MERIT YARD
अध्याय 1: वास्तविक संख्याएँ (REAL NUMBERS)
संपूर्ण महत्वपूर्ण प्रश्न बैंक (NCERT + JAC BOARD PYQ)
प्रश्न 1. 1 अंक
$140$ को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए।

प्रश्न 1. 1 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दी गई संख्या $= 140$
अभाज्य गुणनखंड विधि (गुणनखंड वृक्ष) द्वारा $140$ का गुणनखंड करने पर: $140 = 2 \times 70$ $140 = 2 \times 2 \times 35$ $140 = 2 \times 2 \times 5 \times 7 = 2^2 \times 5 \times 7$
अभाज्य गुणनखंड विधि (गुणनखंड वृक्ष) द्वारा $140$ का गुणनखंड करने पर: $140 = 2 \times 70$ $140 = 2 \times 2 \times 35$ $140 = 2 \times 2 \times 5 \times 7 = 2^2 \times 5 \times 7$
चित्र: 140 का गुणनखंड वृक्ष (Factor Tree)
अतः $140$ का अभाज्य गुणनखंड $= 2^2 \times 5 \times 7$ है।
प्रश्न 2. 1 अंक
$156$ को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए।

प्रश्न 2. 1 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दी गई संख्या $= 156$
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $156$ को विभाजित करने पर: $156 = 2 \times 78$ $156 = 2 \times 2 \times 39$ $156 = 2 \times 2 \times 3 \times 13 = 2^2 \times 3 \times 13$
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $156$ को विभाजित करने पर: $156 = 2 \times 78$ $156 = 2 \times 2 \times 39$ $156 = 2 \times 2 \times 3 \times 13 = 2^2 \times 3 \times 13$
चित्र: 156 का गुणनखंड वृक्ष (Factor Tree)
अतः $156$ का अभाज्य गुणनखंड $= 2^2 \times 3 \times 13$ है।
प्रश्न 3. 1 अंक
$3825$ को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए।

प्रश्न 3. 1 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दी गई संख्या $= 3825$
अभाज्य संख्याओं ($3, 5, 17$) से क्रमिक रूप से भाग देने पर: $3825 = 3 \times 1275$ $3825 = 3 \times 3 \times 425$ $3825 = 3 \times 3 \times 5 \times 85$ $3825 = 3 \times 3 \times 5 \times 5 \times 17 = 3^2 \times 5^2 \times 17$
अभाज्य संख्याओं ($3, 5, 17$) से क्रमिक रूप से भाग देने पर: $3825 = 3 \times 1275$ $3825 = 3 \times 3 \times 425$ $3825 = 3 \times 3 \times 5 \times 85$ $3825 = 3 \times 3 \times 5 \times 5 \times 17 = 3^2 \times 5^2 \times 17$
अतः $3825$ का अभाज्य गुणनखंड $= 3^2 \times 5^2 \times 17$ है।
प्रश्न 4. 2 अंक
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $96$ और $404$ का म.स.प. (HCF) ज्ञात कीजिए और फिर इनका ल.स.प. (LCM) ज्ञात कीजिए।

प्रश्न 4. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: $96$ और $404$ के अभाज्य गुणनखंड लिखने पर:
$96 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 = \mathbf{2^5 \times 3^1}$
$404 = 2 \times 2 \times 101 = \mathbf{2^2 \times 101^1}$
चरण 2: म.स.प. (HCF) की गणना:
उभयनिष्ठ गुणनखंड $2$ की सबसे छोटी घात $= 2^2$ $\text{HCF}(96, 404) = 2^2 = 2 \times 2 = \mathbf{4}$
उभयनिष्ठ गुणनखंड $2$ की सबसे छोटी घात $= 2^2$ $\text{HCF}(96, 404) = 2^2 = 2 \times 2 = \mathbf{4}$
चरण 3: सूत्र द्वारा ल.स.प. (LCM) की गणना:
हम जानते हैं कि: पहली संख्या $\times$ दूसरी संख्या $= \text{HCF} \times \text{LCM}$ $\text{LCM}(96, 404) = \frac{96 \times 404}{\text{HCF}(96, 404)} = \frac{96 \times 404}{4} = 96 \times 101 = \mathbf{9696}$
हम जानते हैं कि: पहली संख्या $\times$ दूसरी संख्या $= \text{HCF} \times \text{LCM}$ $\text{LCM}(96, 404) = \frac{96 \times 404}{\text{HCF}(96, 404)} = \frac{96 \times 404}{4} = 96 \times 101 = \mathbf{9696}$
अतः म.स.प. (HCF) = 4 तथा ल.स.प. (LCM) = 9696 है।
प्रश्न 5. 2 अंक
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $26$ और $91$ का म.स.प. (HCF) और ल.स.प. (LCM) ज्ञात कीजिए तथा जाँच कीजिए कि: दो संख्याओं का गुणनफल = म.स.प. $\times$ ल.स.प. है।

