Class 9 Hindi - वाख (ललद्यद) - MERIT YARD PANDWA
1 / 40'वाख' पाठ की प्रसिद्ध कवयित्री कौन हैं?A) महादेवी वर्मा
B) ललद्यद
C) मीराबाई
D) सुभद्रा कुमारी चौहान
2 / 40ललद्यद मुख्य रूप से किस भाषा की अत्यंत लोकप्रिय कवयित्री हैं?A) अवधी
B) ब्रजभाषा
C) कश्मीरी
D) राजस्थानी
3 / 40कवयित्री ने पहले वाख में 'नाव' शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से किसके लिए किया है?A) अपने जीवन (नश्वर शरीर) के लिए
B) लकड़ी की असली नाव के लिए
C) अपने घर के लिए
D) अपने दोस्तों के लिए
4 / 40'कच्चे धागे की रस्सी' से कवयित्री क्या खींच रही हैं?A) पानी का घड़ा
B) बैलगाड़ी
C) पतंग
D) जीवन रूपी नाव
5 / 40यहाँ 'कच्चे धागे' मुख्य रूप से किसका प्रतीक हैं?A) कमजोर और नाशवान (जल्दी टूटने वाले) सहारे का
B) बहुत मजबूत लोहे की तार का
C) कपड़ों का
D) अमीर लोगों का
6 / 40'कच्चे सकोरे' का सही अर्थ क्या है?A) पक्की ईंट
B) मिट्टी का कच्चा बर्तन (कमज़ोर प्रयास)
C) लोहे का बर्तन
D) सोने का कलश
7 / 40कवयित्री के अनुसार पानी कहाँ से टपक रहा है?A) छत से
B) बादल से
C) कच्चे सकोरे से
D) नदी से
8 / 40कच्चे सकोरे से पानी टपकने के कारण कवयित्री के सारे प्रयास (मेहनत) कैसे हो रहे हैं?A) बहुत सफल
B) आधे-अधूरे
C) बहुत लाभदायक
D) व्यर्थ (बेकार)
9 / 40ईश्वर को न पा सकने के कारण कवयित्री के मन में बार-बार क्या उठती है?A) घर जाने की हूक (तड़प/पीड़ा)
B) खुशी की लहर
C) बहुत ज़्यादा नींद
D) क्रोध (गुस्सा)
10 / 40कवयित्री का 'घर जाने' से असल में क्या मतलब है?A) अपने गाँव जाना
B) परमात्मा (ईश्वर) से मिलना और भवसागर से मुक्ति पाना
C) मायके जाना
D) कहीं छुप जाना
11 / 40'खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं' - इस पंक्ति का क्या अर्थ है?A) खाना नहीं खाना चाहिए
B) खाना खराब है
C) अधिक सांसारिक भोग-विलास से कुछ हासिल नहीं होगा
D) इंसान मोटा हो जाएगा
12 / 40'न खाकर बनेगा अहंकारी' - यहाँ 'न खाने' का क्या तात्पर्य है?A) भूखे मर जाना
B) खाना फेंक देना
C) गरीब होना
D) बहुत ज़्यादा व्रत-तपस्या और अत्यधिक त्याग करना
13 / 40कवयित्री के अनुसार अहंकारी (घमंडी) कौन बन जाता है?A) जो बहुत ज़्यादा खाता है
B) जो बहुत ज़्यादा व्रत, त्याग और तपस्या करता है
C) जो अनपढ़ है
D) जो गरीब है
14 / 40कवयित्री ने 'सम' (समान) खाने को क्यों कहा है?A) क्योंकि खाना कम है
B) ताकि बीमारी न हो
C) अपनी इंद्रियों (Senses) पर नियंत्रण रखने और जीवन में संतुलन बनाने के लिए
D) ताकि सब लोग खा सकें
15 / 40'सम' खाने से मनुष्य क्या बनेगा?A) अमीर
B) राजा
C) कमज़ोर
D) समभावी (समान भाव वाला)
16 / 40जब मनुष्य समभावी बनेगा (बीच का रास्ता अपनाएगा), तो क्या खुलेगा?A) बंद द्वार की साँकल (ज्ञान और ईश्वर प्राप्ति का दरवाज़ा)
B) घर का दरवाज़ा
C) तिजोरी
D) स्वर्ग का गेट
17 / 40'बंद द्वार की साँकल' खुलने का सीधा अर्थ क्या है?A) मन का अंधकार दूर होना और ईश्वर से मिलन का मार्ग खुलना
B) बहुत पैसा मिलना
C) जेल से आज़ाद होना
D) ताला टूट जाना
18 / 40कवयित्री इस दुनिया (संसार) में कैसे आई थीं?A) रोते हुए
B) सीधे (सुखद और पवित्र) रास्ते से
C) लड़ते हुए
D) नाव में बैठकर
19 / 40क्या कवयित्री अपने पूरे जीवन में सीधे रास्ते पर चल पाईं?A) हाँ, बिल्कुल
B) हाँ, कभी-कभी
C) नहीं, वे दुनियादारी (भ्रम और मोह-माया) में उलझ गईं
D) वे कहीं नहीं गईं
20 / 40'सुषुम-सेतु' का क्या अर्थ है?A) सोने का पुल
B) लोहे का पुल
C) गंगा नदी का पुल
D) सुषुम्ना नाड़ी रूपी पुल (हठयोग की क्रिया)
21 / 40कवयित्री ने अपना पूरा दिन (जीवन) कहाँ खड़े होकर बिता दिया?A) सुषुम-सेतु (हठयोग की कठिन साधना) पर खड़े होकर
