यूरोप में राष्ट्रवाद

संपूर्ण अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर | Merit Yard

उत्तर: नेपोलियन ने फ्रांसीसी क्रांति के सिद्धांतों को फैलाया। उसने नेपोलियन कोड (1804) लागू किया जिससे कानून में समानता, संपत्ति की सुरक्षा और सामंतवाद का अंत हुआ।
उत्तर: विएना कांग्रेस का उद्देश्य यूरोप में राजतंत्र की पुनर्स्थापना करना और नेपोलियन की हार के बाद पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को फिर से स्थापित करना था।
उत्तर: 'राष्ट्र' उन लोगों का समूह है जिनकी साझी संस्कृति, भाषा, इतिहास और परंपराएँ होती हैं तथा जो एकता और स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं।
उत्तर: 1848 की क्रांति का मुख्य कारण था - राजनीतिक स्वतंत्रता, सामाजिक समानता और संविधान की माँग।
उत्तर: क्लेमेंट मेटरनिख ऑस्ट्रिया का प्रधानमंत्री था, जिसने विएना कांग्रेस (1815) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तर: फ्रेडरिक सोरियू फ्रांस का कलाकार था। उसकी प्रसिद्ध पेंटिंग “द ड्रीम ऑफ वर्ल्डवाइड रिपब्लिक” में उसने स्वतंत्र राष्ट्रों के यूरोप का सपना दिखाया।
अथवा, फ्रांस में राष्ट्रवाद का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: फ्रांस में शताब्दियों से चली आ रही निरंकुश राजतंत्र को 1789 ई. में क्रांतिकारियों द्वारा समाप्त कर दिया गया तथा उनके द्वारा जनतंत्र की स्थापना की गई। इस घटना के द्वारा फ्रांस के सारे राज्य शक्ति जो सम्राट के हाथ में होती थी अब वह फ्रांसीसी नागरिक के पास आ गई। क्रांतिकारियों ने लोगों में एकता और संगठन बनाए रखने के लिए निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए:
  • 'पितृ भूमि' तथा 'नागरिक' जैसे राष्ट्रवादी विचारों का प्रोत्साहन दिया गया।
  • नए राष्ट्रध्वज का निर्माण किया गया।
  • इस्टेट जेनरल का नाम बदलकर नेशनल एसेंबली कर दिया गया।
  • नागरिकों के लिए एक समान अधिकारों का समर्थन किया गया।
  • एक केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई जिसमें सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाए गए।
  • आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क समाप्त कर दिया गया।
  • नाप-तौल की एक समान व्यवस्था लागू की गई।
अथवा, फ्रांसीसी क्रांति का महत्व बताएं।
उत्तर: फ्रांसीसी क्रांति का महत्व निम्नलिखित तथ्यों में निहित है:
  • फ्रांसीसी क्रांति यूरोप के इतिहास में राष्ट्रवाद की प्रथम और स्पष्ट अभिव्यक्ति थी।
  • इस क्रांति ने फ्रांस में निरंकुश राजतंत्र को समाप्त कर दिया तथा नागरिक प्रभुसत्ता पर आधारित गणतंत्र की स्थापना की।
  • इस क्रांति का प्रभाव केवल फ्रांस तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे विश्व में समानता का संदेश प्रसारित कर दिया।
अथवा, शासन व्यवस्था को ज्यादा कुशल बनाने के लिए नेपोलियन ने क्या किया?
उत्तर: नेपोलियन जब फ्रांस का शासक बना तो उसने पुन: प्रजातंत्र के जगह राजतंत्र स्थापित कर दिया तथा तानाशाह शासक बन गया। उसने शासन व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने के उद्देश्य से एक नागरिक संहिता तैयार करवाई जिसकी विशेषताएं निम्नलिखित थी:
  • इस संहिता के द्वारा फ्रांस में जन्म पर आधारित विशेष अधिकारों को समाप्त कर दिया गया।
  • संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया गया।
  • प्रशासनिक विभाजन को सरल बनाया गया, सामंती व्यवस्था को समाप्त किया गया तथा किसानों को भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्त किया गया।
  • शहरों में भी कारीगरों के श्रेणी संघों के विभिन्न नियंत्रणों को समाप्त कर दिया गया।
  • यातायात और संचार व्यवस्था में सुधार किया गया।
  • नापतौल की एक समान व्यवस्था लागू की गई।
अथवा, वियना कांग्रेस में लिए गए निर्णयों और उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: 1815 में संपन्न वियना सम्मेलन की मुख्य बातें निम्नलिखित थी:
  • नेपोलियन द्वारा बर्खास्त किए गए राजतंत्र को फिर से बहाल किया गया।
  • भविष्य में होने वाले युद्धों को रोकने के लिए एक सशक्त संविधान का निर्माण किया जाए।
  • पराजित राष्ट्र विजित राष्ट्र को क्षतिपूर्ति दे।
  • दास प्रथा को समाप्त किया गया।
  • फ्रांस में राजतंत्र बहाल कर पुराने राजवंश (ब्रूबों वंश) को शासन सत्ता सौंप दी जाए।
अथवा, उदारवादी राष्ट्रवाद के क्या मायने थे?
