अति लघु उत्तरीय प्रश्न
उत्तर : भारत के तीन प्रमुख खरीफ फसलों के नाम निम्नलिखित हैं:
- चावल (धान)
- कपास
- मक्का (ज्वार, बाजरा, मूंगफली आदि)
उत्तर : भारत में तीन प्रमुख रबी फसलों के नाम निम्नलिखित हैं:
- चना
- जौ
- गेहूं (मसूर, मटर, सरसों आदि)
उत्तर : भारत के तीन नकदी फसलों के नाम निम्नलिखित हैं:
- गन्ना
- तम्बाकू
- रबड़
उत्तर : भारत के तीन फलीदार फसलें निम्नलिखित हैं:
- अरहर
- चना
- मटर
लघु उत्तरीय प्रश्न
उत्तर : भारतीय कृषि की चार मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- भारतीय कृषि पूरी तरह से मानसून पर आधारित है।
- खेती में पशुओं की मुख्य भूमिका होती है।
- उत्पादन में खाद्य फसलों की अधिकता रहती है।
- भारतीय कृषि में जोत का आकार छोटा होता है।
उत्तर : कृषि की वह प्रक्रिया जिसमें सीमित भू-भाग पर अत्यधिक संसाधनों और तकनीकों का उपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जाता है, गहन कृषि कहलाती है।
उत्तर : रोपण कृषि एक प्रकार की वाणिज्यिक खेती है जहाँ एक बड़े भू-भाग पर एक ही प्रकार की फसल उगाई जाती है। इसकी विशेषताएँ निम्न हैं:
- यह फसलें मुख्य रूप से निर्यात और व्यापार के लिए होती हैं।
- इसमें श्रम, पूंजी और भूमि का अधिक प्रयोग किया जाता है।
- भारत में चाय, कॉफी, रबर, गन्ना और केला प्रमुख रोपण फसलें हैं।
उत्तर : इसमें किसान जमीन के टुकड़े को साफ करके अनाज उगाते हैं और मृदा की उर्वरता कम होने पर उसे छोड़कर नई जगह चले जाते हैं। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में इन नामों से जाना जाता है:
- उत्तर पूर्वी राज्य (असम, मेघालय): झूम
- मणिपुर: पामलू
- छत्तीसगढ़: दीपा
- झारखंड: कुरुवा
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
उत्तर : चावल भारत की मुख्य खरीफ फसल है। इसके लिए अनुकूल परिस्थितियाँ निम्नलिखित हैं:
- जलवायु: उष्णकटिबंधीय जलवायु अनुकूल मानी जाती है।
- तापमान व वर्षा: औसत वार्षिक वर्षा 100 सेमी से अधिक और तापमान 24°C से ऊपर होना चाहिए।
- मिट्टी: इसके लिए जलोढ़ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है।
- उत्पादक क्षेत्र: पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
उत्तर : कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने निम्नलिखित सुधारात्मक कदम उठाए हैं:
- जमींदारी प्रथा का उन्मूलन कर किसानों को भूमि का मालिकाना हक दिया गया।
- चकबंदी द्वारा बिखरे हुए खेतों को एक जगह इकट्ठा किया गया।
- नहरों और नलकूपों के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था की गई।
- ग्रामीण बैंकों द्वारा कम ब्याज पर ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा दी गई।
- फसल बीमा और न्यूनतम सहायता मूल्य (MSP) का प्रावधान किया गया।