मैं क्यों लिखता हूँ?

Class 10 Hindi (Kritika) | Important Question Bank
📚 गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
"मैं क्यों लिखता हूँ? यह प्रश्न बड़ा सरल जान पड़ता है, पर बड़ा कठिन भी है... लिखकर ही लेखक उस आभ्यंतर विवशता को पहचानता है, जिसके कारण उसने लिखा।"
(क) लेखक के अनुसार वह क्यों लिखता है? Imp.
उत्तर: लेखक स्वयं को जानने और पहचानने के लिए लिखता है। वह अपने मन की 'आभ्यंतर विवशता' (अंदरूनी बेचैनी) को बाहर निकालने और उसे समझने के लिए लिखता है।
(ख) 'आभ्यंतर विवशता' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है - मन के अंदर की ऐसी घुटन या दबाव जिसे व्यक्त किए बिना लेखक को चैन नहीं मिलता। यही दबाव उसे लिखने पर मजबूर करता है।
"एक दिन सड़क पर घूमते हुए देखा कि एक जले हुए पत्थर पर एक लंबी उजली छाया है। विस्फ़ोट के समय कोई वहाँ खड़ा रहा होगा और विस्फ़ोट से बिखरे हुए रेडियमधर्मी पदार्थ की किरणें उसमें रुद्ध हो गई होंगी।"
(क) लेखक ने पत्थर पर क्या देखा? Imp.
उत्तर: लेखक ने हिरोशिमा (जापान) की एक सड़क पर एक जले हुए पत्थर पर मानव की एक लंबी उजली छाया देखी।
(ख) वह छाया कैसे बनी होगी?
उत्तर: जब परमाणु बम गिरा, तो भयंकर गर्मी (ताप) निकली होगी। उस समय वहाँ कोई इंसान खड़ा होगा। गर्मी ने उस इंसान को तो भाप बनाकर उड़ा दिया, लेकिन उसकी छाया उस पत्थर पर छप गई।
🎯 1 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 15-20 Words)
Q1. 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के लेखक कौन हैं? 2025
उत्तर: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (Agyeya)।
Q2. लेखक किस विषय के विद्यार्थी रहे थे? Imp.
उत्तर: लेखक विज्ञान (Science) के विद्यार्थी रहे थे।
Q3. लेखक ने 'हिरोशिमा' कविता कहाँ बैठकर लिखी?
उत्तर: लेखक ने यह कविता भारत लौटकर, रेलगाड़ी में बैठे-बैठे लिखी थी।
Q4. लिखने के 'बाहरी दबाव' कौन-कौन से होते हैं?
उत्तर: संपादकों का आग्रह, प्रकाशक का तकाजा (Deadline) और आर्थिक आवश्यकता (पैसे) आदि।
Q5. 'प्रत्यक्ष' और 'अनुभूति' में से लेखक किसे बड़ा मानता है?
उत्तर: लेखक 'अनुभूति' (Feelings/Realization) को प्रत्यक्ष (Experience) से बड़ा मानता है।
📝 2 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 30-40 Words)
Q1. लेखक के अनुसार 'अनुभव' और 'अनुभूति' में क्या अंतर है? Imp.
उत्तर:
अनुभव (Experience): जो घटना हमारी आँखों के सामने घटी हो, वह अनुभव है।
अनुभूति (Realization): जब हम उस घटना को संवेदना (दिल) से महसूस करते हैं और वह हमारा हिस्सा बन जाती है, तो वह अनुभूति है। लेखन के लिए 'अनुभूति' जरुरी है।
Q2. लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?
उत्तर: दो तरह की बातें:
1. आंतरिक विवशता: मन की बेचैनी जिसे व्यक्त करना जरुरी हो।
2. बाहरी दबाव: जैसे- प्रसिद्धि (Fame) पाने की इच्छा, पैसा कमाना या संपादकों की माँग।
Q3. पत्थर पर बनी छाया को देखकर लेखक को क्या महसूस हुआ? 2016
उत्तर: पत्थर पर बनी छाया को देखकर लेखक को 'थप्पड़' सा लगा। उन्हें अचानक महसूस हुआ कि विस्फोट के समय उस आदमी पर क्या बीती होगी। इतिहास की वह भयानक घटना जैसे उनकी आँखों के सामने जिंदा हो गई।
Q4. क्या विज्ञान का विद्यार्थी होना लेखक की मदद करता है?
उत्तर: हाँ, क्योंकि विज्ञान का छात्र होने के नाते वे सैद्धांतिक रूप से जानते थे कि अणु बम कैसे फटता है और रेडियोधर्मी किरणें क्या करती हैं। लेकिन 'अनुभूति' उन्हें पत्थर देखकर ही हुई।
✍️ 3 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 50-60 Words)
Q1. अज्ञेय हिरोशिमा के विस्फोट के भोक्ता (Sufferer) कब बने? 2017
उत्तर: लेखक अज्ञेय हिरोशिमा विस्फोट के 'प्रत्यक्ष भोक्ता' (Direct Victim) नहीं थे।
लेकिन जब उन्होंने जापान यात्रा के दौरान एक जले हुए पत्थर पर मनुष्य की 'उजली छाया' देखी, तो उन्हें जोर का झटका लगा। उस पल उन्होंने अपनी कल्पना से उस भयानक विस्फोट के दर्द को महसूस (Feel) किया। इस प्रकार 'अनुभूति' के स्तर पर वे उस विस्फोट के भोक्ता बन गए और उन्होंने 'हिरोशिमा' कविता लिखी।
Q2. "प्रत्यक्ष अनुभव होते हुए भी अनुभूति के बिना लेखन संभव नहीं है।" - स्पष्ट कीजिए। Imp.
उत्तर: लेखक का मानना है कि सिर्फ आँखों से देखना (अनुभव) काफी नहीं है।
जैसे- हम रोज सड़क पर भिखारियों को देखते हैं (अनुभव), लेकिन हम उन पर कविता नहीं लिखते। कविता हम तब लिखते हैं जब उनका दुख हमारे दिल को छू जाए और हम रो पड़ें (अनुभूति)।
अतः जब तक संवेदना (Emotion) नहीं जागती, तब तक सृजन (Creation) नहीं होता।
Q3. लेखक ने अपनी जापान यात्रा के दौरान क्या देखा?
उत्तर: लेखक ने हिरोशिमा में देखा कि:
1. अस्पतालों में लोग वर्षों बाद भी रेडियम (Radiation) से पीड़ित हैं और कष्ट पा रहे हैं।
2. शहर के बीचों-बीच एक पत्थर है जिस पर विस्फोट की गर्मी से एक आदमी की छाया छप गई है, जो उस समय भाप बन गया था। यह दृश्य दिल दहलाने वाला था।
🔥 5 अंक वाले प्रश्न (Word Limit: 100-120 Words)
Q1. हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ, किस तरह से हो रहा है? 2012, 2018
उत्तर: हिरोशिमा की घटना निश्चित रूप से विज्ञान का सबसे क्रूर दुरुपयोग थी। आज भी विज्ञान का दुरुपयोग कई रूपों में हो रहा है:

