राजनीतिक दल (Political Parties)

JAC Board Class 10th Civics Important Subjective Notes

Most Important Subjective Questions
उत्तर: राजनीतिक दल लोगों के एक ऐसे संगठित समूह को कहते हैं जो चुनाव लड़ने और सरकार में राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करता है। समाज के सामूहिक हित को ध्यान में रखकर यह समूह कुछ नीतियों और कार्यक्रमों पर सहमत होता है। राजनीतिक दल के तीन प्रमुख अंग होते हैं: 1. नेता (The Leaders) 2. सक्रिय सदस्य (The Active Members) 3. अनुयायी या समर्थक (The Followers or Supporters)
उत्तर: लोकतंत्र में राजनीतिक दल निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य करते हैं: 1. चुनाव लड़ना: राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारते हैं। 2. नीतियाँ और कार्यक्रम: दल अलग-अलग नीतियां और कार्यक्रम जनता के सामने रखते हैं और मतदाता अपनी पसंद का चुनाव करते हैं। 3. कानून निर्माण: देश के कानून बनाने में राजनीतिक दल निर्णायक भूमिका निभाते हैं क्योंकि विधायिका में बहुमत वाले दल के सदस्य ही कानून पास करते हैं। 4. सरकार बनाना और चलाना: दल ही सरकारें बनाते हैं और बड़े नीतिगत फैसले लेते हैं। 5. विपक्ष की भूमिका: चुनाव हारने वाले दल शासक दल के खिलाफ जनता की आवाज उठाते हैं और सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करते हैं। 6. जनमत निर्माण: दल जनता के मुद्दों को उठाते हैं और जनमत तैयार करते हैं।
उत्तर: आधुनिक लोकतंत्र राजनीतिक दलों के बिना नहीं चल सकता। इसकी आवश्यकता के प्रमुख कारण हैं: 1. यदि दल न हों, तो हर उम्मीदवार स्वतंत्र होगा। ऐसे में कोई भी प्रमुख नीतिगत बदलाव के बारे में जनता से वादा नहीं कर पाएगा। 2. सरकार बन भी गई तो उसकी उपयोगिता संदिग्ध होगी क्योंकि कोई भी पूरे देश के प्रति जवाबदेह नहीं होगा। 3. समाज की जटिलताओं और विभिन्न विचारों को एक जगह लाकर सरकार के सामने रखने के लिए एक एजेंसी (दल) की जरूरत होती है। 4. शासन पर अंकुश लगाने और नीतियों का समर्थन या विरोध करने के लिए दलों का होना अनिवार्य है।
उत्तर: दुनिया में मुख्य रूप से तीन प्रकार की दलीय प्रणालियाँ पाई जाती हैं: 1. एक-दलीय प्रणाली: जहाँ केवल एक ही दल को सरकार चलाने की अनुमति होती है। उदाहरण: चीन (कम्युनिस्ट पार्टी)। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा विकल्प नहीं है। 2. दो-दलीय प्रणाली: जहाँ सत्ता मुख्य रूप से दो बड़े दलों के बीच बदलती रहती है। उदाहरण: संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन। 3. बहु-दलीय प्रणाली: जहाँ दो से अधिक दल सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं और गठबंधन सरकार की संभावना रहती है। उदाहरण: भारत। यह प्रणाली अधिक लोकतांत्रिक मानी जाती है क्योंकि इसमें विविध हितों को प्रतिनिधित्व मिलता है।
उत्तर: चुनाव आयोग द्वारा तय मानकों के आधार पर इनमें अंतर इस प्रकार है: राष्ट्रीय दल (National Party): 1. जो दल लोकसभा चुनाव में पड़े कुल वोटों का अथवा चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में कुल वोटों का 6 प्रतिशत हासिल करता है और लोकसभा की कम से कम 4 सीटों पर जीत दर्ज करता है, उसे राष्ट्रीय दल कहते हैं। 2. उदाहरण: भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)। क्षेत्रीय/प्रांतीय दल (State Party): 1. जब कोई दल राज्य विधानसभा के चुनाव में पड़े कुल मतों का 6 प्रतिशत या उससे अधिक हासिल करता है और कम से कम 2 सीटों पर जीत दर्ज करता है, तो उसे क्षेत्रीय दल कहते हैं। 2. उदाहरण: झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM), जनता दल यूनाइटेड (JDU)।
उत्तर: वर्तमान में राजनीतिक दलों को निम्नलिखित चार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है: 1. आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: दलों के पास न तो सदस्यों की सूची होती है और न ही नियमित चुनाव होते हैं। सारी शक्ति कुछ बड़े नेताओं के हाथ में सिमट जाती है। 2. वंशवाद की चुनौती: अधिकांश दलों में शीर्ष पदों पर हमेशा एक ही परिवार के लोग बैठे रहते हैं, जिससे सक्षम कार्यकर्ताओं को आगे आने का मौका नहीं मिलता। 3. पैसा और अपराधी तत्वों का प्रभाव: चुनाव जीतने के लिए दल अमीर उम्मीदवारों को टिकट देते हैं या अपराधियों का सहारा लेते हैं। 4. विकल्पहीनता: अक्सर विभिन्न दलों की नीतियों और विचारधाराओं में कोई बड़ा अंतर नहीं रह जाता, जिससे मतदाताओं के पास वास्तविक विकल्प नहीं बचता।
उत्तर: भारत में राजनीतिक दलों को सुधारने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं: 1. दल-बदल विरोधी कानून: विधायकों और सांसदों को चुनाव के बाद पार्टी बदलने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। 2. शपथ पत्र (Affidavit): सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार हर उम्मीदवार को अपनी संपत्ति और आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना अनिवार्य कर दिया गया है। 3. सांगठनिक चुनाव: चुनाव आयोग ने सभी दलों के लिए आंतरिक चुनाव कराना और आयकर रिटर्न भरना जरूरी बना दिया है।
उत्तर: जब किसी एक राजनीतिक दल को चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो दो या दो से अधिक राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं। इसे ही गठबंधन सरकार (Coalition Government) कहते हैं। भारत में बहुदलीय प्रणाली के कारण गठबंधन सरकारों का दौर 1989 के बाद बहुत लोकप्रिय हुआ है। उदाहरण के लिए, एनडीए (NDA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन। इससे क्षेत्रीय दलों का महत्व बढ़ गया है।
उत्तर: दलों को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं: 1. दलों के आंतरिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कानून बनाया जाए। 2. राजनीतिक दलों के ऊँचे पदों पर महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई कोटा अनिवार्य किया जाए। 3. चुनाव का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाए (State Funding of Elections) ताकि धनबल का प्रभाव कम हो सके। 4. आम जनता द्वारा आंदोलनों और याचिकाओं के जरिए दलों पर सुधार के लिए दबाव बनाया जाए।
उत्तर: लोकतंत्र में विपक्षी दल उतना ही जरूरी है जितना शासक दल। इसके महत्व निम्नलिखित हैं: 1. यह सरकार की निरंकुशता पर रोक लगाता है। 2. यह सरकार की गलत नीतियों और विफलताओं को जनता के सामने लाता है। 3. यह सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस करता है और सरकार को जवाबदेह बनाता है। 4. यह जनता की शिकायतों को आवाज देकर जनमत तैयार करता है।