B) पहाड़ पर
C) नदी के किनारे
D) मंदिर में
22 / 40शाम होने (जीवन बीत जाने) पर कवयित्री ने क्या टटोला (खोजा)?A) अपना बैग
B) अपनी जेब
C) अपनी किताब
D) अपना घर
23 / 40जेब टटोलने पर कवयित्री को क्या मिला?A) बहुत सारे पैसे
B) सोने के सिक्के
C) एक कौड़ी भी नहीं मिली (कुछ नहीं मिला)
D) एक चिट्ठी
24 / 40'जेब टटोलना' मुहावरे का यहाँ सही अर्थ क्या है?A) पैसे चोरी हो जाना
B) कपड़े फटे होना
C) भिखारी हो जाना
D) अपने जीवन के अच्छे कर्मों (पुण्य) का हिसाब (आत्मलोचन) करना
25 / 40'कौड़ी न पाई' का गहरा अर्थ क्या है?A) जीवन भर कोई भी सच्चा या अच्छा सत्कर्म (पुण्य) नहीं किया
B) सब पैसे खर्च हो गए
C) व्यापार में घाटा हुआ
D) बटुआ गिर गया
26 / 40कवयित्री को इस भवसागर (संसार) से पार कराने वाला 'माझी' (नाविक) कौन है?A) उनके गुरु
B) उनके पिता
C) ईश्वर (परमात्मा)
D) एक मछुआरा
27 / 40'माझी' को उतराई (पार कराने का किराया) के रूप में देने के लिए कवयित्री के पास क्या नहीं है?A) असली पैसे
B) अच्छे कर्म रूपी पैसे (सत्कर्म)
C) सोने की अंगूठी
D) फूल-माला
28 / 40कवयित्री के अनुसार ईश्वर (थल-थल) कहाँ बसता है?A) केवल आसमान में
B) केवल मक्का में
C) केवल काशी में
D) कण-कण में (हर जगह)
29 / 40ईश्वर के संबंध में कवयित्री किसमें भेद (अंतर) करने से सख्त मना करती हैं?A) अमीर और गरीब में
B) काले और गोरे में
C) हिंदू और मुसलमान में
D) राजा और प्रजा में
30 / 40ललद्यद के अनुसार ज्ञानी (समझदार) मनुष्य की असली पहचान क्या है?A) जो स्वयं (अपने अंदर की आत्मा) को पहचान ले
B) जो बहुत सारी किताबें पढ़ ले
C) जो बहुत सारे श्लोक याद कर ले
D) जो मंदिर में रहता हो
31 / 40कवयित्री के अनुसार 'साहिब' (ईश्वर) को कैसे पहचाना जा सकता है?A) तीर्थ यात्रा करने से
B) आत्मज्ञान (स्वयं को जानने) से
C) दिखावा करने से
D) पैसे दान करने से
32 / 40'थल-थल में बसता है शिव ही' - इस पंक्ति में 'थल-थल' का क्या अर्थ है?A) ज़मीन पर
B) पानी में
C) हवा में
D) सर्वत्र (हर एक स्थान पर)
33 / 40महान संत ललद्यद का जन्म कश्मीर के किस गाँव में हुआ था?A) श्रीनगर में
B) पहलगाम में
C) पाम्पोर के सिमपुरा गाँव में
D) गुलमर्ग में
34 / 40ललद्यद की 4 पंक्तियों की काव्य-शैली (कविता लिखने के तरीके) को क्या कहा जाता है?A) वाख
B) दोहा
C) चौपाई
D) सवैया
35 / 40कबीर के दोहे और मीरा के पदों की तरह ही, कश्मीर में ललद्यद के क्या बहुत प्रसिद्ध हैं?A) भजन
B) ग़ज़ल
C) गीत
D) वाख
36 / 40कवयित्री ललद्यद ने अपने वाख में मुख्य रूप से किस प्रकार के आडंबरों (दिखावे) का विरोध किया है?A) राजनीतिक आडंबरों का
B) धार्मिक आडंबरों और पाखंडों का
C) सामाजिक मेलजोल का
D) पढ़ाई-लिखाई का
37 / 40भवसागर पार करने (मोक्ष पाने) के लिए कवयित्री के अनुसार कौन सी चीज़ सबसे ज़रूरी है?A) बहुत सारा धन
B) सच्चे और अच्छे कर्म (सत्कर्म)
C) सुंदर कपड़े
D) बहुत सारी ज़मीन
38 / 40ललद्यद की कविताओं में मुख्य रूप से किस भाषा का प्रयोग ज़्यादा हुआ है?A) बहुत कठिन संस्कृत
B) बहुत कठिन फारसी
C) अत्यंत सरल और आम बोलचाल की लोक-भाषा
D) अंग्रेज़ी
39 / 40कवयित्री ने ईश्वर-प्राप्ति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा (रुकावट) किसे माना है?A) गरीबी को
B) बीमारी को
C) अनपढ़ होने को
D) मोह-माया, दिखावा और अहंकार को
40 / 40इस पूरे पाठ (वाख) का मुख्य और सबसे बड़ा संदेश क्या है?A) ईश्वर कण-कण में है, उसे भेदभाव भूलकर अपने अंदर ही खोजना चाहिए
B) ईश्वर केवल मंदिरों में है
C) बिना पैसे के ईश्वर नहीं मिलता
D) हठयोग करना सबसे ज़रूरी है
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