अति लघुत्तरिय प्रश्न
उत्तर : हेनरी फोर्ड स.रा. अमेरिका का एक प्रसिद्ध कार निर्माता था | [cite_start]जिसका डेट्रायट शहर में कार बनाने का कारखाना था | [cite: 193, 194]
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उत्तर : 1890 के दशक में अफ्रीका के पशुओं में एक बीमारी फैली थी जिससे अफ्रीका महादेश के 90% पशु मर गए थे | [cite: 196]
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उत्तर : 1950-60 के दशक में जब विकासशील देशों को पश्चिमी देशों की तेज प्रगति से कोई लाभ नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने G - 77 नाम से अपना एक अलग समूह बना लिया | [cite: 198]
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उत्तर : जब एक मशीन के अलग-अलग कल पुर्जे अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाते हैं और बाद में उन्हें एक स्थान पर इकट्ठा करके उन्हें एक पूरी मशीन का रूप दिया जाता है तो ऐसे ढंग को असेंबली लाइन कहा जाता है | [cite: 205]
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उत्तर : विश्वव्यापी आर्थिक महामंदी की शुरुआत 1929 ईस्वी में हुआ तथा यह मंदी 30 के दशक तक बनी रही | [cite: 207]
उत्तर : अंग्रेज सरकार द्वारा भारतीय मजदूर को एक एग्रीमेंट के तहत काम करने के लिए विभिन्न देशों में विशेषकर कैरेबियाई द्वीप पर ले जाया गया था | [cite_start]इन्हें गिरमिटिया मजदूर कहा जाता है | [cite: 212, 213]
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उत्तर : ब्रेटन उड्स अमेरिका के न्यू हैंपशर में स्थित है। [cite: 215] [cite_start]यहां 1944 में संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवम् वित्तीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। [cite: 216]
लघुत्तरिय प्रश्न
उत्तर : अफ्रीका में स्थानीय लोगों को काम पर लगाए रखने के लिए यूरोपीयों द्वारा निम्नलिखित उपाय किए गए -
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- (i) लोगों पर भारी कर लगाए गए ताकि बागान में वेतन पर काम किए बिना वह भुगतान नहीं कर सके। [cite: 222, 223] [cite_start]
- (ii) उत्तराधिकारी कानून द्वारा एक ही व्यक्ति को पैतृक संपत्ति मिलना निश्चित हुआ ताकि शेष सदस्यों को श्रमिक बनाया जा सके । [cite: 224] [cite_start]
- (iii) खान में काम करने वाले मजदूरों को बाड़ों में बंद करके रखा जाता था ताकि वे स्वतंत्रता पूर्वक घूम फिर नहीं सके । [cite: 225]
उत्तर : भारतीय मजदूर दूसरे देशों में जाने के लिए निम्नांकित कारणों से तैयार हो गए -
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- (i) भारत में इंग्लैंड की वस्तु बाजार में आने से यहां के कारीगर जो घरेलू उद्योग यानी कुटीर उद्योग में उत्पादन करते थे वे बेरोजगार हो गए अर्थात कुटीर उद्योग बंद हो गए । [cite: 230]
- (ii) भूमि कर बढ़ने के कारण किसान कर चुकाने में सक्षम नहीं थे | [cite_start]उनके पास कृषि कार्य छोड़ने के अलावा कोई दूसरा मार्ग नहीं था। [cite: 231, 232] [cite_start]
- (iii) बगानों तथा खदानों में वृद्धि से कृषि योग्य भूमि कम हो गई थी इससे भी लोग बेरोजगार हो गए थे। [cite: 233]
उत्तर : ब्रिटेन में 18वीं सदी में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के निम्नलिखित परिणाम हुए -
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- (i) खाद्यनो की मांग बढ़ गई | [cite: 240] [cite_start]
- (ii) उद्योग धंधे में वृद्धि हुई। [cite: 241] [cite_start]
- (iii) कृषि उत्पाद की मांग बढ़ गई | [cite: 242] [cite_start]
- (iv) कृषि उत्पाद महंगे हो गए | [cite: 243] [cite_start]
- (v) सरकार ने मक्के के आयात पर पाबंदी लगा दी। [cite: 244]
उत्तर : प्रथम विश्वयुद्ध के आर्थिक परिणाम निम्नलिखित थे -
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- परिवार के सदस्य को युद्ध में मारे जाने से पारिवारिक आय काफी गिर गई । [cite: 250] [cite_start]
- युद्ध का सामान बनाने के लिए उद्योगों का पुनगठन किया गया | [cite: 251] [cite_start]
- ब्रिटेन भारी विदेशी कर्ज में डूब गया | [cite: 252] [cite_start]
- युद्ध के दौरान उत्पादन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई । [cite: 253] [cite_start]
- कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाओं को भारी संकट का सामना करना पड़ा | [cite: 254]
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उत्तर : वैश्वीकरण एक विश्वव्यापी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं को आपस में जोड़ कर एक विशेष अर्थव्यवस्था का निर्माण किया गया है वैश्वीकरण ने जहां अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पूंजी श्रम तथा तकनीक के प्रवाह को सुनिश्चित किया है वही इसने कई गंभीर समस्याओं को भी जन्म दिया है अभी तक के साक्ष्य एवं प्रमाण के आधार पर अनुभव बताता है कि वैश्वीकरण विकसित देशों को लाभ पहुंचाया है जबकि विकासशील और अविकसित देशों को कोई लाभ नहीं हुआ है | [cite: 258]
