देशों की महिलाओं को समाज में बराबर का दर्जा मिला हुआ है। तानशाह देशों में आज भी महिलाओं को समान अधिकार नहीं प्राप्त हैं।
जातिगत असमानता
जातिगत असामनता भारत में जड़ जमाये बैठी है। लेकिन लोकतंत्र के कारण इसकी संख्या काफी कम है। आज पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के लोग भी हर पेशे में शामिल होने लगे हैं।
लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा को कैसे बनाये रखता है?
- लोकतंत्र सम्मान एवं स्वतंत्रता की भावना को जन्म देता है।
- लोकतंत्र में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार किया जाता है।
- लोकतंत्र ने महिलाओं को पुरूषों के समान दर्जा प्रदान किया है।
- लोकतंत्र में जाति आधारित असमानताओं एवं क्रूरताओं का कोई नैतिक एवं कानूनी आधार नहीं है।
शिकायतें का लोकतंत्र को सफल बनाने में सहयोग
- बहुत समय से स्त्रियों को समान अधिकार, न्याय और स्वतंत्रता से वंचित रखा गया था। मगर ' लोकतंत्र ने सभी अधिकार सुनिश्चित कर दिये।
- समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान करना।
- उचित प्रतिनिधित्व देने से विभिन्न जातीय समूहों के बीच टकराव कम हुआ है। मतभेदों को दूर करने के लिए लोकतंत्र संवैधानिक तरीका उपलब्ध कराता है।
लोकतंत्र से अपेक्षित परिणाम :-
- सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव समय समय पर होने चाहिए।
- चुने गए प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हों।
- प्रेस स्वतंत्र हो तथा वह जिम्मेवारी से अपनी भूमिका निभाएँ।
- जनता को मौलिक अधिकार प्राप्त हों।
- देश की एकता, अखण्डता वं संघवाद मजबूत हों।
लोकतंत्र के सामाजिक परिणाम
- लोकतांत्रिक व्यवस्था सद्भावनापूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है।
- इसमें सामाजिक टकरावों की संभावना कम रहती है।
- व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है।
- लोकतंत्र में समाज के कमजोर वर्गों को समानता का दर्जा देने पर बल दिया जाता है।
उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन :-
- लोकतांत्रिक सरकार जनता के लिए उत्तरदायी होती है और नागरिकों की उम्मीदों और मांगों पर ध्यान देती है।
- हमें यह सोचने की भी जरूरत है कि क्या इस तरह के फैसले वास्तव में लोगों की समस्या दूर करते हैं।
- कई लोगों को ऐसा लगता है कि लोकतांत्रिक सरकार की तुलना में अलोकतांत्रिक सरकार अधिक कुशल होती है।
- लोकतांत्रिक सरकार में आम सहमति के बिना कोई फैसला नहीं लिया जाता है। इसलिए अहम फैसले लेने में देर लगती है।
- लेकिन अलोकतांत्रिक सरकार में फैसले तेजी से लिये जाते हैं क्यों आम सहमति बनाने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन ऐसे फैसले अक्सर जनता को मंजूर नहीं होते हैं।
- लोकतांत्रिक सरकार अधिक पारदर्शी होती है। इसलिए लोकतांत्रिक सरकार जनता के लिए उत्तरदायी होती है और जनता का ध्यान रख पाती है।
- लोकतांत्रिक सरकार वैध होती है क्योंकि इसे जनता द्वारा चुना जाता है। यही कारण है कि आज दुनिया के अधिकांश देशों में लोकतांत्रिक सरकारें हैं।
- लोकतंत्र (Democracy): 'जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए शासन'। इसमें सत्ता का अंतिम स्रोत नागरिक होते हैं।
- पारदर्शिता (Transparency): नागरिकों को यह जानने का अधिकार कि सरकार द्वारा लिए गए फैसले सही प्रक्रिया (नियम-कानून) के तहत लिए गए हैं या नहीं।
- जवाबदेही (Accountability): सरकार अपने किए गए हर फैसले और काम के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी होती है।
- वैध सरकार (Legitimate Government): वह सरकार जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से जनता द्वारा चुनी गई हो।
- सामाजिक सामंजस्य: लोकतंत्र अलग-अलग धर्मों, जातियों और वर्गों के बीच आपसी मतभेदों को कम करके उन्हें एक साथ शांतिपूर्ण तरीके से रहने का माहौल देता है।
लोकतंत्र कोई जादू की छड़ी नहीं है जो रातों-रात गरीबी या असमानता को खत्म कर दे। यह सिर्फ एक ऐसी व्यवस्था है जो नागरिकों को अपने अधिकार और गरिमा पाने के लिए एक उचित और समान मंच प्रदान करती है। भले ही तानाशाही में फैसले जल्दी लिए जाते हों, लेकिन लोकतंत्र की वैधता (Legitimacy), पारदर्शिता और जवाबदेही ही इसे दुनिया की सबसे बेहतर और मानवीय शासन प्रणाली बनाती है।
- अब्राहम लिंकन: अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति, जिन्होंने लोकतंत्र की सबसे प्रसिद्ध परिभाषा दी।
- लोकतंत्र के 3 अंग: कार्यपालिका, व्यवस्थापिका (विधायिका) और दलीय प्रणाली।
- आर्थिक संवृद्धि: 1950 से 2000 के बीच कुछ तानाशाही देशों में आर्थिक विकास तेज़ रहा, लेकिन लोकतंत्र अन्य सामाजिक पैमानों पर बेहतर है।
- नागरिकों की गरिमा: लोकतंत्र में महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्गों को समानता और सम्मान पाने का कानूनी आधार मिलता है।
- लोकतंत्र की कमियाँ: फैसले लेने में देरी, चुनाव में अधिक खर्च और भ्रष्टाचार की संभावना।
लघु उत्तरीय प्रश्न:
- लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
- लोकतंत्र में पारदर्शिता (Transparency) का क्या अर्थ है?
- लोकतंत्र तानाशाही से बेहतर क्यों है? कोई तीन कारण बताएँ।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
- लोकतंत्र किस तरह एक उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है? विस्तार से समझाएँ।
- क्या आर्थिक विकास और संवृद्धि के मामले में लोकतंत्र असफल रहा है? अपने विचार तर्क सहित दें।
- लोकतंत्र किन स्थितियों में सामाजिक विविधता को सँभालता है और उनके बीच सामंजस्य बैठाता है?
- "लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा और आज़ादी को बनाए रखता है।" इस कथन की व्याख्या करें।