प्रश्न 5. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: अभाज्य गुणनखंड करने पर:
$26 = 2 \times \mathbf{13}$
$91 = 7 \times \mathbf{13}$
• म.स.प. ($\text{HCF}$) $= \mathbf{13}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$) $= 2 \times 7 \times 13 = \mathbf{182}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$) $= 2 \times 7 \times 13 = \mathbf{182}$
चरण 2: सत्यता की जाँच (Verification):
• बायाँ पक्ष (L.H.S.) = दोनों संख्याओं का गुणनफल: $= 26 \times 91 = \mathbf{2366}$ • दायाँ पक्ष (R.H.S.) = म.स.प. (HCF) $\times$ ल.स.प. (LCM): $= 13 \times 182 = \mathbf{2366}$ यहाँ बायाँ पक्ष (L.H.S.) $=$ दायाँ पक्ष (R.H.S.) $= 2366$
• बायाँ पक्ष (L.H.S.) = दोनों संख्याओं का गुणनफल: $= 26 \times 91 = \mathbf{2366}$ • दायाँ पक्ष (R.H.S.) = म.स.प. (HCF) $\times$ ल.स.प. (LCM): $= 13 \times 182 = \mathbf{2366}$ यहाँ बायाँ पक्ष (L.H.S.) $=$ दायाँ पक्ष (R.H.S.) $= 2366$
अतः HCF = 13, LCM = 182 (जाँच सत्यापित हुई)।
प्रश्न 6. 2 अंक
यदि म.स.प. $\text{HCF}(306, 657) = 9$ दिया है, तो ल.स.प. $\text{LCM}(306, 657)$ ज्ञात कीजिए।

प्रश्न 6. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दिया है:
• पहली संख्या ($a$) $= 306$
• दूसरी संख्या ($b$) $= 657$
• म.स.प. ($\text{HCF}$) $= 9$
• पहली संख्या ($a$) $= 306$
• दूसरी संख्या ($b$) $= 657$
• म.स.प. ($\text{HCF}$) $= 9$
सूत्र से हम जानते हैं कि:
ल.स.प. ($\text{LCM}$) = (पहली संख्या $\times$ दूसरी संख्या) $\div$ म.स.प. ($\text{HCF}$)
$\text{LCM}(306, 657) = \frac{306 \times 657}{9}$
($306$ को $9$ से भाग देने पर $34$ प्राप्त होता है):
$\text{LCM}(306, 657) = 34 \times 657 = \mathbf{22338}$
अतः अभीष्ट ल.स.प. $\text{LCM}(306, 657) = 22338$ है।
प्रश्न 7. 2 अंक
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $12, 15$ और $21$ का म.स.प. (HCF) और ल.स.प. (LCM) ज्ञात कीजिए।