दीर्घ लघुत्तरिय प्रश्न
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उत्तर : 15वीं और 16वीं सदी में जब यूरोप के साहसी जहाजियों ने एशिया तथा अमेरिका के समुद्री मार्गों का पता लिया तो विश्व बहुत छोटा दिखाई देने लगा | [cite: 264] निम्नलिखित कारणों से कहा जा सकता है कि 16 वी सदी में दुनिया ' सिकुड़ने' लगी थी ।
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- (i) आवागमन सुलभ हो जाने के कारण संसार के विभिन्न महाद्वीपों के लोगों के बीच आपसी संबंध बढ़ गए । [cite: 266]
- (ii) 16 वी सदी से पहले तक विभिन्न महाद्वीपों के बीच अंतरसंबंध, व्यापार व्यवसाय का अभाव था | [cite_start]लेकिन 16 वी सदी में संसार के महाद्वीपों के बीच व्यापार, व्यवसाय, संस्कृतिक विचारों का आदान-प्रदान लोगों की बीच बढ़ी जिसने अमेरिका, एशिया, यूरोप अफ्रीका को आपस में जोड़ दिया। [cite: 267, 268] [cite_start]
- (iii) अब विदेश का कोई भी भाग उपनिवेशवादियों के आक्रमण तथा वैश्विक बिमारियों से अछुता नहीं रह गया | [cite: 269]
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उत्तर : 18 वीं शताब्दी में ब्रिटेन की आबादी तेजी से बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई | [cite: 273] [cite_start]बड़े भूस्वामियों ने सरकार पर दबाव देकर मक्के की आयात पर रोक लगाने के लिए सरकार से कानून बनवाया जिसे "कार्न लॉ" के नाम से जाना जाता है | [cite: 274] [cite_start]"कार्न लॉ" बनने से खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं जिसके कारण उद्योगपतियों एवं स्थानीय लोगों के दबाव में आकर सरकार को "कार्न लॉ" समाप्त करना पड़ा | [cite: 275]
[cite_start]"कार्न लॉ" समाप्त होने पर बहुत कम कीमत पर खाद्य पदार्थ का आयात होने लगा | [cite: 276] [cite_start]आयतित खाद्य पदार्थ के कीमत कम होने के कारण ब्रिटेन में उत्पादन खाद्य पदार्थों का उत्पादन लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है इसके परिणाम स्वरुप ब्रिटिश किसानों की स्थिति खराब हो गई तथा यह कृषि कार्य छोड़ दिया हजारों लोग बेरोजगार हो गया थे और काम की खोज में दूसरे देशों में जाने लगे | [cite: 277]
उत्तर : महामंदी के कारण निम्नलिखित थे -
- (i) कृषि क्षेत्र में अधिक उत्पादन के कारण कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट आ गई | [cite_start]आय बढ़ाने के लिए किसानों ने पुण: उत्पादन में वृद्धि का प्रयास किया इसके परिणाम स्वरुप कीमतों में और अधिक गिरावट आ गई तथा खरीदारों के अभाव में उपज पड़ी-पड़ी खराब हो गई । [cite: 283, 284]
- (ii) कारखानों में तैयार माल को बाजार नहीं मिल सका | [cite_start]जिसके कारण कारखाने बंद हो गए तब बड़े स्तर पर बेरोजगारी बढ़ी | [cite: 285, 286] [cite_start]
- (iii) अधिक संख्या में मजदूरों की उपलब्धता के कारण वेतन में कमी हो गयी तथा मजदूरों का जीवन स्तर गिर गया | [cite: 287] [cite_start]
- (iv) शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट के कारण लाखों व्यापारियों का कारोबार चौपट हो गया | [cite: 288]
उत्तर : विश्वव्यापी आर्थिक महामंदी के भारत पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े -
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- (i) 1928 से 1934 के बीच भारत में गेहूँ का आयात निर्यात घटकर आधा हो गया | [cite: 296]
- (ii) 1928 से 1934 ई. [cite_start]के बीच भारत में गेहूं की कीमत में 50% तक की गिरावट हुई । [cite: 297]
- (iii) कृषि उत्पादों की कीमतों में कमी के कारण किसान और काश्तकारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा | [cite_start]फिर भी सरकार ने लगान में कोई छूट या माफी की घोषणा नहीं की । [cite: 298, 299] [cite_start]
- (iv) मंदी के दौरान भारत सोने का निर्यात करने लगा था जिससे ब्रिटेन की आर्थिक दशा में सुधार का कारण हुआ | [cite: 300, 301] [cite_start]
- (v) कीमतों में भारी कमी के बावजूद शहर के वेतन भोगी कर्मचारियों की स्थिति ठीक-ठाक रही क्योंकि उनकी आय निश्चित थी। [cite: 302]
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उत्तर : ऐसी कंपनियां जो विभिन्न देशों में अपने पूंजी निवेश करती है तथा तैयार माल को विश्व बाजार में बेचती है, बहुराष्ट्रीय कंपनियां कहलाती है | [cite: 307] स्थानांतरण के निम्नलिखित प्रभाव हुए -
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- (i) एशियाई देशों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई, मजदूरों की आय बढ़ी तथा उनका जीवन स्तर ऊंचा उठा | [cite: 310] [cite_start]
- (ii) बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपनी गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूंजी, श्रम और तकनीक के प्रवाह को बढ़ावा दिया | [cite: 311] [cite_start]
- (iii) बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने वैश्वीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया | [cite: 312]