विकास (Development)

JAC Board Class 10th Economics Important Subjective Notes

Most Important Subjective Questions
उत्तर: विकास एक व्यापक शब्द है जिसमें आय में वृद्धि के साथ-साथ जीवन के स्तर में सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वतंत्रता जैसे गैर-आर्थिक पहलू भी शामिल होते हैं। विकास के दो मुख्य पहलू हैं: 1. अलग-अलग लोगों के लिए विकास के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं। 2. एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, एक बांध का निर्माण उद्योगपतियों के लिए विकास हो सकता है क्योंकि उन्हें बिजली मिलती है, लेकिन वहाँ रहने वाले आदिवासियों के लिए यह विनाश है क्योंकि उन्हें अपनी ज़मीन छोड़नी पड़ती है।
उत्तर: यद्यपि अधिक आय विकास का एक प्रमुख लक्ष्य है, लेकिन लोग केवल आय को ही महत्व नहीं देते। आय के अलावा विकास के अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य निम्नलिखित हैं: 1. स्वतंत्रता: अपनी इच्छा के अनुसार जीने और कार्य करने की आज़ादी। 2. समानता का व्यवहार: समाज और कार्यस्थल पर बिना किसी भेदभाव के समान सम्मान मिलना। 3. सुरक्षा: जीवन और रोज़गार की सुरक्षा। 4. स्वास्थ्य और शिक्षा: बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के अवसर। 5. प्रदूषण मुक्त वातावरण: रहने के लिए साफ़ हवा और पानी।
उत्तर: जब देश की कुल आय को उसकी कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है, तो प्राप्त होने वाली राशि को 'प्रति व्यक्ति आय' या 'औसत आय' कहते हैं। तुलना के लिए उपयोग: विश्व बैंक अपनी 'विश्व विकास रिपोर्ट' में देशों का वर्गीकरण करने के लिए प्रति व्यक्ति आय को ही आधार मानता है। 1. जिन देशों की प्रति व्यक्ति आय अधिक होती है, उन्हें समृद्ध या विकसित देश कहा जाता है। 2. जिन देशों की प्रति व्यक्ति आय कम होती है, उन्हें निम्न आय वाले या विकासशील देश कहा जाता है। सीमा: हालांकि प्रति व्यक्ति आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन यह यह नहीं बताती कि आय का वितरण लोगों के बीच कैसा है।
उत्तर: मानव विकास सूचकांक (HDI) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा जारी किया जाने वाला एक मापदंड है, जो देशों के विकास की तुलना केवल आय के आधार पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के आधार पर भी करता है। इसके मुख्य घटक हैं: 1. प्रति व्यक्ति आय: आर्थिक स्थिति को मापने के लिए। 2. जीवन प्रत्याशा (स्वास्थ्य): जन्म के समय एक व्यक्ति के औसत जीवित रहने की उम्मीद। 3. साक्षरता दर (शिक्षा): 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में शिक्षित लोगों का अनुपात।
उत्तर: विकास की धारणीयता का अर्थ है ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करे, लेकिन साथ ही भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों और क्षमताओं से समझौता न करे। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि: 1. प्राकृतिक संसाधन (जैसे- तेल, कोयला, भूजल) सीमित हैं। यदि हम इनका अंधाधुंध उपयोग करेंगे, तो ये भविष्य में समाप्त हो जाएंगे। 2. पर्यावरण प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएँ विकास के अस्तित्व पर खतरा पैदा कर रही हैं। 3. आने वाली पीढ़ियों को भी गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए संसाधनों की आवश्यकता होगी।
उत्तर: ये दोनों सूचक किसी राज्य या देश के सामाजिक विकास के स्तर को दर्शाते हैं: 1. शिशु मृत्यु दर (IMR): किसी वर्ष में पैदा हुए 1000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात। यह उस क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता को दर्शाता है। 2. निवल उपस्थिति अनुपात: 14 तथा 15 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले कुल बच्चों का उसी आयु वर्ग के कुल बच्चों के साथ प्रतिशत। यह शिक्षा के प्रसार और पहुँच को दर्शाता है।
उत्तर: वे सुविधाएँ जो सरकार द्वारा आम जनता को सामूहिक रूप से प्रदान की जाती हैं, सार्वजनिक सुविधाएँ कहलाती हैं। उदाहरण: सरकारी स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक परिवहन, राशन की दुकानें (PDS) आदि। महत्व: 1. जेब में रखा रुपया वे सभी वस्तुएँ और सेवाएँ नहीं खरीद सकता जिनकी आपको एक बेहतर जीवन जीने के लिए आवश्यकता है (जैसे- प्रदूषण मुक्त वातावरण या संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा)। 2. ये सुविधाएँ गरीब लोगों के लिए विकास के अवसरों को सुलभ बनाती हैं। 3. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के कारण ही केरल जैसे राज्यों का मानव विकास सूचकांक हरियाणा जैसे अमीर राज्यों से बेहतर है।
उत्तर: शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) वयस्कों के पोषण स्तर को मापने का एक अंतरराष्ट्रीय मानक है। गणना की विधि: 1. व्यक्ति के भार (किलोग्राम में) को उसकी लंबाई के वर्ग (मीटर में) से भाग दिया जाता है। 2. परिणाम: - यदि BMI 18.5 से कम है, तो व्यक्ति कुपोषित माना जाता है। - यदि BMI 25 से अधिक है, तो व्यक्ति का वजन आवश्यकता से अधिक (Overweight) माना जाता है।
उत्तर: आय विकास का एक महत्वपूर्ण सूचक है, लेकिन यह एकमात्र मापदंड नहीं हो सकती क्योंकि: 1. आय केवल भौतिक वस्तुओं (जैसे- घर, कार) की उपलब्धता को दर्शाती है। 2. जीवन की गुणवत्ता गैर-भौतिक वस्तुओं जैसे- स्वतंत्रता, सुरक्षा, सम्मान और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण पर भी निर्भर करती है। 3. कई बार कम आय वाले राज्य स्वास्थ्य और शिक्षा में अधिक आय वाले राज्यों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं (जैसे- केरल बनाम महाराष्ट्र)। 4. धन संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा या मिलावट रहित दवाइयों की गारंटी नहीं दे सकता।
उत्तर: राष्ट्रीय विकास का अर्थ देश के सभी नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना है। इसमें बुनियादी ढाँचे का विकास, गरीबी में कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और आय के समान वितरण पर ध्यान दिया जाता है। चूंकि अलग-अलग लोगों के विकास के विचार भिन्न हो सकते हैं, इसलिए राष्ट्रीय विकास का अर्थ उन लक्ष्यों पर निर्णय लेना है जो पूरे देश और बड़े जनसमूह के लिए न्यायसंगत और लाभकारी हों।