  • विनाशकारी हथियार: आज देश परमाणु बम, मिसाइलें और जैविक हथियार (Bio-Weapons) बनाने की होड़ में लगे हैं, जो पूरी मानवता को मिटा सकते हैं।
  • पर्यावरण विनाश: विज्ञान और तकनीक के नाम पर अंधाधुंध फैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं, जिससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और नदियाँ जहरीली हो रही हैं।
  • साइबर अपराध: इंटरनेट और AI का उपयोग अब बैंक खातों को हैक करने, फेक न्यूज फैलाने और निजता (Privacy) को खत्म करने के लिए हो रहा है।
  • भ्रूण हत्या: अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीक का उपयोग कन्या भ्रूण हत्या जैसे पाप के लिए किया जा रहा है।
Q2. लेखक के अनुसार एक रचनाकार (Writer) के लिए 'आत्मानुभूति' (Self-realization) का क्या महत्व है? Value Based
उत्तर: लेखक के अनुसार, 'आत्मानुभूति' ही सच्चे साहित्य की जननी है।

  • सच्चाई: जब तक लेखक किसी दुख या खुशी को खुद महसूस नहीं करता, तब तक उसकी रचना में सच्चाई नहीं आती। वह केवल शब्दों का खेल रह जाती है।
  • पाठक से जुड़ाव: जो बात दिल से निकलती है, वही दिल तक पहुँचती है। हिरोशिमा पर बहुत लोगों ने लिखा होगा, लेकिन अज्ञेय की कविता इसलिए अमर है क्योंकि वह उनकी 'अनुभूति' से निकली थी।
  • विवशता: अनुभूति लेखक के अंदर एक विवशता (Compulsion) पैदा करती है, जिससे मुक्त होने के लिए उसे लिखना ही पड़ता है। यही सच्ची कला है।