प्रश्न 7. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
$12, 15$ और $21$ के अभाज्य गुणनखंड लिखने पर:
$12 = 2 \times 2 \times \mathbf{3} = 2^2 \times \mathbf{3^1}$
$15 = \mathbf{3} \times 5 = \mathbf{3^1} \times 5^1$
$21 = \mathbf{3} \times 7 = \mathbf{3^1} \times 7^1$
• म.स.प. ($\text{HCF}$): तीनों में उभयनिष्ठ गुणनखंड $= \mathbf{3}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$): सभी अभाज्य गुणनखंडों की सबसे बड़ी घातों का गुणनफल: $\text{LCM}(12, 15, 21) = 2^2 \times 3^1 \times 5^1 \times 7^1 = 4 \times 3 \times 5 \times 7 = \mathbf{420}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$): सभी अभाज्य गुणनखंडों की सबसे बड़ी घातों का गुणनफल: $\text{LCM}(12, 15, 21) = 2^2 \times 3^1 \times 5^1 \times 7^1 = 4 \times 3 \times 5 \times 7 = \mathbf{420}$
अतः म.स.प. (HCF) = 3 तथा ल.स.प. (LCM) = 420 है।
प्रश्न 8. 2 अंक
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $8, 9$ और $25$ का म.स.प. (HCF) और ल.स.प. (LCM) ज्ञात कीजिए।

प्रश्न 8. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
$8, 9$ और $25$ के अभाज्य गुणनखंड करने पर:
$8 = 2 \times 2 \times 2 \times 1 = 2^3 \times \mathbf{1}$
$9 = 3 \times 3 \times 1 = 3^2 \times \mathbf{1}$
$25 = 5 \times 5 \times 1 = 5^2 \times \mathbf{1}$
• म.स.प. ($\text{HCF}$): यहाँ $1$ के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है, इसलिए $\text{HCF}(8, 9, 25) = \mathbf{1}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$): $\text{LCM}(8, 9, 25) = 2^3 \times 3^2 \times 5^2 = 8 \times 9 \times 25 = \mathbf{1800}$
• ल.स.प. ($\text{LCM}$): $\text{LCM}(8, 9, 25) = 2^3 \times 3^2 \times 5^2 = 8 \times 9 \times 25 = \mathbf{1800}$
अतः म.स.प. (HCF) = 1 तथा ल.स.प. (LCM) = 1800 है।
प्रश्न 9. 2 अंक
जाँच कीजिए कि क्या किसी प्राकृत संख्या $n$ के लिए, संख्या $6^n$ अंक $0$ पर समाप्त हो सकती है?

प्रश्न 9. 2 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
नियम: यदि कोई संख्या किसी प्राकृत संख्या $n$ के लिए अंक $0$ पर समाप्त होती है, तो वह $10$ से विभाज्य होती है, अर्थात् उसके अभाज्य गुणनखंड में $2$ और $5$ दोनों का होना अनिवार्य है ($10 = 2 \times 5$)।
परंतु यहाँ $6^n$ का अभाज्य गुणनखंड करने पर:
$6^n = (2 \times 3)^n = 2^n \times 3^n$
स्पष्ट है कि $6^n$ के अभाज्य गुणनखंड में केवल $2$ और $3$ हैं, इसमें अभाज्य संख्या $5$ उपस्थित नहीं है।
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic) की अद्वितीयता से यह निश्चित है कि $6^n$ का कोई अन्य गुणनखंड नहीं हो सकता।
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic) की अद्वितीयता से यह निश्चित है कि $6^n$ का कोई अन्य गुणनखंड नहीं हो सकता।
अतः किसी भी प्राकृत संख्या $n$ के लिए संख्या $6^n$ कभी भी अंक $0$ पर समाप्त नहीं हो सकती है।
प्रश्न 10. 3 अंक
व्याख्या कीजिए कि $7 \times 11 \times 13 + 13$ और $7 \times 6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 5$ भाज्य संख्याएँ क्यों हैं।

