संस्कृति (Sanskriti)

Class 10 Hindi | Important Question Bank
📚 गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"संस्कृति ऐसी चीज है जिसे पकड़ा नहीं जा सकता, तोड़ा नहीं जा सकता... जो योग्यता आग और सुई-धागे का आविष्कार कराती है, वह है संस्कृति। और जो चीज उस योग्यता से आविष्कृत हुई, वह है सभ्यता।"
(क) लेखक ने 'संस्कृति' किसे कहा है? Imp.
उत्तर: लेखक के अनुसार, मानव की वह योग्यता (Ability) या प्रेरणा जो उसे कुछ नया खोजने (आविष्कार करने) के लिए उकसाती है, वही 'संस्कृति' है।
(ख) 'सभ्यता' क्या है?
उत्तर: संस्कृति (योग्यता) के द्वारा जो चीज बनाई जाती है या जो आविष्कार होता है (जैसे- आग, सुई-धागा, मोटर, महल), वह 'सभ्यता' है।
(ग) आग और सुई-धागे का आविष्कार क्यों किया गया?
उत्तर: आग का आविष्कार पेट की भूख (ज्वाला) शांत करने के लिए और सुई-धागे का आविष्कार शरीर को सर्दी-गर्मी से बचाने (कपड़े पहनने) के लिए किया गया।
"न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का... विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन... उसे हम न्यूटन से अधिक सभ्य कह सकते हैं, पर न्यूटन से अधिक संस्कृत नहीं कह सकते।"
(क) न्यूटन को 'संस्कृत मानव' क्यों कहा गया है? Imp.
उत्तर: क्योंकि न्यूटन ने अपनी योग्यता से एक नई चीज (गुरुत्वाकर्षण) की खोज की थी। जो व्यक्ति किसी नई चीज का आविष्कार करता है, वह 'संस्कृत' होता है।
(ख) आज का विद्यार्थी न्यूटन से अधिक 'सभ्य' क्यों है?
उत्तर: क्योंकि आज के विद्यार्थी के पास न्यूटन के ज्ञान के अलावा और भी कई नई जानकारियाँ और साधन मौजूद हैं (जो सभ्यता का हिस्सा हैं)।
(ग) आज का विद्यार्थी न्यूटन से अधिक 'संस्कृत' क्यों नहीं है?
उत्तर: क्योंकि विद्यार्थी ने गुरुत्वाकर्षण की खोज नहीं की, उसे यह ज्ञान बना-बनाया मिला है। खोज करने वाला (Inventor) ही संस्कृत होता है, उसका उपयोग करने वाला नहीं।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. 'संस्कृति' पाठ के लेखक कौन हैं? 2025
उत्तर: भदंत आनंद कौसल्यायन (Bhadant Anand Kausalyayan)।
Q2. सुई-धागे का आविष्कार क्यों हुआ होगा? Imp.
उत्तर: शरीर को ढकने और मौसम (सर्दी-गर्मी) से बचाने के लिए।
Q3. 'तृष्णा' का क्या अर्थ है?
उत्तर: तृष्णा का अर्थ है - प्यास या किसी चीज को पाने की तीव्र इच्छा।
Q4. लेखक के अनुसार 'असभ्यता' कब पैदा होती है?
उत्तर: जब संस्कृति का उपयोग मानव कल्याण (भलाई) के बजाय मानव विनाश (जैसे- हथियार) के लिए किया जाता है, तो वह असभ्यता बन जाती है।
Q5. 'मनीषी' किसे कहा गया है?
उत्तर: मनीषी का अर्थ है - विद्वान या चिंतन करने वाला ज्ञानी व्यक्ति।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. संस्कृति और सभ्यता में मूल अंतर क्या है? Imp.
उत्तर:
संस्कृति: वह योग्यता या प्रेरणा है जो कुछ नया रचती है (Invention)।
सभ्यता: संस्कृति का परिणाम है (वह वस्तु जो बन गई)।
उदाहरण: हवाई जहाज बनाने का विचार 'संस्कृति' है, और बना हुआ हवाई जहाज 'सभ्यता' है।
Q2. लेखक ने 'पेट की भूख' और 'तन की सर्दी' का उदाहरण क्यों दिया है?
उत्तर: यह बताने के लिए कि मनुष्य के शुरुआती आविष्कार (आग और सुई-धागा) उसकी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हुए थे। यह संस्कृति का प्राथमिक रूप है।
Q3. 'तथागत' ने अपने शरीर का मांस क्यों दिया था?
उत्तर: 'तथागत' (बुद्ध) ने एक कबूतर की जान बचाने के लिए, या भूखे को तृप्त करने के लिए अपने शरीर का मांस दे दिया था। यह 'संस्कृति' का वह रूप है जो शारीरिक जरूरतों से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करता है।
Q4. लेनिन और कार्ल मार्क्स का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है? 2014
उत्तर: लेनिन ने रूस के भाग्य के लिए अपनी डबल रोटी (खाना) छोड़ दी थी और कार्ल मार्क्स ने मजदूरों के सुख के लिए जीवन भर दुख सहे। यह दिखाता है कि परोपकार भी संस्कृति का एक अंग है।
Q5. क्या हम आज के वैज्ञानिक को 'संस्कृत' कह सकते हैं?
उत्तर: अगर वह वैज्ञानिक कुछ बिल्कुल नया खोजता है जो पहले नहीं था, तो वह 'संस्कृत' है। लेकिन अगर वह पुरानी खोजों को ही बढ़ा रहा है, तो वह केवल 'सभ्य' है।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है? 2012, 2016
उत्तर: वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' वह है जिसमें:
1. नई चीज खोजने की योग्यता हो (आविष्कारक)।
2. जिसके पास विवेक (बुद्धि) हो।
3. जो केवल अपने पेट भरने तक सीमित न रहे, बल्कि दूसरों की भलाई (परोपकार) के लिए त्याग कर सके।
जैसे- सिद्धार्थ (बुद्ध), न्यूटन, आदि।
Q2. 'संस्कृति' कब 'असंस्कृति' बन जाती है? इसका क्या परिणाम होता है? Imp.
उत्तर: जब बुद्धि और योग्यता का उपयोग मानव-कल्याण के बजाय मानव-विनाश के लिए किया जाता है, तो संस्कृति 'असंस्कृति' बन जाती है।
परिणाम: जैसे- एटम बम का आविष्कार। यह विज्ञान की खोज तो है, लेकिन इससे मानवता का नाश होता है। ऐसी असंस्कृति अगर सभ्यता (हथियार) बनती है, तो वह आत्म-विनाशकारी होती है।
Q3. लेखक ने रात के तारों को देखने वाले मनीषी का उदाहरण क्यों दिया है?
उत्तर: लेखक बताना चाहते हैं कि आविष्कार सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होते। कुछ लोग केवल ज्ञान पाने की जिज्ञासा के लिए खोज करते हैं।
जैसे- वह पहला इंसान जिसने रात में तारों को गौर से देखा होगा, उसे पेट की भूख नहीं थी, बल्कि जानने की इच्छा थी। यह भी संस्कृति का एक रूप है।
Q4. 'सभ्यता' और 'संस्कृति' एक दूसरे से कैसे जुड़े हैं?
उत्तर: संस्कृति 'मूल' (जड़) है और सभ्यता उसका 'फल' है।
हमारी संस्कृति (सोच/योग्यता) जितनी महान होगी, हमारी सभ्यता (र रहन-सहन, मशीनें) उतनी ही विकसित होगी। दोनों को अलग नहीं किया जा सकता। सभ्यता, संस्कृति का ही बाहरी रूप है।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. लेखक ने सभ्यता और संस्कृति के बीच क्या अंतर स्पष्ट किया है? सोदाहरण (Example सहित) समझाइए। Imp.
उत्तर: लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन ने सभ्यता और संस्कृति में सूक्ष्म अंतर बताया है:

  • संस्कृति (Culture): यह मनुष्य की वह आंतरिक योग्यता, प्रेरणा या बुद्धि है जो उसे कुछ नया करने के लिए उकसाती है। यह आविष्कार करने की शक्ति है।
    उदाहरण: वह पहला आदमी जिसने दो पत्थरों को रगड़कर आग पैदा करने की बात सोची, वह 'संस्कृत' था।
  • सभ्यता (Civilization): संस्कृति के परिणामस्वरूप जो आविष्कार हमारे सामने आते हैं, और जिस तरह हम उनका उपयोग करके अपना जीवन आरामदायक बनाते हैं, वह सभ्यता है।
    उदाहरण: आज हम माचिस, लाइटर या गैस चूल्हे का प्रयोग करते हैं। यह हमारी 'सभ्यता' है, जो उस पहले आदमी की 'संस्कृति' (खोज) पर आधारित है।
Q2. 'मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है' - लेखक ने ऐसा क्यों कहा है? Value Based
उत्तर: लेखक का मानना है कि संस्कृति को टुकड़ों में नहीं बाँटा जा सकता।

  • अक्सर हम कहते हैं- 'हिंदू संस्कृति', 'मुस्लिम संस्कृति' या 'पाश्चात्य संस्कृति'। लेखक के अनुसार यह गलत है।
  • संस्कृति का मूल आधार मानव कल्याण है। कल्याण करने की भावना न हिंदू होती है, न मुस्लिम।
  • सच्ची संस्कृति हमेशा एक-दूसरे से जुड़ती है और सहयोग करती है। जो संस्कृति लोगों को बाँटती है या लड़वाती है, वह वास्तव में 'असंस्कृति' है।
  • इसलिए, पूरी दुनिया की मानव संस्कृति एक है (अविभाज्य), जिसमें सबका योगदान है।
Q3. आज के समय में हम 'सभ्यता' को ही 'संस्कृति' मानने की गलती क्यों कर रहे हैं? 2015
उत्तर: आज के समय में लोग भौतिक सुख-सुविधाओं (AC, गाड़ी, मोबाइल, अच्छे कपड़े) को ही 'संस्कृति' समझ लेते हैं।

कारण:
  • हम 'विचार' से ज्यादा 'वस्तु' को महत्व देने लगे हैं।
  • हम न्यूटन के सिद्धांत (संस्कृति) को भूलकर सिर्फ मशीनों (सभ्यता) का उपभोग कर रहे हैं।
हानि: लेखक कहते हैं कि अगर हम सिर्फ बाहरी चमक-दमक (सभ्यता) को बढ़ाते रहे और आंतरिक गुणों (दया, परोपकार, नई सोच) को भूल गए, तो हमारी सभ्यता जल्द ही नष्ट हो जाएगी। बिना संस्कृति के सभ्यता एक 'बिना नींव के मकान' जैसी है।