खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

सम्पूर्ण अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर | Merit Yard Special

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ
खनिज: खनिज हमारे जीवन का अति अनिवार्य भाग है। एक कार्बनिक पदार्थ जिसमें कठोरता, रंग और निश्चित आकार होता है।
अयस्क: लोहा, मैंगनीज, अभ्रक जैसे खनिज के अंशों का मिश्रित रूप है। खनिज अयस्कों में पाये जाते हैं जो कि विभिन्न अशुद्धियों के साथ प्राकृतिक अवस्था में होते हैं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (NCERT)
उत्तर : अभ्रक
उत्तर : थोरियम
लघु उत्तरीय प्रश्न (30 शब्द)
लौह खनिजअलौह खनिज
वे धात्विक खनिज जिनमें लोहे का अंश होता है।वे धात्विक खनिज जिनमें लोहे का अंश नहीं होता है।
उदाहरण: लौह अयस्क, मैंगनीज, निकेल, कोबाल्ट।उदाहरण: ताँबा, बाक्साइट, टिन, जस्ता।
  • खनिज निर्माण की भूगर्भिक प्रक्रियाएँ इतनी धीमी हैं कि उनके पुनर्भरण की दर बहुत कम है।
  • खनिज संसाधन सीमित तथा अनवीकरण योग्य हैं।
  • अयस्कों के सतत उत्खनन की गहराई बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता घटती जाती है।
  • आगामी पीढ़ी के लिए इनका सुनियोजित और सतत पोषणीय ढंग से प्रयोग करना अनिवार्य है।
  • श्रमिकों को लगातार धूल और हानिकारक धुएँ में सांस लेनी पड़ती है जिससे फेफड़ों की बीमारियाँ होती हैं।
  • खदानों की छत गिरने, जल भराव या आग लगने का हमेशा डर बना रहता है।
  • खनन से नदियों का जल प्रदूषित होता है और भूमि का अपक्षय होता है।
ऊर्जा संसाधन (परम्परागत बनाम गैर-परम्परागत)
परम्परागत साधनगैर-परम्परागत साधन
इनका इस्तेमाल बहुत पहले से किया जा रहा है।इनकी पहचान हाल के दिनों में की गई है।
ये समाप्त होने वाले (अनवीकरणीय) साधन हैं।ये कभी न खत्म होने वाले (नवीकरणीय) साधन हैं।
ये प्रदूषण का कारण बनते हैं।ये सामान्यतः प्रदूषण मुक्त होते हैं।
उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (120 शब्द)
भारत में कोयला दो प्रमुख भूगर्भिक युगों के शैल क्रम में पाया जाता है:
  • गोंडवाना कोयला: यह 200 लाख वर्ष से पुराना है। इसके मुख्य भंडार पश्चिम बंगाल तथा झारखण्ड के दामोदर घाटी क्षेत्र (झरिया, रानीगंज, बोकारों) में पाए जाते हैं। गोदावरी, महानदी और सोन नदी घाटियों में भी इसके जमाव मिलते हैं।
  • टरशियरी कोयला: यह लगभग 55 लाख वर्ष पुराना है। यह मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में पाया जाता है।
  • लिग्नाइट: यह निम्न कोटि का भूरा कोयला है, जिसके भंडार तमिलनाडु के नैवेली में मिलते हैं।
  • भारत एक उष्ण कटिबंधीय देश है, यहाँ सौर ऊर्जा के दोहन की असीम संभावनाएं हैं।
  • यह एक प्रदूषण रहित और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
  • सौर ऊर्जा के प्रयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी और उपलों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण होगा।
  • यह ऊर्जा का एक सस्ता विकल्प है जिसका लाभ निम्न वर्ग के लोग भी आसानी से उठा सकते हैं।
  • वर्तमान में सुदूर क्षेत्रों में यह लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है।