प्रश्न 10. 3 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
भाज्य संख्या की परिभाषा: वह संख्या जिसके $1$ और स्वयं के अतिरिक्त कम-से-कम एक अन्य गुणनखंड हो, भाज्य संख्या (Composite number) कहलाती है।
(i) पहली संख्या लेने पर:
$= 7 \times 11 \times 13 + 13$
दोनों पदों में से $13$ उभयनिष्ठ (common) लेने पर:
$= 13 \times (7 \times 11 + 1) = 13 \times (77 + 1) = 13 \times 78$
$= 13 \times 13 \times 3 \times 2 \times 1$
चूँकि इस संख्या के दो से अधिक अभाज्य गुणनखंड ($2, 3, 13$) हैं, इसलिए यह एक भाज्य संख्या है।
(ii) दूसरी संख्या लेने पर:
$= 7 \times 6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 5$
दोनों पदों में से $5$ उभयनिष्ठ (common) लेने पर:
$= 5 \times (7 \times 6 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 1)$
$= 5 \times (1008 + 1) = 5 \times 1009 \times 1$
चूँकि इस संख्या के भी $1$ और स्वयं के अतिरिक्त गुणनखंड ($5$ और $1009$) हैं, इसलिए यह भी एक भाज्य संख्या है।
अतः दी गई दोनों संख्याएँ भाज्य संख्याएँ हैं क्योंकि इन्हें अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
प्रश्न 11. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 11. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: यदि संभव हो, तो इसके विपरीत मान लिया कि $\sqrt{2}$ एक परिमेय संख्या है।
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक (co-prime integers) $a$ और $b$ ($b \neq 0$, जिनका $1$ के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $\sqrt{2} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{2} = a$
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक (co-prime integers) $a$ और $b$ ($b \neq 0$, जिनका $1$ के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $\sqrt{2} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{2} = a$
चरण 2: दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$2b^2 = a^2 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$
यहाँ $2$, $a^2$ को विभाजित करता है। इसलिए प्रमेय के अनुसार $2$, $a$ को भी विभाजित करेगा।
चरण 3: अब माना कि $a = 2c$ (जहाँ $c$ कोई पूर्णांक है)। यह मान समीकरण (1) में रखने पर:
$2b^2 = (2c)^2 = 4c^2 \implies b^2 = 2c^2$
यहाँ $2$, $b^2$ को विभाजित करता है, अतः $2$, $b$ को भी विभाजित करेगा।
निष्कर्ष: इस प्रकार $a$ और $b$ दोनों में कम-से-कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड $2$ है। परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास (contradiction) करता है कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य हैं। यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण प्राप्त हुआ है।
अतः सिद्ध हुआ कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 12. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 12. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $\sqrt{3}$ एक परिमेय संख्या है।
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $\sqrt{3} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{3} = a$
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $\sqrt{3} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{3} = a$
चरण 2: दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$3b^2 = a^2 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$
अर्थात् $3$, $a^2$ को विभाजित करता है, इसलिए प्रमेय से $3$, $a$ को भी विभाजित करेगा।
चरण 3: माना कि $a = 3c$ (जहाँ $c$ कोई पूर्णांक है)। समीकरण (1) में मान रखने पर:
$3b^2 = (3c)^2 = 9c^2 \implies b^2 = 3c^2$
अर्थात् $3$, $b^2$ को विभाजित करता है, इसलिए $3$, $b$ को भी विभाजित करेगा।
निष्कर्ष: अतः $a$ और $b$ में कम-से-कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड $3$ है। परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य संख्याएँ हैं। अतः हमारी कल्पना गलत है।
अतः सिद्ध हुआ कि $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 13. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 13. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $\sqrt{5} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{5} = a$
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $\sqrt{5} = \frac{a}{b} \implies b\sqrt{5} = a$
चरण 2: दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$5b^2 = a^2 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$
चूँकि $5$, $a^2$ को विभाजित करता है, इसलिए प्रमेय से $5$, $a$ को भी विभाजित करेगा।
चरण 3: माना कि $a = 5c$ (जहाँ $c$ कोई पूर्णांक है)। समीकरण (1) में मान रखने पर:
$5b^2 = (5c)^2 = 25c^2 \implies b^2 = 5c^2$
चूँकि $5$, $b^2$ को विभाजित करता है, इसलिए $5$, $b$ को भी विभाजित करेगा।
निष्कर्ष: इस प्रकार $a$ और $b$ दोनों का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड $5$ है, जो इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य हैं। यह विरोधाभास हमारी त्रुटिपूर्ण कल्पना के कारण हुआ है।
अतः सिद्ध हुआ कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 14. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 14. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $3 + 2\sqrt{5} = \frac{a}{b}$
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $3 + 2\sqrt{5} = \frac{a}{b}$
चरण 2: पक्षांतर कर $\sqrt{5}$ को बाएँ पक्ष में रखने पर:
$2\sqrt{5} = \frac{a}{b} - 3 = \frac{a - 3b}{b}$
$\sqrt{5} = \frac{a - 3b}{2b}$
चरण 3: चूँकि $a, b, 2$ और $3$ पूर्णांक हैं, इसलिए दायाँ पक्ष $\frac{a - 3b}{2b}$ एक परिमेय संख्या है, जिसका अर्थ है कि बायाँ पक्ष $\sqrt{5}$ भी एक परिमेय संख्या होनी चाहिए।
परंतु यह इस सर्वमान्य तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
परंतु यह इस सर्वमान्य तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
अतः सिद्ध हुआ कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 15. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 15. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक परिमेय संख्या है।
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($a \neq 0, b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $\frac{1}{\sqrt{2}} = \frac{a}{b}$
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($a \neq 0, b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $\frac{1}{\sqrt{2}} = \frac{a}{b}$
चरण 2: दोनों पक्षों का व्युत्क्रम (पलटने) करने पर:
$\sqrt{2} = \frac{b}{a}$
चरण 3: चूँकि $a$ और $b$ पूर्णांक हैं, इसलिए $\frac{b}{a}$ एक परिमेय संख्या है, जिससे पता चलता है कि $\sqrt{2}$ भी एक परिमेय संख्या है।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
अतः सिद्ध हुआ कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 16. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $7\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 16. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $7\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $7\sqrt{5} = \frac{a}{b} \implies \sqrt{5} = \frac{a}{7b}$
तब दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार होंगे कि: $7\sqrt{5} = \frac{a}{b} \implies \sqrt{5} = \frac{a}{7b}$
चरण 2: चूँकि $a, b$ और $7$ पूर्णांक हैं, इसलिए $\frac{a}{7b}$ एक परिमेय संख्या है, जिसका अर्थ है कि बायाँ पक्ष $\sqrt{5}$ भी एक परिमेय संख्या होगी।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण हुआ है।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण हुआ है।
अतः सिद्ध हुआ कि $7\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 17. 3 अंक
सिद्ध कीजिए कि $6 + \sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 17. 3 अंक
प्रमाण (परीक्षा में लिखने का तरीका):
चरण 1: इसके विपरीत मान लिया कि $6 + \sqrt{2}$ एक परिमेय संख्या है।
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $6 + \sqrt{2} = \frac{a}{b}$ $\sqrt{2} = \frac{a}{b} - 6 = \frac{a - 6b}{b}$
तब हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) इस प्रकार ले सकते हैं कि: $6 + \sqrt{2} = \frac{a}{b}$ $\sqrt{2} = \frac{a}{b} - 6 = \frac{a - 6b}{b}$
चरण 2: चूँकि $a, b$ और $6$ पूर्णांक हैं, इसलिए $\frac{a - 6b}{b}$ एक परिमेय संख्या है, जिसका अर्थ है कि $\sqrt{2}$ भी एक परिमेय संख्या होनी चाहिए।
परंतु यह इस सर्वमान्य तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
परंतु यह इस सर्वमान्य तथ्य का विरोधाभास करता है कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। अतः हमारी कल्पना गलत है।
अतः सिद्ध हुआ कि $6 + \sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 18. 3 अंक
किसी खेल के मैदान के चारों ओर एक वृत्ताकार पथ है। इस मैदान का एक चक्कर लगाने में सोनिया को $18$ मिनट लगते हैं, जबकि इसी मैदान का एक चक्कर लगाने में रवि को $12$ मिनट लगते हैं। मान लीजिए वे दोनों एक ही स्थान और एक ही समय पर चलना प्रारंभ करके एक ही दिशा में चलते हैं। कितने समय बाद वे पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलेंगे?

