राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

JAC Board Class 10th Geography Important Subjective Notes

Most Important Subjective Questions
उत्तर: परिवहन और संचार के साधनों को किसी देश की अर्थव्यवस्था की 'जीवन रेखा' (Lifelines) कहा जाता है क्योंकि: 1. वस्तुओं की गतिशीलता: कच्चे माल को कारखानों तक और तैयार माल को बाजारों तक पहुँचाने के लिए परिवहन अनिवार्य है। 2. राष्ट्रीय एकता: ये साधन देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ते हैं, जिससे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा मिलता है। 3. आर्थिक विकास: व्यापार, कृषि और उद्योगों का विकास परिवहन की गति पर निर्भर करता है। 4. सूचना का आदान-प्रदान: संचार के साधन दुनिया भर की खबरें और जानकारी पहुँचाते हैं, जिससे व्यापारिक सौदे आसान होते हैं। 5. आपातकाल में सहायता: युद्ध, अकाल या प्राकृतिक आपदा के समय परिवहन और संचार के साधन ही राहत सामग्री और सेना को तेजी से पहुँचाने में मदद करते हैं।
उत्तर: भारत में सड़क परिवहन का महत्व रेल परिवहन से अधिक होने के निम्नलिखित कारण हैं: 1. निर्माण लागत: सड़कों के निर्माण की लागत रेलवे लाइनों की तुलना में बहुत कम होती है। 2. उबड़-खाबड़ जमीन: सड़कें ढालू और ऊँचे-नीचे क्षेत्रों (जैसे हिमालय) में आसानी से बनाई जा सकती हैं, जहाँ रेल लाइन बिछाना कठिन है। 3. द्वार-से-द्वार सेवा: सड़क परिवहन सामान को सीधे उपभोक्ता के घर या दुकान तक पहुँचाता है, जबकि रेल में स्टेशन तक जाना पड़ता है। 4. लचीलापन: कम व्यक्तियों और कम दूरी के माल के परिवहन के लिए सड़कें अधिक सस्ती और उपयोगी हैं। 5. पूरक सेवा: सड़कें अन्य परिवहन के साधनों (जैसे रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों और पत्तनों) को जोड़ने वाली कड़ी के रूप में कार्य करती हैं।
उत्तर: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल जालों में से एक है, फिर भी इसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है: 1. बिना टिकट यात्रा: बहुत से यात्री बिना टिकट के यात्रा करते हैं, जिससे रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान होता है। 2. चोरी और नुकसान: रेलवे की संपत्ति की चोरी और माल को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाएँ आम हैं। 3. अनावश्यक जंजीर खींचना: बिना कारण जंजीर खींचकर गाड़ी रोकने से रेलगाड़ियाँ देरी से चलती हैं और ऊर्जा का नुकसान होता है। 4. पुराना बुनियादी ढाँचा: कई क्षेत्रों में पटरियाँ और सिग्नल व्यवस्था पुरानी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। 5. भौगोलिक बाधाएँ: दलदली क्षेत्रों और रेतीले इलाकों में रेल लाइन बिछाने और उनके रखरखाव में काफी कठिनाई आती है।
उत्तर: पाइपलाइन भारत के परिवहन मानचित्र पर एक नया साधन है, जिसका उपयोग कच्चे तेल, गैस और पानी को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता है। लाभ: 1. इसमें सामान भेजने की लागत बहुत कम आती है। 2. परिवहन के दौरान होने वाली देरी और बर्बादी (Transit loss) लगभग शून्य होती है। 3. इसे कठिन इलाकों और पानी के नीचे भी बिछाया जा सकता है। प्रमुख मार्ग: 1. ऊपरी असम के तेल क्षेत्रों से कानपुर (उत्तर प्रदेश) तक। 2. गुजरात के सलाया से जालंधर (पंजाब) तक। 3. HVJ पाइपलाइन: गुजरात के हजीरा को मध्य प्रदेश के विजयपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से जोड़ती है।