उत्तर: फ्रांस के उदारवादियों ने 1848 ई. में एक क्रांति की थी। इस क्रांति का उद्देश्य निरंकुश राजतंत्र समाप्त कर राष्ट्र राज्य का निर्माण करना था जिसके लिए उन्होंने एक संविधान का निर्माण किया था जिसमें प्रेस की स्वतंत्रता, संगठन बनाने की स्वतंत्रता, सार्वजनिक मताधिकार आदि महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। इस क्रांति ने लोगों के मन में राष्ट्र राज्य की भावना को प्रेरित किया तथा इसका प्रभाव यूरोप के अन्य देशों पर भी पड़ा। सांस्कृतिक एकरूपता के आधार पर एकीकरण तथा राष्ट्र राज्य के निर्माण के लिए कोशिशें तेज होने लगी। इस प्रकार 1848 उदारवादियों की क्रांति का अर्थ राष्ट्रवाद की विजय तथा शेष विश्व में राष्ट्र-राज्यों के अभ्युदय से लगाया जाता है।
उत्तर: उदारवादियों ने निम्नलिखित राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक विचारों को बढ़ावा दिया:
  • राजनीतिक विचार: निरंकुश राजतंत्र तथा विशेषाधिकारों का विरोध, मताधिकार पर आधारित संसदीय शासन और कानून के समक्ष सबकी बराबरी।
  • सामाजिक विचार: समाज में स्वतंत्रता की भावना का विकास और राष्ट्रराज्य के प्रति भक्ति का प्रचार-प्रसार।
  • आर्थिक विचार: उदारवादी बाजार व्यवस्था, जनता पर करों के बोझ में कमी और आम जनता का आर्थिक कल्याण।
अथवा, ज्यूसेपी मेत्सिनी पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: ज्यूसेपी मेत्सिनी इटली का एक महान क्रांतिकारी था। वह निरंकुश राजतंत्र का विरोधी तथा उदार लोकतंत्र का समर्थक था। उसने दो भूमिगत संगठन बनाए थे - 'यंग इटली' और 'यंग यूरोप'। मेत्सिनी ने इटली के एकीकरण की रूपरेखा तैयार की तथा बाद में उसके प्रयासों से ही इटली का एकीकरण संभव हुआ।
अथवा, राष्ट्र के विचार के निर्माण में संस्कृति की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: राष्ट्रीय पहचान के निर्माण में भाषा और लोक परंपराओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी राष्ट्र की आत्मा उसकी भाषा और लोक परंपराओं में निहित होती है। भाषा व्यक्ति की पहचान होती है जो उसकी मातृभूमि से जुड़ी होती है। पोलैंड में राष्ट्रवाद की भावना को जागृत करने के लिए इनका सफल प्रयोग किया गया।
उत्तर: ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शेष यूरोप की तुलना में निम्न प्रकार से भिन्न था:
  • क) 18 वीं शताब्दी के पहले ब्रितानी राष्ट्र नहीं था। यह एक लंबी प्रक्रिया के फलस्वरूप हुआ था। ब्रिटिश द्वीप समूह पर साझी नस्ल के अंग्रेज, स्कॉट और वेल्श लोग रहते थे जिनकी अपनी सांस्कृतिक और राजनीतिक परंपराएं थी।
  • ख) जैसे-जैसे अंग्रेज राष्ट्र की धन-दौलत, शक्ति और सत्ता में वृद्धि हुई, वह अन्य राष्ट्रों पर अपना प्रभुत्व बढ़ाने में कामयाब हुआ।
  • ग) 1688 में आंगल संसद ने राजतंत्र से ताकत छीन ली थी और एक राष्ट्रीय राज्य का निर्माण हुआ जिसके केंद्र में इंग्लैंड था।
  • घ) एक्ट ऑफ यूनियन 1707 से 'यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' का गठन हुआ जिससे इंग्लैंड का स्कॉटलैंड पर प्रभुत्व व्यावहारिक रूप से स्थापित हो गया।
  • ड़) 1801 में आयरलैंड को बलपूर्वक यूनाइटेड किंगडम में मिला लिया गया।
  • च) नए ब्रिटेन के प्रतीक चिन्हों, ब्रितानी झंडा और राष्ट्रीय गान को खूब बढ़ावा दिया गया।