प्रश्न 18. 3 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दिया है:
• सोनिया द्वारा एक चक्कर लगाने में लिया गया समय $= 18$ मिनट
• रवि द्वारा एक चक्कर लगाने में लिया गया समय $= 12$ मिनट
वे दोनों पुनः प्रारंभिक स्थान पर जिस न्यूनतम समय के बाद मिलेंगे, वह $18$ और $12$ का ल.स.प. (LCM) होगा।
• सोनिया द्वारा एक चक्कर लगाने में लिया गया समय $= 18$ मिनट
• रवि द्वारा एक चक्कर लगाने में लिया गया समय $= 12$ मिनट
वे दोनों पुनः प्रारंभिक स्थान पर जिस न्यूनतम समय के बाद मिलेंगे, वह $18$ और $12$ का ल.स.प. (LCM) होगा।
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $18$ और $12$ का ल.स.प. (LCM):
$18 = 2 \times 3 \times 3 = 2^1 \times 3^2$
$12 = 2 \times 2 \times 3 = 2^2 \times 3^1$
$\text{LCM}(18, 12) = 2^2 \times 3^2 = 4 \times 9 = \mathbf{36}$
अतः वे दोनों 36 मिनट के बाद पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलेंगे।
प्रश्न 19. 3 अंक
किसी परेड में $616$ सदस्यों वाली एक सेना की टुकड़ी को $32$ सदस्यों वाले एक आर्मी बैंड के पीछे मार्च करना है। दोनों समूहों को समान संख्या वाले स्तंभों में मार्च करना है। उन स्तंभों की अधिकतम संख्या क्या है, जिसमें वे मार्च कर सकते हैं?