उत्तर: जल परिवहन सबसे सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का साधन है। महत्व: 1. यह भारी और स्थूल सामान ढोने के लिए सबसे उपयुक्त है। 2. इसमें ईंधन की खपत कम होती है। 3. विदेशी व्यापार का लगभग 95% हिस्सा समुद्री मार्ग से ही होता है। प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग (NW): 1. NW 1: गंगा नदी में प्रयागराज से हल्दिया तक (1620 किमी)। 2. NW 2: ब्रह्मपुत्र नदी में सादिया से धुबरी तक (891 किमी)। 3. NW 3: केरल में पश्चिमी तटीय नहर (205 किमी)।
उत्तर: भारत की 7,516 किमी लंबी तटरेखा पर 12 प्रमुख पत्तन स्थित हैं: 1. कांडला (गुजरात): यह स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला पत्तन है, जिसका उद्देश्य मुंबई पत्तन के भार को कम करना था। 2. मुंबई: यह भारत का सबसे बड़ा और प्राकृतिक पत्तन है। 3. न्यू मंगलौर (कर्नाटक): यहाँ से कुद्रेमुख खानों के लौह अयस्क का निर्यात होता है। 4. विशाखापत्तनम: यह भारत का सबसे गहरा और सुरक्षित पत्तन है। 5. हल्दिया: इसे कोलकाता पत्तन के सहायक पत्तन के रूप में विकसित किया गया है।
उत्तर: वायु परिवहन सबसे तीव्र, आरामदायक और प्रतिष्ठित परिवहन का साधन है। विशेषताएं: 1. यह दुर्गम स्थानों जैसे ऊँचे पहाड़ों, घने जंगलों और लंबी समुद्री दूरियों को बहुत कम समय में पार कर सकता है। 2. उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, मेघालय) के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है जहाँ नदियाँ, पहाड़ और घने जंगल सड़क निर्माण में बाधा बनते हैं। 3. आपदा प्रबंधन के दौरान यह सबसे प्रभावी भूमिका निभाता है। पवनहंस हेलिकॉप्टर्स लिमिटेड: यह तेल और प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) को दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करता है।
उत्तर: संचार के साधन दो प्रकार के होते हैं: निजी संचार (पत्र, टेलीफोन) और जनसंचार (रेडियो, टीवी, अखबार)। महत्व: 1. मनोरंजन और शिक्षा: आकाशवाणी और दूरदर्शन मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षाप्रद कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। 2. जागरूकता: जनसंचार माध्यम सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति जनता को जागरूक करते हैं। 3. व्यापार: इंटरनेट और डिजिटल संचार ने वैश्विक व्यापार को नई ऊँचाई दी है। भारत का डाक संचार तंत्र दुनिया में सबसे बड़ा है, जो लिखित संदेशों को देश के कोने-कोने तक पहुँचाता है।
उत्तर: दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन को 'अंतर्राष्ट्रीय व्यापार' कहते हैं। आर्थिक विकास का सूचक: 1. कोई भी देश अपनी सभी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर नहीं है, इसलिए व्यापार अनिवार्य है। 2. विदेशी मुद्रा की प्राप्ति अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से ही होती है। 3. व्यापार संतुलन: यदि निर्यात का मूल्य आयात से अधिक है, तो इसे 'अनुकूल व्यापार संतुलन' कहते हैं, जो देश की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। 4. इसके विकास से उद्योगों का विस्तार होता है और प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है।
उत्तर: भारत में पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन उद्योग में भारी वृद्धि हुई है: 1. रोजगार: लगभग 150 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग में लगे हुए हैं। 2. सांस्कृतिक लाभ: पर्यटन स्थानीय हस्तकला और सांस्कृतिक उद्यमों को बढ़ावा देता है। 3. विदेशी मुद्रा: विदेशी पर्यटक भारत में विरासत पर्यटन, पारिस्थितिकी पर्यटन, रोमांचकारी पर्यटन और चिकित्सा पर्यटन के लिए आते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। 4. राष्ट्रीय एकता: यह देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को आपस में जोड़कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।