प्रश्न 19. 3 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
दिया है:
• सेना की टुकड़ी में सदस्यों की संख्या $= 616$
• आर्मी बैंड में सदस्यों की संख्या $= 32$
स्तंभों की अधिकतम संख्या $616$ और $32$ का म.स.प. (HCF) होगी।
• सेना की टुकड़ी में सदस्यों की संख्या $= 616$
• आर्मी बैंड में सदस्यों की संख्या $= 32$
स्तंभों की अधिकतम संख्या $616$ और $32$ का म.स.प. (HCF) होगी।
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा $616$ और $32$ का म.स.प. (HCF):
$616 = 2 \times 2 \times 2 \times 7 \times 11 = \mathbf{2^3} \times 7 \times 11$
$32 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 = 2^5 = \mathbf{2^3} \times 2^2$
उभयनिष्ठ गुणनखंड की सबसे छोटी घात $= 2^3 = 2 \times 2 \times 2 = \mathbf{8}$
अतः स्तंभों की अधिकतम संख्या = 8 है, जिसमें वे मार्च कर सकते हैं।
प्रश्न 20. 3 अंक
एक मिठाई विक्रेता के पास $420$ काजू की बर्फियाँ और $130$ बादाम की बर्फियाँ हैं। वह इनकी ऐसी ढेरियाँ बनाना चाहती है कि प्रत्येक ढेरी में बर्फियों की संख्या समान रहे तथा ये ढेरियाँ बर्फी की परात में न्यूनतम स्थान घेरें। इस काम के लिए, प्रत्येक ढेरी में कितनी बर्फियाँ रखी जा सकती हैं?

प्रश्न 20. 3 अंक
हल (परीक्षा में लिखने का तरीका):
परात में न्यूनतम स्थान घेरने के लिए ढेरियों की संख्या न्यूनतम होनी चाहिए, अर्थात् प्रत्येक ढेरी में बर्फियों की संख्या अधिकतम होनी चाहिए।
अतः प्रत्येक ढेरी में बर्फियों की अधिकतम संख्या $420$ और $130$ का म.स.प. (HCF) होगी।
अतः प्रत्येक ढेरी में बर्फियों की अधिकतम संख्या $420$ और $130$ का म.स.प. (HCF) होगी।
$420$ और $130$ के अभाज्य गुणनखंड करने पर:
$420 = \mathbf{2} \times 2 \times 3 \times \mathbf{5} \times 7 = 2^2 \times 3 \times 5 \times 7$
$130 = \mathbf{2} \times \mathbf{5} \times 13$
$\text{HCF}(420, 130) = 2 \times 5 = \mathbf{10}$
अतः प्रत्येक ढेरी में अधिकतम 10 बर्फियाँ रखी जा सकती हैं।